6 सैकड़ा मजदूरों को 3 माह से नहीं मिली पगार, कर्ज लेकर जला रहे घर का चूल्हा
बालाघाट। नपा में कार्यरत करीब छह सैकड़ा दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को पिछले तीन महीने से पगार नहीं मिली है। समय पर मजदूरी का भुगतान नहीं होने के कारण इन मजदूरों को जीवन-यापन करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मजदूरी की आस लगाए बैठे इन मजदूरों का कहना है कि गुरूवार से नवरात्र दुर्गा पुजा शुरू हो रही है। ऐसी स्थिति में उनके समक्ष विषम परिस्थति निर्मित हो गई है। कर्ज के बोझ तले मजदूरों का कहना रहा कि समय पर वेतन भुगतान नहीं होने के कारण रसोई गैस, किराना सासमान एवं हर जरूरतों की चीजे उन्हें उधारी में अथवा कर्ज लेकर क्रय करने मजबूर होना पड़ रहा है।
बजट नहीं तो ठेकेदारो को भुगतान कैसे?
सूत्रों का तो दबी जुबान में यहां तक कहना है कि एक ओर नगर पालिका प्रशासन बजट का अभाव बताकर मजदूरों को भुगतान नहीं कर पा रहा है जबकि निर्माण एजेंसी के ठेकेदारों के लिए बकायदा सिफारिशों पर चेक काटे जा रहे हैं, जिसके चलते नगरपालिका में कार्यरत सैकड़ों दिहाड़ी मजदूरों के बीच आक्रोश व्याप्त है।
हर बार क्यों पैसों के लिए तरसते हैं दैवेभो
यह पहला मौका नहीं है, जब दैनिक वेतन भोगी कर्र्मचारियों को अपनी हक के पैसों के लिए नपा प्रशासन की राह देखनी पड़ रही है। इसके पूर्व भी दैवेभो कर्मचारियों को कभी एक तो कभी दो महीने का भुगतान किया जाता है। एकमुश्त राशि कभी भी उन्हें प्रदाय नहीं की जाती है। हैरानी की बात तो यह है कि पिछले तीन महीने से इन्हें भुगतान नही हो पाया है। ऐसे में यक्ष प्रश्र यह है कि आखिर इन गरीब मजदूरों के घरो के चूल्हे जलाए रखने के लिए आखिर सथानीय प्रशासन एवं जिम्मेदार माननीयों द्वारा क्यों सकारात्मक कदम नही उठाए जा रहे है।
इन कर्मियों को समय पर हो रहा भुगतान
जानकारी के अनुसार, नपा बालाघाट में करीब 1100 से अधिक कर्मचारी कार्यरत है। इनमें से करीब 600 मजदूर दैवेभो तथा शेष कर्मी नियमित एवं विनियमितीकरण में स्थाई हो चुके हैं, जिन्हें हर माह समय पर भुगतान किया जा रहा है, परन्तु दिहाड़ी मजदूर समय पर भुगतान पाने से वंचित हो रहे है।
हर माह 50 से 60 लाख का भुगतान
नगरपालिका में कार्यरत सभी दैवेभो कर्मचारियो को हर महीने करीब 50 से 60 लाख रूपये से ज्यादा का भुगतान किया जाता है। अन्य खर्चो में हर महीने कुल एक से डेढ़ करोड़ की राशि व्यय होती है, लेकिन बजट के अभाव में आर्थिक व्यवस्था पूरी तरह से गड़बड़ा गइ्र है। शासन से मिलने वाली राशि भी नपा को पिछले कुछ महीने से नहीं मिल पा रही है जिसकी वजह से मजदूरों को समय पर भुगतान करने में दिक्कते आ रही है।
इनका कहना है
राजस्व की वसूली एवं बजट के अभाव में नपा के दैनिक वेतनभोगी मजदूरों को मजदूरी का भुगतान नहीं हो पाया है। भुगतान को लेकर व्यवस्था बनाई जा रही है। राजस्व की वसूली को लेकर कड़े निर्देश दिए गए है ताकि त्यौहार को देखते हुए जल्द से जल्द मजदूरों को उनके वेतन का भुगतान किया जा सके।
सतीश मटसेनिया,
सीएमओ, नपा