बिजली उपभोक्ताओं को दी जाएगी छूट, हजारो नोटिस जारी
बालाघाट। पूर्व विद्युत वितरण कंपनी शनिवार 10 जुलाई को नेशनल लोक अदालत में हजारो प्रकरण रखेगी, बिजली चोरी एवं अनियमितताओं के प्रकरण को समझौते के माध्यम से निराकृत किया जाएगा। कोविड प्रोटोकाल के तहत लगने वाली लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रकरण रखकर समझौते के प्रयास जारी है, इसलिए जिले में नोटिस जारी किए गए है।
मप्र पक्षेविविक के मुख्य सतर्कता अधिकारी ने बताया कि प्रबंध निदेशक के निर्देशानुसार एवं मुख्य महाप्रबंधक के मार्गदर्शन में कंपनी जिलो में लोक अदालत की तैयारी चल रही है। इन जिलो के न्यायालयों में लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रकरण रखे जाने के लिए और ज्यादा वितरण केंद्र के माध्यम से प्रभावी तैयारी की जा रही है।
उन्होंने बताया कि विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 126 तथा धारा 135 के तहत बिजली चोरी एवं अनियमिताओ के प्रकरणो में लोक अदालत में समझौता होगा। प्री-लिटिगेशन स्तर के प्रकरणो में निम्रदाब श्रेणी के समस्त घरेलू, समस्त कृषि,5 किलोवॉट तक के गैर घरेलू एवं 10 अश्व शक्ति भार तक के औद्योगिक उपभोक्ताओ को छूट दी जाएगी। प्री लिटिगेशन स्तर पर सिविल दायित्व की राशि पर 30 प्रतिशत एवं ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। लिटिगेशन स्तर के प्रकरणो में सिविल दायित्व की राशि पर 20 प्रतिशत एवं ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी।
मुख्य सतर्कता अधिकारी ने बताया कि समझौतते वाले आवेदक को निर्धारित छूट के उपरांत शेष बिल आंकलित सिविल दायित्व एवं ब्याज की राशि का एकमुश्त भुगतान करना होगा। साथ ही उपभोक्ता/उपयोगकर्ता को विचाराधीन प्रकरण वाले परिसर एवं अनय परिसरो पर उसके नाम पर किसी अन्य संयोजन/संयोजनो के विरूद्ध विद्युत देयको की बकाया राशि का पूर्ण भुगतान भी करना होगा। लोक अदालत में छूट आवेदक द्वारा विद्युत चोरी/अनाधिकृत उपयोग पहली बार किए जाने की स्थिति में ही दी जाएगी।