हाईकोर्ट ने पूछा-क्यों नहीं दर्ज किया गया प्रकरण
बालाघाट। मप्र हाईकोर्ट के जस्टिस विशाल धगट की एकलपीठ ने प्रमुख सचिव गृह, बालाघाट एसपी, वारासिवनी एसडीओपी और थाना प्रभारी को नोटिस जारी कर पूछा है कि सिंधी समिति के पदाधिकारियो पर प्रकरण क्यों नही दर्ज किया गया। एकलपीठ ने अनावेदको को 6 सप्ताह में जवाब देने का निर्देश दिया है।
यह याचिका वारासिवनी निवासी विनोद सचदेवा ने दायर की है। याचिका में कहा गया है कि वारासिवनी की सिंधी समिति का पंजीयन वर्ष 2007 में हुआ था। समिति ने 11 वर्ष तक यानी वर्ष 2018 तक आय-व्यय का ऑडिट नहीं कराया। अधिवक्ता उत्कर्ष अग्रवाल ने कहा कि याचिकाकर्ता ने वारासिवनी थाना प्रभारी को आवेदन देकर समिति के पदाधिकारियो के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने के लिए आवेदन दिया। थाना प्रभारी ने कहा कि समिति के पदाधिकारियो के खिलाफ संज्ञेय अपराध नहीं बनता है, इसलिए उन पर प्रकरण दर्ज नहीं किया जा सकता है। प्रारंभिक सुनवाई के बाद एकलपीठ ने अनावेदकों को नोटिस जारी किया है।