नपा के करोड़ों डकार के बैठें है बकायादार
बालाघाट। बड़े बकायादारों को लेकर इनके वादे समय बीत जाने के बाद भी खोखले नजर आ रहे हैं। तो दूसरी तरफ नपा राजस्व निरीक्षक पे्रमस को बड़े बकायादारों की जानकारी देने से कतरा रहे है।
करोड़ों का राजस्व वसूलने छूट रहे पसीनें
नगरपालिका परिषद बालाघाट के राजस्व अमले की निष्क्रिय, लापरवाही या ढिली कार्यप्रणाली कहे कि राजस्व अमले लगातार वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना कर राजसव वसूली को लेकर गंभीरता से नही ले रहा है, जिसके कारण नपा के अन्य कार्यो में आर्थिक संकट पैदा हो गया है। जहां कई विकास कार्य रूके है, वहीं नपा के श्रमिकों और कर्मचारियों को भुगतान की समस्या मुंह फाड़े खड़े है। नगरपालिका के राजस्व अमले को नगरीय क्षेत्र में करोड़ों रूपये का राजस्व वसूलने में पसीने छूट रहे है और ना ही नपा अमला उन तक पहुंचकर वसूली कर पा रहा है। जिससे आज भी नगरपालिका के करोड़ों रूपये के राजस्व की वसूली बकाया है।
बड़े बकायादारों पर विभागों पर करोड़ों का बकाया
नगरपालिका के राजस्व विभाग के सूत्रों की माने तो नगरीय क्षेत्र में सालों से नगरपालिका द्वारा लगाये जाने वाले संपत्ति, जल और अन्य करों को भुगतान नहीं किये जाने से बकाया राशि साल-दर-साल बड़कर करोड़ों तक पहुंच गई है, नगरीय क्षेत्र में शासकीय विभागों से लेकर शहर के नामी, गिरामी और संगठन एवं राजनीतिक दलों से जुड़े और बड़े व्यापारियों पर सालों से नपा करों का भुगतान नहीं कराने से करो बड़कर, हजारों और लाखों रूपये तक पहुंच गया है। जिनको मिलाकर नपा के राजस्व का कर करोड़ों का बकाया है।
पहले सीएमओ ने 20 दिसंबर तो पिुर प्रशासक ने 15 जनवरी तक दिया था समय
नगरपालिका के बड़े बकायादारों से करो की वसूली को लेकर लगातार अखबरों के माध्यम से उठाई जाने वाली खबरों में नपा के जिम्मेदार बड़े बकायादारों पर कार्यवाही को लेकर अपने हिसाब से समय-सीमा तय करते रहे। प्रेस द्वारा लगातार नगरपालिका के बड़े बकायादारों के खिलाफ सार्वजनिक करने को लेकर खबरों के प्रकाशन पर नपा सीएमओ ने पहले 15 दिसंबर तक की टाईम लिमिट तय की थी, फिर दूसरी बार उन्होंने ही टाईम लिमिट को 20 दिसंबर तक के लिए बड़ा दिया था। जिसके बाद भी बड़े बकायादारों के नाम सार्वजनिक नहीं किये गये। समय बीता तो मीडिया के साथ बैठक में कलेक्टर और नपा प्रशासक ने 15 जनवरी की टाईम लिमिट तय की थी। जिसके बाद भी यदि बड़े बकायादार, करों का भुगतान नहीं करते है तो उनके नाम सार्वजनिक किये जायेंगे, लेकिन यह समय-सीमा भी खत्म हो गई। बहरहाल अब देखना है कि नपा सीएमओ या प्रशासक अपने वादे के अनुसार तय की तिथि को और कितना एक्सटेंशन देते है।
न काम आये लाल गोले, न बैंड बजाने की चेतावनी
नगरपालिका द्वारा समय-समय पर बड़े बकायादारों से करों की वसुली करने को लेकर कई जतन किये गये है लेकिन वह जतन फेल रहे। जिसके पीछे दृढ़ इच्छाशक्ति की कमी एक प्रमुख कारण रही। कभी नगरपालिका द्वारा बड़े बकायादारों के घर और दुकानों के आगे बकाया राशि से बड़े लाल गोले लगाये गये थे। जो आज भी नपा की इस कार्यवाही की रस्म अदायगी कार्यवाही को चिढ़ाते दिखाई देते है। फिर नगरपालिका ने बड़े बकायादारों के घर के सामने बैंड बजाने की स्कीम निकाली। जिसके लिए बकायादार नपा के राजस्व अमले ने बैंक के साथ प्रमुख मार्ग पर जुलूस निकाला, लेकिन वह स्कीम जुलुस में बैंड, बजाने तक ही सीमित रह गई।