लुट गये किसान - पूर्व सांसद कंकर मुंजारे
बालाघाट । पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने प्रदेश के किसान को धान का समर्थन मूल्य छत्तीसगढ़ व महाराष्टृ की तरह २५००रूपये प्रति क्वि़ंटल की दर पर दिये जाने की मांग की हैं। श्री मुंजारे ने अपने बयान में कम दर को लेकर प्रदेश सरकार किसानों की उपज को नियत समय 15 नवम्बर से खरीदी करने की घोषणा पर भी अमल नहीं कर पायी और किसानों को औने पौने दाम में फसल बेचने के लिये मजबूर कर दिया हैं। श्री मुंजारे ने कहा कि मध्यप्रदेश में दिवाली के त्यौहार मनाने के लिये किसानों ने मजबूरी में 1400 से 1500 प्रति क्विंटल के हिसाब से धान बेच दिया और लूट गऎ। जबकि दिवाली के पूर्व ही समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शूरु कर देना था जिसे किसान सस्ती कीमत पर धान बेचने से बच जाते मुख्यमंत्री शिवराज सिंह सरकार ने पहले 15 नवंबर से धान खरीदी करने कि घोषणा किया था और अब 29 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की पुनः घोषणा कि गयी अभी भी सोसायटी मे धान खरीदी के लिये कोई इंतजाम नहीं किया गया है और धान खरीदी केंद्र निश्चित नही किया गया है अभी तक किसानो ने ओने पौने दाम 14 सौ से 15 सौ प्रति क्विंटल कि कीमत से धान बेच दी हैं जबकि समर्थन मूल्य 1940 रूपए प्रति क्विंटल है किसान प्रति क्विंटल 540 रूपए से 440 रुपय प्रति क्विंटल कम किमत में धान बेचने के लिये मजबूर हैं अभी शादी विवाह भी शुरू हो गया हैं किसान अपनी जरुरत के लिये कम दामो मे धान मजबूरी मे बेच रहे है सरकार कोई ध्यान नही दे रही हैं किसान को व्यापारी दलालो के हाथो लूटने छोड़ दिया है श्री मुंजारे ने कहा कि पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ मे किसानो कि धान को समर्थन मूल्य 2500 रूपए प्रति क्विंटल मे खरीदी जा रही है पड़ोसी राज्य के गोंदिया भण्डारा जिले मे बोनस सहित 2500 रुपये प्रति क्विंटल धान समर्थन मूल्य पे महाराष्टृ सरकार के द्वारा खरीदी जा रही हैं पूर्व सांसद श्री मुंजारे ने कहा कि मध्यप्रदेश कि शिवराज सरकार को यदि जरा भी किसानो कि फिक्र और चिंता नहीं हैं। किसानो शोषण कर अन्याय कर रही है यदि जरा भी चिंता फिक्र है तो छत्तीसगढ़ एवं महाराष्टृ सरकार कि तरह मध्यप्रदेश के किसानो कि धान बोनस देकर कम से कम 2500 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य पर खरीदी कि घोषणा तुरंत करे श्री मुंजारे का कहना है कि शिवराज सिंह सरकार ने जानबूझ कर समर्थन मूल्य धान खरीदी का समय मात्र 45 दिन रखा हैं इतने कम समय में किसान धान को मंडी सोसायटी मे बेच नहीं सकेगे और फिर सरकार की साठगांठ से व्यापारी के द्वारा उनको कम कीमत देकर शोषण किया जाएगा। किसानो की धान समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का समय कम से कम 15 मार्च तक किया जाना चाहिए। जिससे किसान अपनी धान को मंडी सोसायटी में बेच सकें और व्यापारी दलालो के लूटने और शोषण से बच सकें।