आंबेडकर चौक पर बाबा साहेब की प्रतिमा पर बौद्ध अनुयायियों ने किया माल्यार्पण
बालाघाट। धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस भारतीय बौद्धों का एक प्रमुख उत्सव है। प्रतिवर्ष बौद्ध अनुयाई एकत्रित होकर अशोका विजयादशमी 14 अक्टूबर में मनाते हैं। बालाघाट मुख्यालय में भी 14 अक्टूबर को 65 वां धम्म चक्र प्रवर्तन दिवस मनाया गया। इस अवसर पर बौद्ध अनुयायियों ने डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। अशोका विजयादशमी के दिन ही डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने नागपुर में अपने 5 लाख अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म अपनाया था। बाबा साहेब ने जहां बौद्ध धम्म की दीक्षा ली थी आज वह भूमि दीक्षाभूमि के नाम से जानी जाती है।अशोका विजयादशमी पर विश्व के कई देशों व भारत के हर राज्यों से बौद्ध अनुयाई हर साल दीक्षाभूमि नागपुर पहुंचते है और इस दिन को एक उत्सव के रूप में मनाते हैं। यह उत्सव डॉ. आंबेडकर के बौद्ध अनुयायियों द्वारा मनाया जाता है। दीक्षाभूमि सहित स्थानीय स्तर पर भी धम्म चक्र प्रवर्तन दिवस मनाया जाता है।
अशोका विजयादशमी में मुख्यालय में धम्म चक्र प्रवर्तन दिवस मनाया गया। नगर में 65 वां धम्म चक्र प्रवर्तन दिवस फूले.आंबेडकर सार्वजनिक जयंती समारोह समिति द्वारा आयोजित किया गया। समिति पदाधिकारी सरिता सिंघनधुपे ने बताया कि अशोका विजयादशमी के अवसर पर मुख्यालय में 65 वां धम्म चक्र प्रवर्तन दिवस मनाया गया। जिसके तहत सुबह 10 बजे आंबेडकर चौक में पंचशील ध्वजारोहण कर बौद्ध धर्म अंगीकार करने वाले डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर की प्रतिमा पर बौद्ध अनुयायियों द्वारा माल्यार्पण किया गया। जिसके बाद कार्यक्रम स्थल पंचशील समता बौद्ध विहार बुढ़ी में पूज्य भंतो द्वारा धम्म देशना और भोजनदान का कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में बौद्ध अनुयायियों ने शामिल थे।