जिले में डेंगू के मिले दो नए मरीज, कुल संख्या हुई चार
बालाघाट। जिले में कोरोना के बाद डेंगू ने चिंता बढ़ा दी है। जिले में अब तक शासकीय कीट से जांच के बाद चार लोगों की डेंगू पाजिटिव रिपोर्ट आ चुकी है। जिसमें दो मरीजों की इलाज के बाद स्वास्थ्य होने पर उन्हें छुट्टी दे दी गई है। वहीं प्रदेश में डेंगू की रोकथाम के लिए प्रदेश सरकार द्वारा प्रारंभ किए गए। डेंगू पर प्रहार अभियान के पहले ही दिन दो नए मरीज डेंगू पाजिटिव पाए गए है। जो माइग्रेट है अर्थात हाल के दिनों में बाहर से आए थे। जिन्हें बुखार आने पर जब उनका डेंगू जांच के लिए एलाइजा टेस्ट किया गया तो वह पाजिटिव पाए गए है। जिसमें एक व्यापारी और एक नर्सिंग की छात्रा है। एक बालाघाट नगरीय क्षेत्र के गौरीशंकर नगर और दूसरी नर्सिंग छात्रा लालबर्रा की रहने वाली है। बता दें कि जिले में दो मरीजों की डेंगू मौत भी हो चुकी है जिन्हें डेंगू का संदिग्ध भी माना जा रहा हैं।
सूरत और जबलपुर से आए दोनों मरीज:
जानकारी अनुसार नगरीय क्षेत्र के गौरीशंकर नगर का जो डेंगू पाजिटिव मरीज मिला है वह खरीदी करने सूरत गया था। जहां से वह बीमार होकर लौटा था जब उसका बुखार कम नहीं हुआ तो उसका टेस्ट कराया गया था, जिसमें वह पाजिटिव मिला है। जबकि लालबर्रा की नर्सिंग छात्रा डेंगू प्रभावित जबलपुर क्षेत्र से आई थी। जिसे भी फीवर होने पर उसका टेस्ट कराया गया तो वह भी डेंगू पाजिटिव पाई गई। छात्रा के प्लेटलेट्स कम होने पर उसे परिजन बेहतर इलाज के लिए नागपुर लेकर गए है।
फीवर आने पर अनदेखा न करें, कराएं जांच:
जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि सामान्यत डेंगू बीमारी के लक्षण छह से सात दिनों में दिखाई देने लगते है। कुछ लोगों में कुछ देरी से भी दिखाई देते है। जब फीवर आना शुरू होता है तो हम उसे सामान्य बुखार समझकर अनदेखी करते है और दवाएं लेते है, लेकिन जब बुखार की दवा पैरासिटामॉल लेते समय में भी बुखार नहीं उतर रहा है तो हमें समझ जाना चाहिए कि यह डेंगू का बुखार है। जिसकी बिना अनदेखी कर टेस्ट कराएं और अपना इलाज कराएं। उन्होंने कहा कि सरकार ने डेंगू से प्रहार अभियान का 15 सितंबर से प्रारंभ किया है। जिसके तहत आम लोग डेंगू को लेकर सतर्कता बरते और पानी की टंकी को साफ और ढांक कर रखना है। कहीं भी पानी जमा नहीं होने देना है। क्योंकि जमे हुए पानी में ही डेंगू का मच्छर पनपता है। पानी जमा होने पर कीटनाशक का छिड़काव करते रहें।
इनका कहना...
दो माइग्रेट मरीजों के टेस्ट में डेंगू की पुष्टि हुई है। जिसमें एक की हालत स्थिर है। वही दूसरे मरीज की स्थिति ठीक नहीं होने पर उसे परिजन नागपुर लेकर गए है। जिले में अब तक कुल चार डेंगू पाजिटिव मरीज मिले है। जिनमें से दो की इलाज उपरांत छुट्टी हो चुकी हैं।
-मनीषा जुनेजा, जिला मलेरिया अधिकारी।