नागरिकों ने टैक्स कम करने के लिए की नारेबाजी, सीएमओ को सौंपा ज्ञापन

नागरिकों ने टैक्स कम करने के लिए की नारेबाजी, सीएमओ को सौंपा ज्ञापन



वारासिवनी। नगर पालिका परिषद वारासिवनी द्वारा लगातार कर में की जा रही वृद्धि के कारण कोरोना काल मे आम जनता परेशान है। मंगलवार को शहर के आम नागरिकों ने नगरपालिका कार्यालय पहुंच कर, कर कम करने के लिए नारेबाजी की। इसे लेकर नगर पालिका सीएमओ राधेश्याम चौधरी को ज्ञापन दिया है। मंगलवार को नगर दर्जन भर नगरवासियों ने सामूहिक रुप से नगर पालिका पहुंचकर मांगों को लेकर सीएमओ को ज्ञापन देकर कर में कमी करने की बात पर जोर दिया है। इस दौरानअनीस बेग, अनिल पिपरेवार, विवेक झुझार, गुड्डू सोनी,शैलेन्द्र सेठी,शैलेन्द्र तिवारी, सहित आम जनता उपस्थित थे।

नगरपालिका पहुंचे लोगों का कहना है कि कुछ माह पहले विभिन्ना करो को कम करने के लिए एसडीएम व नगर पालिका सीएमओ को एक ज्ञापन दिया गया था। उसके बाद अधिकारियों द्वारा आश्वासन दिया गया था। लेकिन उसके बाद भी नगर पालिका द्वारा कर को कम करने के स्थान पर बड़ी हुई दर पर वसूलना प्रारंभ कर दिया गया। जिससे जनता पर आर्थिक बोझ बड़ रहा है।

गरीब परिवार कहां से जमा कर पाएगा बड़ा हुआ कर: सुनील पिपरेवार

कोरोना काल मे वैसे भी अभी जनता परेशान है और महंगाई भी बहुत बढ़ गई है। इस समय मे टैक्स बढ़ाना गलत निर्णय है। मध्यम वर्गीय परिवार कहा से यह सभी टैक्स जमा कर पायेगा। जबकि कुछ माह पहले एक ज्ञापन एसडीएम व सीएमओ को भी दिया गया था। बावजूद उसके टैक्स को कम नही किया गया है।

पालिका में लगे फर्जी कर्मचारी के चलते बढ़ रहा जनता पर अतिरिक्त भार: राहुल अरोरा

नगर पालिका द्वारा जो विभिन्न कर बढय़ा गया है। वह कुछ तो ठीक है। मगर अभी कोरोना काल के चलते सभी आम जनता परेशान है। गरीब परिवार सालाना इतना बड़ा हुआ टैक्स कहां से जमा करेगा। वहीं नगर पालिका हमेशा कहती है कि नपा की आर्थिक स्थिति के कारण कुछ टैक्स बढ़ाया गया है। चूंकि नपा की आर्थिक स्थिति वहां पर फर्जी लगे कर्मचारीयो के कारण खराब है। जो बिना काम करे घर बैठे हर माह वेतन ले रहे हैं। जिसके चलते जनता पर अतिरिक्त भार बढ़ रहा है।

अतिरिक्त टैक्स बढ़ाना जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़: विक्की पटेल

नगर पालिका प्रशासन द्वारा बढ़ाये गए टैक्स के बारे में पूर्व नपाध्यक्ष विवेक पटेल ने कहा कि नपा द्वारा लगातार कोई न कोई टेक्स बढ़ाया जा रहा है।जिसके कारण गरीब व्यक्ति ये टेक्स जमा करने में नाकाम साबित हो रहा है। प्रशासन द्वारा जो टैक्स बढ़ाया जा रहा है। वो जनता की भावनाओ के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। नगर पालिका की जो कमाई है। वो इन्ही टैक्स के माध्यम से आती है।और इन्ही टैक्स के आवक से नपा को खर्च भी करना पड़ता है।बहुत ज्यादा टैक्स बढ़ाना जनता की भावनाओ के साथ खिलवाड़ करने के बराबर है।

नगर के कुछ आम नागरिकों द्वारा टैक्स बढ़ोतरी को लेकर ज्ञापन दिया है। उच्च अधिकारियों से चर्चा कर समस्या का समाधान किया जाएगा। नपा को कचरा प्रबंधक से करीब एक साल में लगभग 1 करोड़ 84 लाख 28 हजार 580 रुपये की लागत लगती है। वही घरों में नल कनेक्शन में नपा को लगभग एक साल में 1 करोड़ 29 लाख 60 हजार 300 रुपये का खर्च आता है। जिसका पूरा खर्च अब नगर पालिका ने टैक्स से वसूलने का मन बना ली है।

- राधेश्याम चौधरी,नपा वारासिवनी।

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