तीन परिवारों को नहीं मिला पीएम आवास योजना का लाभ, झोपड़ी में बिता रहे जीवन
किरनापुर। केंद्र सरकार प्रत्येक गरीब पक्की छत के नीचे रहे,इस मकसद से पीएम आवास का लाभ दिलाने का दावा कर रही है।लेकिन अनेक पंचायतों में गरीबों को पीएम आवास योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।जिससे उन्हें झोपड़ी में ही ठंड गर्मी और बारिश गुजारनी पड़ती है।ये हालात इन दिनों जनपद पंचायत किरनापुर की ग्राम पंचायत पाथरी में देखने को मिल रहा है।यहां पर तीन परिवारों को पीएम आवास का लाभ अभी तक नहीं मिल सका है।ऐसे में उन्हें 20 से 25 वर्षों से झोपड़ी में ही रहना पड़ता है।इसकी शिकायत ग्राम प्रधान से लेकर अफसरों से कई बार की गई। बावजूद इसके कोई सुध लेने को तैयार नहीं है।
ग्राम पाथरी निवासी निर्मला पति बैनी ने 20 से 25 वर्षों से झोपड़ी में रहते है। गरीब बेसहारा महिला का कच्ची झोपड़ी जो लकड़ी बांस और झिल्ली से बनी हुई है प्रतिवर्ष खराब हो जाती है। जिसकी मरम्मत करने के लिए हर साल तीन से चार हजार रुपये खर्च कर झोपड़ी को पन्नाी से ढकते हुए सुधार कार्य किया जाता है।अपनी इस समस्या से अवगत कराते हुए निर्मला बाई ने बताया कि उनका नाम वर्ष 2011 की सूची में भी शामिल है, लेकिन पंचायत के जिम्मेदारों द्वारा पता नहीं क्यों उसे पीएम आवास योजना का लाभ नहीं दिलवाया जा रहा है।जबकि वह बहुत गरीबी में जीवन यापन कर रहे हैं। निर्मला बाई ने उसे पीएम आवास योजना का लाभ प्रदान करवाएं जाने की मांग की है।वहीं, गांव की अन्य समस्याओं के बारे में ग्रामीणों ने जानकारी में बताया कि जो लोग बहुत गरीब है उन्हें प्राथमिक ता देकर उनके मकान बनवाए जा सकते हैं,पर ग्राम पंचायत पाथरी के जिम्मेदार प्रतिनिधियों का अधिकतर ध्यान निर्माण कार्य को कराने में रहता है, लेकिन हितग्राही मूलक योजनाओं का लाभ हितग्राहियों को दिलाने में उनकी दिलचस्पी दिखाई नहीं देती।जिसके कारण अनेक हितग्राही योजनाओं का लाभ लेने के लिए पंचायत के चक्कर काटते रहते है और उनकी फरियाद को अनसुना कर गुमराह करने का कार्य किया जा रहा है। जिससे लोगों को अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
महिला का नाम सेक डाटा की सर्वे सूची में शामिल है। अभी उसका नंबर नहीं आया है।
महेश कोसरकर,ग्राम रोजगार सहायक ग्रापं पाथरी।