मध्यप्रदेश में चल रहा जंगलराज: पूर्व सांसद कंकर मुंजारे

 मध्यप्रदेश में चल रहा जंगलराज: पूर्व सांसद कंकर मुंजारे




बालाघाट। पूर्व सांसद मुंजारे बुधवार को एक प्रेसवार्ता आयोजित की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी सरकार का जंगलराज चल रहा है, कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है। मध्यप्रदेश में आदिवासियों को इज्जत, सम्मान और आजादी से जीना मुश्किल हो गया है।

श्री मुंजारे ने आरोप लगाया कि शिवराज सरकार के संरक्षण में बालाघाट के पुलिस अधीक्षक अभिषेक तिवारी एवं कलेक्टर दीपक आर्य ने हत्या के गंभीर मामले में लीपा-पोती कर रफा-दफा कर दिया है। मुंजारे ने आगे कहा कि बालाघाट जिले में 6 सितंम्बर 2020 को छत्तीसगढ़ राज्य के कबीरधाम जिले के गांव बालसमुन्द के निवासी झामसिंह धुर्वे पिता पंचू सिंह धुर्वे उम्र 55 वर्ष गोंड आदिवासी किसान की बालाघाट जिले की गढ़ी थाने की पुलिस ने गोली मारकर हत्या कर दी। उसके साथी नेमसिंह धुर्वे को भी पुलिस द्वारा मारने की कोशिश की गई लेकिन वह बच गया और भागकर अपनी जान बचाई झामसिंह धुर्वे को पुलिस ने नक्सली पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने की पूरी फर्जी, झूठी, गनगढ़त कहानी बनायी गई। 06 सितम्बर, 2020 को झामसिंह धुर्वे और नेमसिंह धुर्वे अपने गांव के 5 लोगो के साथ बालाघाट जिले के अन्तर्गत कान्हा नेशनल पार्क के सूपखार वन परिक्षेत्र में गट्टा नाले में छड़ी से मछली मारने गये थे। पानी गिरने के बाद 5 लोग वापस चले गये थे। उसके थोड़ी देर बाद झामसिंह धुर्वे एवं नेमसिंह धुर्वे की मौके पर ही मृत्यु हो गई, नेमसिंह धुर्वे को भी पुलिस के द्वारा गोली मारी गई लेकिन गोली उसके कान के पास से होकर गुजर गई और वह भाग गया। दूसरे दिन 7 सितम्बर 2020 को गांव के लोगो के साथ जंगल में जाकर घटना स्थल पर झामसिंह धुर्वे को ढूंढा तो वह वहां पर नही मिला तो सभी लोग घर वापस आ गये। बाद में मालूम पड़ा की झामसिंह धुर्वे की लाश घटना स्थल से एक किमी दूर सड़क से 100 मीटर की दूरी पर झामसिह धुर्वे की लाश मिली है। इस घटना के संबंध में गढ़ी पुलिस थाने में एफ.आई.आर दर्ज कराई गई तथा एक बार गढ़ी तथा दो बार बालाघाट जिला मुख्यालय में हजारो आदिवासियो ने हत्यारो को गिरफ्तार करने और न्याय दिलाने की मांग को लेकर आंदोलन प्रदर्शन किया गया परन्तु आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। कलेक्टर दीपक आर्य के द्वारा खानापूर्ति करने के लिए अपर कलेक्टर से मजिस्ट्रीयल जांच कराकर मामले की लीपा-पोती कर हत्यारो को बचा कर मामले को रफा दफा कर दिया गया। नवम्बर 2018 से वर्ष 2020 तक बालाघाट जिले में 2 वर्षो में 5 फर्जी नक्सली पुलिस एन्काउटर में सात लोगों की गोली मार कर हत्या कर दी गई है। पांचो फर्जी एकान्टर की मजिस्ट्रीयल जांच कराकर मामले को रफा दफा कर दिया गया है।

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