बाघों के साक्ष्य एवं व्यवहार का सूक्षमता से किया जाएगा अध्ययन
बालाघाट। प्रदेश में अखिल भारतीय बाघ आंकलन 2022 की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इन दिनों प्रदेशभर के टाइगर रिजर्व नेशनल पार्क में फील्ड स्टाफ के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। बालाघाट जिले के कान्हा टाइगर रिजर्व में 13 और 14 सितंबर 2021 को प्रशिक्षण कार्यक्रम होगा, जहां मास्टर टे्रनरो को बाघ आंकलन संबंधी प्रशिक्षण दिया जाएगा। मास्टर टे्रनरों द्वारा प्रशिक्षण लेने के बाद वे अपने वन अमले को प्रशिक्षण देंगे। गौरतलब है कि वन विभाग के संयोजन में मास्टर टे्रनर का पहला सत्र गांधी सागर अभ्यारण्य(नीमच) और माधव राष्ट्रीय उद्यान(शिवपुरी) में 17-18 अगस्त में आयोजित किया जा चुका है। 2018 से किए जा रहे अखिल भारतीय बाघ आंकलन की इस बबार खास बात यह है कि वन मंडल स्तरीय टे्रनर, जिसमें वरिष्ठ अधिकारियो के स्थान पर क्षेत्रीय कनिष्ठ स्तर के अधिकारियो को मास्टर टे्रनर बनाने की पहली की गई है। इससे पहले तक वरिष्ठ अधिकारियो द्वारा ही बाघों का आंकलन किया जाता था।
इन बिंदुओं पर दी जाती है टे्रनिंग
मुख्य वन संरक्षक नेरंद्र कुमार सनोडिया ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम के पहले सत्र में टे्रनिंग टू टे्रनर्स प्रोग्राम होता है। टे्रनर्स टे्रनिंग लेने के बाद अपने अमले को टे्रनिंग देते है। इसमें जंगल में बाघों के साक्ष्य की सूक्ष्मता से अध्ययन करना, पशु हानि, जन हानि, जन घायल जैसे बातों को आंकलन किया जाता है। इससे उस क्षेत्र में बाघ होने की जानकारी होना दर्शाता है। पेड़ के तने में खरोंच, मल-मूत्र जैसे साक्ष्य संकलित किए जाते है। जानकारी के अनुसार, प्रशिक्षण कार्यक्रम में भारतीय वन्य जीव संस्थान देहरादून(डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया)और वन विभाग के अनुभवी और दक्ष अधिकारियों द्वारा वन मंडल के मास्टर टे्रनर को प्रशिक्षित जाता है।
दो सूत्रों में प्रशिक्षण
वन मंडल समन्वयकों का दो दिवसीय प्रशिक्षण (13 व 14 सितंबर) दो सत्रों में होगा। प्रत्येक सत्र में 40 वनमंडल स्तरीय समन्वयक होंगे। बालाघाट सर्किल से बालाघाट नॉर्थ व साउथ के एसडीओ व लामटा प्रोजेक्ट के रीजनल मैनेजर प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होंगे। वे यहां प्रशिक्षण लेकर अपने-अपने जोन के अमले को प्रशिक्षण देंगे। 13-14 सितंबर को बालाघाट के अलावा जबलपुर, रीवा, सागर, शहडोल, सिवनी, छिंदवाड़ा अन्य वृतो की इकाईयों के अधिकारी शामिल होंगे।
इस बार एप के जरिए होगा डेटा कलेकशन
जानकारीअनुसार, इस बार बाघ आंकलन में डेटा कलेक्षन पूरी तरह डिजिटल माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए बनाए गए विशेष्ज्ञ ईकोलॉजिकल एप कीक मदद ली जाएगी। जिससे बाघो से जुड़े डेटा फीड किए जाएंगे। इसमें प्रदेश भर की 9 हजार सीटों में पेपर लेस डेटा इकठ्ठे किए जाएंगे। इस नए सिस्टम के बारे में भी मास्टर टे्रनर्स को प्रशिक्षित किए जाने की योजना है।
जिले में बाघ आंकलन संबंधी प्रशिक्षण कार्यक्रम कान्हा टाइगर रिजर्व मे होगा। जहां टे्रनर्स को टे्रनिंग दी जाएगी, फिर टे्रनर्स अपने अमले को प्रशिक्षण देंगे।
नरेंद्र कुमार सनोडिया, मुख्य वन संरक्षण बालाघाट