छात्र-छात्राओं ने नहीं लगाई वैक्सीन, तो कॉलेज में नहीं मिलेगा प्रवेश

 छात्र-छात्राओं ने नहीं लगाई वैक्सीन, तो कॉलेज में नहीं मिलेगा प्रवेश



बालाघाट। कोरोना वायरस संक्रमण की तीसरी लहर के डर के बीच अब जिले में सामान्य हालत की स्थिति निर्मित की जा रही है। एक सितंबर से जहां कक्षा छठवीं से लेकर 12 वीं तक के स्कूल का संचालन शुरु हो गया है। वहीं अब 15 सितंबर से कॉलेजों का नियमित संचालन शुरु हो जाएगा। हालांकि उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार 50 प्रतिशत क्षमता के साथ ही कॉलेजों का संचालन हो सकेगा।

छात्र-छात्राओं को देना होगा वैक्सीन लगाने का घोषण पत्र: कॉलेजों के संचालन शुरु होने की प्रक्रिया में जहां जिले के अग्रणी महाविद्यालय के स्टाफ ने पूर्ण रुप से कोरोना वैक्सीन के डोज लगा लिए है। वहीं कन्या महाविद्यालय के स्टाफ ने भी पूरे डोज लगवा लिए है, लेकिन बुधवार को कॉलेज पहुंचने वाले छात्र-छात्राओं को कम से कम वैक्सीन का प्रथम डोज लगाने का घोषणा पत्र लाना होगा जिसके बाद ही उन्हें कॉलेज के अंदर प्रवेश करने मिलेगा अन्यथा वे विद्यार्थी ऑनलाइन ही पढ़ाई कर पाएंगे। इसके अलावा छात्र-छात्राओं को माता-पिता की अनुमति का पत्र भी लाना होगा।

अग्रणी महाविद्यालय करेगा निरीक्षण: कोरोना के बीच कॉलेज संचालक के दौरान कोरोना नियमों का पालन कराने, बैठक व्यवस्था व्यवस्थित करने के साथ ही अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने जिससे कि संक्रमण फैल न सके। इसके लिए जिला स्तर पर अग्रणी पीजी महाविद्यालय जिले के समस्त 13 संचालित कॉलेजों का नियमित निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लेगा। इसी प्रकार अग्रणी महाविद्यालय के निरीक्षण के लिए भी टीम गठित की गई हैं। अग्रणी महाविद्यालय की टीम ने मंगलवार को कमला नेहरु कन्या महाविद्यालय का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया हैं।

फोकस पाइंट

-जटाशंकर त्रिवेदी महाविद्यालय में पिछले वर्ष साढ़े आठ हजार छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं और एडमिशन की प्रक्रिया शुरु है।

-कन्या महाविद्यालय में साढ़े चार हजार छात्राएं पंजीकृत है और 30 सितंबर तक एडमिशन की प्रक्रिया चलेगी।

-तीन दिन ऑनलाइल तो तीन दिन ऑफलाइन कक्षाओं का संचालन किया जाएगा।

-कॉलेज के गेट पर टेंपरेचर की जांच होगी और सेनिटाइज के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा।

-दूर-दूर होगी बैठक व्यवस्था, कक्षाएं छूटने के बाद कक्ष होंगे सेनिटाइज।

कॉलेज के संचालन के लिए समस्त व्यवस्थाएं व्यवस्थित कर ली गई है। छात्र-छात्राओं को दो घोषणा पत्र लाना होगा। 50 प्रतिशत क्षमता के साथ कॉलेज का संचालन करने की स्थिति में तीन-तीन दिन कक्षाओं का संचालन किया जाएगा। कॉलेज में प्रवेश उन्हीं विद्यार्थियों को मिलेगा जिन्होंने एक भी डोज लगवा लिया हैं।

-डॉ. अरविंद वासनिक, नोडल अधिकारी, पीजी कॉलेज।

कन्या महाविद्यालय में साढ़े चार हजार छात्राएं अध्यनरत है। शासन के निर्देशानुसार कक्षाओं को सेनिटाइज किया गया है। वहीं 50 प्रतिशत क्षमता के अनुसार टाईम टेबल का भी निर्धारण किया गया है। समस्त स्टाफ का वैक्सीन का कार्य भी पूर्ण हो चुका है।

निधि ठाकुर प्रोफसर, कन्या महाविद्यालय।

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