स्थायी सीईओ नहीं होने से जनता और जनप्रतिनिधि दोनों परेशान
किरनापुर। जनपद पंचायत किरनापुर 15 माह से स्थायी मुख्य कार्यपालन अधिकारी नहीं होने से क्षेत्र की जनता को अपने परेशानियों के निपटारे के लिए जनपद के चक्कर काट कर परेशान होना पड़ रहा है।इतना ही नहीं अब क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को भी जनपद पंचायत किरनापुर में स्थायी रूप से सीईओ नहीं होने से परेशानियों से जुझना पड़ रहा है।सोमवार को जनपद पंचायत में जनपद अध्यक्ष एवं विधायक प्रतिनिधि बेनीराम खोटेले,जनपद उपाध्यक्ष हिम्मतलाल गड़वंशी एवं जनपद सदस्य प्रतिनिधि मनीष भिमटे ने बताया कि विगत डेढ़ साल से जनपद पंचायत में स्थायी सीईओ की पदस्थापना के लिए तरस रहा है और केवल प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी के भरोसे ग्राम पंचायत स्तर के विकास कार्य टिके हुए है।
जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि किरनापुर बेनीराम खोटेले ने बताया है कि जनपद पंचायत किरनापुर में पिछले 15 माह से प्रभारी मुख्य कार्यपालन के भरोसे काम चल रहे हैं।ऐसे में अधिकारी एक साथ दो विभाग को संभालते हुए किरनापुर जनपद पंचायत की अतिरिक्त जिम्मेदारी निभा रहे हैं।और इस कारण जनपद पंचायत किरनापुर के अंतर्गत आने वाली करीब 83 ग्राम पंचायतों के सारे विकास कार्यों में बाधा आ रही है या फिर इन विकास कार्यों को गति नहीं मिल रही है।साथ ही हितग्राही मूलक के कार्यों के लिए भी जनपद पंचायत किरनापुर के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों के ग्रामीण आए दिन अपनी शिकायतों के निराकरण के लिए जनपद पंचायत किरनापुर आ आकर परेशान हो रहे हैं।ऐसे में कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा को जनपद पंचायत किरनापुर को स्थायी मुख्य कार्यपालन अधिकारी की पदस्थापना करवाया जाना चाहिएताकि विकास कार्यों में तेजी आ पाए।