सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान करने पर लगेगा 200 रुपये का जुर्माना
बालाघाट। कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में 22 सितंबर को कलेक्ट्रेट सभागार बालाघाट में तंबाकू नियंत्रण के लिए जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।कार्यशाला में मध्यप्रदेश वॉलंटरी हेल्थ एसोसिएशन के संभागीय समन्वयक नेतराज सिंह परिहार के द्वारा अधिकारियों को तंबाकू से होने वाले गंभीर परिणामों एवं जिले के सभी शैक्षणिक संस्थानों,शासकीय कार्यालय,सार्वजनिक स्थान को तंबाकू मुक्त क्षेत्र बनाने के लिए जानकारी दी गई।यह कार्यशाला स्वास्थ्य विभाग,शिक्षा,परिवहन,सड़क,बिजली विभाग,महिला एवं बाल विकास विभाग,राजस्व विभाग,नगर पंचायत,खाद्य विभाग एवं जनपद पंचायत आदि विभाग प्रमुख व अधिकारियों द्वारा तंबाकू नियंत्रण एवं कोटपा कानून प्रभावी का क्रियान्वयन करने आयोजित की गई।कार्यशाला में 80 से 90 अधिकारियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने तंबाकू नियंत्रण के लिए सतत रूप से कार्य करने एवं सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान करने वालों पर कोटपा कानून के अंतर्गत कार्रवाई करने की सलाह दी।उन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर के अंदर तंबाकू सेवन एवं धूम्रपान करने वालों पर भी जुर्माना करने और सभी सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान निषेध के बोर्ड लगाने के लिए कहा।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर मनोज पांडेय ने जिले में सभी सार्वजनिक स्थानों पर जुर्माना करने के लिए जिला तंबाकू नियंत्रण समिति को सक्रिय करने का आश्वासन दिया।कार्यशाला में बताया गया कि तंबाकू सेवन एवं धूम्रपान के कारण कैंसर से 12 से 13 लाख मौत भारत में हो रही है।मध्य प्रदेश वॉलंटरी हेल्थ एसोसिएशन के संभागीय समन्वयक नेतराज सिंह परिहार द्वारा अधिकारियों को तंबाकू से होने वाले गंभीर परिणामों की जानकारी प्रजेंटेशन के माध्यम से दी गई।जिसमें बताया गया कि भारत सरकार द्वारा तम्बाकू नियंत्रण अधिनियम कोटपा की धारा चार के तहत दो अक्टूबर 2008 से देश के सभी सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान प्रतिबंधित किया गया है।यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थल पर धूम्रपान करते पाया जाता है तो उस पर 200 रुपये का जुर्माना लगाया जाना चाहिए।सार्वजनिक स्थल के मालिक प्रोपराइटर,प्रबंधक या प्रभारी अधिकारी धारा चार के उल्लंघन की सूचना पर कार्रवाई करने में असफल रहता है तो उस पर भी जुर्माना किया जा सकता है।धारा चार के अनुसार सभी सार्वजनिक स्थानों पर न्यूनतम 60 गुणा 30 सेमी का बोर्ड लगाना अनिवार्य है।जिस पर गैर धूम्रपान क्षेत्र यहां धूम्रपान करना अपराध है लिखा होना चाहिए।इस बोर्ड पर शिकायत के लिए संस्थान के अधिकारी का नाम एवं मोबाइल नंबर भी होना चाहिए।कोटपा अधिनियम की धारा पांच के अंतर्गत तंबाकू उत्पादों के प्रचार प्रसार के लिए विज्ञापन उनके द्वारा प्रायोजन एवं प्रोत्साहन प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से निषेध है।फिल्म या टेलिविजन में कोई व्यक्ति या कोई पात्र तंबाकू उत्पादों का उपयोग करते हुए प्रदर्शित नहीं किया जा सकता है।धारा पांच का उल्लंघन करने प्रथम बार दो वर्ष के कारावास एवं एक हजार रुपये का जुर्माना किया जा सकता है।दूसरी बार उल्लंघन पर पांच वर्ष के कारावास एवं पांच हजार रुपये के जुर्माना का प्रावधान है।कोटपा अधिनियम की धारा छह के अंतर्गत 18 वर्ष से कम आयु के बच्चे को व उनके द्वारा किसी भी प्रकार के तंबाकू पदार्थ को खरीदना व बेचना अपराध है। किसी भी शैक्षणिक संस्था के 100 गज 300 फीट के दायरे में तंबाकू बेचना अपराध है।100 गज की दूरी को शैक्षणिक संस्था की चारदीवारी,बाढ़ या बाहरी सीमा से त्रिज्या के आधार पर मापा जाएगा।कोटपा अधिनियम की धारा सात के अनुसार प्रत्येक तंबाकू उत्पाद पर 85 प्रतिशत मुख्य भाग पर चित्रात्मक स्वास्थ्य चेतावनी होना चाहिए। जिसमें कैंसर के घाव का चित्र होना चाहिए और यह चेतावनी हर 12 महीने में बदली जाना है।12 माह के बाद चेतावनी में शामिल केंसर के घाव का चित्र बदलना है।कार्यशाला में बताया गया कि तंबाकू उत्पाद बेचने वाली दुकानों को वेंडर लाइसेंसिंग लेना होता है।इसके बिना तंबाकू उत्पादों का विक्रय नहीं किया जा सकता है।तंबाकू उत्पाद की बिक्री करने वाली दुकानों पर मुख्य रूप से बच्चों को आकर्षित करने वाली बिस्किट, चाकलेट, चिप्स आदि नहीं बेचे जा सकते है।