जिले भर के सरकारी और प्राइवेट बस स्टैंड के भवन हुए जर्जर

 जिले भर के सरकारी और प्राइवेट बस स्टैंड के भवन हुए जर्जर


बालाघाट। जिले के साथ ही नगरीय क्षेत्र में सरकारी और प्रायवेट भवन है जो जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पहुंच गए है और इन भवनों के नीचे रुकना या इन पर रहना बड़े हादसे का रूप लेकर जान की जोखिम कारण कभी बन सकता है। बावजूद इसके जिम्मेदार ऐसे भवनों को रोजाना देखकर भी अनदेखी कर रहे है। जिससे ऐसे भवनों में कार्यालय भी संचालित हो रहे हैं।
सफर करने के लिए रोजाना बड़ी संख्या में पहुंचते हैं यात्री: नगरीय क्षेत्र के सबसे व्यवस्तम क्षेत्र बस स्टैंड परिसर में ही जीर्ण-शीर्ण हालत में पुराना बस स्टैंड है। जिसके नीचे रोजाना बड़ी संख्या में बैठकर यात्री बसों का इंतजार करते है। इतना ही रिक्शा चालक समेत अन्य ऐसे लोग जिनका रहने का कोई ठिकाना नहीं है वे लोग भी इसमें नियमित रूप से रहते है। साथ ही इसी जर्जर भवन में बड़ी संख्या में दुकानें व कार्यालय भी संचालित किए जा रहे है। जिनमें भी रोजाना लोगों का आना-जाना लगा रहता है। जिसके चलते ये जर्जर भवन किसी भी दिन हादसे का कारण बन सकता हैं।
इतवारी बाजार का भवन बना मुसीबत:
नगरीय क्षेत्र के इतवारी बाजार में नगर पालिका द्वारा बनाया गया सालों पुराना भवन भी जीर्ण-शीर्ण हालत में है। जिसमें बड़ी संख्या में होटल, सब्जी, ट्रांसपोर्ट की दुकानें संचालित हो रही है और यहां पर भी बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में ये जर्जर भवन भी दुर्घटनाओं को न्योता दे रहा है। इसी प्रकार हनुमान चौक पर एक प्रायवेट भवन जर्जर स्थिति में है इससे भी खतरा बना हुआ हैं।
नपा की लापरवाही से घटित हो सकता है हादसा
जर्जर भवनों को गिराने और इनके स्थान पर नवीन भवन बनाए जाने को लेकर पहल संस्था लगातार प्रयास कर रही है। संस्था के अध्यक्ष सुशील वर्मा ने बताया कि नगरीय क्षेत्र में ऐसे बहुत से जर्जर भवन है जो सार्वजनिक स्थल पर मौजूद है। जिनके गिरने से कोई भी बढ़ा हादसा को सकता है। उन्होंने बताया कि ऐसे भवनों पर कार्रवाई किए जाने के लिए उन्होंने नगर पालिका सीएमओ को भी अवगत कराया है, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया गया है जिसका खामियाजा आमजनता को दुर्घटना के रूप में कभी भी भुगतना पड़ सकता हैं। इस मामले में कलेक्टर को भी ज्ञापन सौंपकर अवगत कराया जाएगा।
इनका कहना....
नगर पालिका क्षेत्र में जितने भी जीर्ण-शीर्ण हालत में भवन है उनका निरीक्षण कर उन्हें चिन्हित किया जाएगा और वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराकर निश्चित कार्रवाई की जाएगी।
-देवलाल तिवड़े, राजस्व अधिकारी, नगरपालिका।

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