2 साल से पुल बनने का इंतजार, ग्रामीणों को लगाना पड़ रहा
बालाघाट। दो साल से ज्यादा का समय गुजर जाने के बाद भी उम्मीदों का पुल नहीं बन सका है। पुल के अभाव में ग्रामीणजनों को 12 किमी का अतिरिक्त फेरा लगाकर गंतव्य स्थान की ओर जाना पड़ रहा है। कटंगी- खैरलांजी विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत पांजरा एवं गजपुर के बीच चंदन नदी पर बहुप्रतीक्षित पुल निर्माण की मांग क्ष्ज्ञेत्र में ही गूंजकर रह गई है। दरअसल पिछली बार लोकसभा चुनाव के दौरान जिले के सांसद ढालसिंह बिसेन बतौर प्रत्याशी ग्रामीणों से यहां पुल निर्माण का वादा किया था लेकिन वे सांसद बनने के दो साल बाद भी ग्रामीणों से किया वादा नहीं निभा पाए। इस तरह ग्रामीण सासंद की उपेक्षा के शिकार हो गए हैं।
इन गांवो के लोग परेशान
चंदन नदी पर पुल निर्माण न होने के कारण ग्राम पंचायत पांजरा, गजपुर एवं टटेकसा के ग्रामीणों को खासी दिक्कतो का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश में पुल के अभाव में ग्राम पांजरा के छात्रों को गजपुर स्थित हाईस्कूल जाने के लिए 12 किमी का सफर तय कर जराहमोहगांव होते हुए गजपुर जाना पड़ता है।
किसानों को भी खेती कार्य के लिए उठानी पड़ रही मुसीबत
जानकारी के अनुसार यहां पांजरा के करीब छह सैकड़ा कृषक गजपुर स्थित सेवा सहकारी समिति में पंजीकृत है। किसानों को भी बारिश में खेती से जुड़े विभागीय कार्यो के लिए यदि सहकारी समिति गजपुर जाना हो तो उन्हें भी यह लम्बा सफर तय करना पड़ रहा है। पांजरा के ग्रामीणों के नजदीकी उपस्वास्थ्य केंद्र गजपुर है इन दिनों ग्रामीण मरीजों के लिए नदी पार करना जोखिम भरा है इसलिए वे भी जराहमोहगांव होकर गजपुर आना-जाना कर रहे है। गजपुर एवं टटेकसा के हाट बाजार जाने के लिए पांजरा के ग्रामीणो को भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। खैरलांजी राजस्व मुख्यालय आना-जाना करने के लिए भी ग्रामीणो को परेशान होना पड़ रहा है।
मजबूरी बन गया, लम्बा सफर
इधर क्षेत्र के ग्राम पांजरा, दुधारा, मंगलगांव, जामखारी सहित अन्य ग्रामों के ग्रामीण खैरलांजी मुख्यालय आना-जाना करने के लिए इसी मार्ग से जाते है लेकिन बारिश में चंदन नदी का जल स्तर बढ़ते ही ग्रामीणो ने रास्ता बदल दिया है। 12 किमी.का अतिरिक्त फेरा तय करना उनकी मजबूरी बनकर रह गया है।