नल-जल योजना के बिजली बिल जमा करने के बाद भी हो जाती है बचत

 नल-जल योजना के बिजली बिल जमा करने के बाद भी हो जाती है बचत



बालाघाट। पंचायत व ग्रामीण विकास विभाग मध्यप्रदेश शासन के प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव ने मंगलवार को जिले के प्रवास के दौरान ग्रामीण विकास कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आजीविका मिशन के महिला समूहों के कार्यों को देखा और समूह की सदस्यों से चर्चा की। प्रमुख सचिव ने भटेरा के सिलाई केंद्र में नल-जल योजनाओं के संचालन से जुड़े समूहों की महिलाओं से भी चर्चा की।

लेने वाले ग्राम के हितग्राहियों से हर माह निर्धारित राशि वसूल करने का कार्य किया जा रहा है। नल-जल योजना का बिजली बिल जमा करने के बाद उन्हें कुछ बचत भी हो जाती है। इस पर उन्होंने महिलाओं से कहा कि वे नल-जल योजनाओं के संचालन में और सक्रिय होकर भागीदारी निभाए। ग्रामों में जितनी भी नल-जल योजना है और जिन ग्रामों में नई योजनाएं बन रही है उन सभी का संचालन महिलाओं के समूहों को सौंपा जाएगा। इसके लिए आजीविका मिशन की ओर से महिलाओं के समूहों को प्रशिक्षण दिलाया जाएगा।

सिलाई के लिए बाजार से भी मिल रहा काम:

प्रमुख सचिव ने ग्राम भटेरा में आजीविका मिशन के महिला समूह द्वारा संचालित सिलाई केंद्र का निरीक्षण किया और महिलाओं से चर्चा कर उनकी आय व कार्य के बारे में जानकारी ली। इस दौरान महिलाओं ने बताया कि उनके समूह द्वारा स्कूली बच्चों की गणवेश बनाने का कार्य किया गया है। इसके अलावा उन्हें बाजार से भी सिलाई का कार्य मिल रहा है। उनके समूह द्वारा अपने काम को आगे बढ़ाने के लिए बैंक से ऋण भी लिया गया है और समय पर ऋण की किश्तें भी जमा की जा रही है।

उद्यान विभाग की नर्सरी का भी किया निरीक्षण: 

प्रमुख सचिव ने वारासिवनी विकासखंड के ग्राम सावंगी की उद्यान विभाग की नर्सरी का भी निरीक्षण किया। इस नर्सरी में दो महिला समूहों शिक्षा तेजस्विनी समूह और राशि तेजस्विनी समूह द्वारा फलदार पौधे तैयार किए जा रहे है। इन समूहों को मनरेगा से पौधे तैयार करने के लिए मजदूरी का भुगतान किया जा रहा है। प्रमुख सचिव ने इस दौरान महिलाओं से उनके कार्य के बारे में जानकारी ली। महिलाओं ने बताया कि वर्ष 2019 में उनके समूहों को उद्यान विभाग के अधिकारियों द्वारा फलदार पौधों की ग्राफ्टिंग करने का प्रशिक्षण दिया है। अब वे पौधे तैयार कर उनकी ग्राफ्टिंग स्वयं कर लेती है। सांवगी नर्सरी में उनके समूहों द्वारा 70 हजार फलदार पौधे तैयार किए गए है। अब पौधे विक्रय के लिए तैयार है। नर्सरी से प्रायवेट लोग भी पौधे ले जाते है।प्रमुख सचिव के निरीक्षण के दौरान आजीविका मिशन के जिला समन्वयक ओम प्रकाश बेदुआ, सहायक संचालक उद्यान सीबी देशमुख, जनपद पंचायत बालाघाट के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गायत्री कुमार सारथी, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन यंत्री जीपी कोरी समेत अन्य मौजूद रहे।

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