कोरोना की मार को रोकने वैक्सीन बनेगी हथियार, वैक्सीनेशन बढ़ाने की जा रही कवायद
बालाघाट। जिले में कोरोना की दूसरी लहर ने हालात इतने बेकाबू कर दिए हैं कि कोरोना के संक्रमण की रोकथाम के लिए अपनाएं जा रहे विकल्प को अपनाने में अब लोग तनिक भी परहेज नहीं कर रहे हैं। कोरोना के डर ने तीसरी लहर की तैयारियां आने से पहले ही पूर्ण करा दी हैं और इससे लडऩे में कारगर माने जाने वाले महत्वपूर्ण विकल्प वैक्सीनेशन के प्रति प्रशासन जहां सजग नजर आ रहा। वहीं, लोग भी जागरूकता के साथ आगे आ रहे हैं। प्रारंभ में जिले में वैक्सीनेशन की गति धीमी थी अब लोगों में इतनी जागरूकता आ गई है कि सरकार और प्रशासन वैक्सीन की पूर्ति नहीं कर पा रहे है। शुरूआत में जहां इक्का-दुक्का लोग ही वैक्सीनेशन कैंप तक पहुंच पाते थे। अब हालात यह हैं कि कैंप लगने की खबर सुनते ही सुबह से लोगों की लंबी कतार नजर आती है। निश्चित डोज मिलने पर अनिश्चित भीड़ जरूर तकलीफ देय है। जिसका समाधान नहीं हो पा रहा है ऐसे में जब तीसरी लहर से लडऩे वैक्सीन को ही हथियार माना जा रहा है तो इसके इंतजाम की कमी चिंता का विषय बनी हुई है। हालांकि जिले में करीब साढ़े छह लाख लोगों को वैक्सीन लग चुकी है।
जिले में छह लाख 55000 लोगों को वैक्सीन लग चुकी है। जिसमें 552898 लोगों को वैक्सीन का पहला डोज लगाया जा चुका है। वहीं, एक लाख से अधिक लोगों को दूसरा डोज भी लगाया जा चुका है। जिले में कोवैक्सीन करीब 49000 लोगों को लगाई गई है। जबकि 600000 से अधिक लोगों को कोविडशील्ड लगाई गई है।
स्थिति आकाड़ों में -
- कुल वैक्सीनेशन - 655959
- पहला डोज- 552898
- दूसरा डोज- 103061
- कोविशील्ड- 606050
- कोवैक्सीन- 49909
पुरूष- 340900
महिला- 314969
उम्र वर्ग
18 से 44- 319227
45 से 60- 192637
60 से अधिक- 144095
जिले में वैक्सीनेशन कैंप ब?ाकर वैक्सीनेशन बढ़ाया जा रहा है। सामाजिक संगठन भी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे है। अब तक बालाघाट में साढ़े छह लाख लोगों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है। कोरोना की तीसरी लहर से लडऩे में यह मजबूती प्रदान करेगी। यही संक्रमण की रोकथाम में कारगर साबित होगी।
डॉ. परेश उपलव, जिला टीकाकरण अधिकारी बालाघाट।