आरओ के नाम पर जनतता पी रही मीठा जहर
बालाघाट। शहर में विगत कई वर्षो से आरओ प्लांट धड़ल्ले से संचालित किए जा रहे है। जिस पर गुणवत्ताविहिन पानी परोसा जा रहा है। जिससे आम जनता के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। यही नही यही आरो का पानी एक मीठा जहर के रूप में साबित होते हुए नजर आ रहा है क्योंकि आरो पानी की टंकी में कई माह तक साफ सफाई नहीं होने की वजह से संक्रामण बिमारियां होने का अंदेशा है। इसी तरह आमजनों में यह भी चर्चा है कि आर ओ पानी को सही तरह से शुद्ध करने का काम करता है। लेकिन यह तभी तक पानी को पूर्ण रूप से शुद्ध कर सकता है जब तक इसके पार्टस पुराना होता है इसकी कार्य क्षमता भी कम होती जाती है। कार्य क्षमता कम होने के कारण पानी में ना सिर्फ टीडीएस बढ़ जाता है बल्कि बैक्टीरिया का भी खतरा रहता है। तो आर ओ सिस्टम में लगे पानी की टंकी और पाइप में कचरा जमा हो जाने के कारण कुछ दिन के बाद ही संक्रमण का खतरा पैदा कर देता है। इन बातें पर लोगों के द्वारा नही दिया जाता है ध्यान जब आर ओ सिस्टम को लगाया जाता है तो उसकी समय पर सर्विंसिंग कराने को लेकर लोग अधिकतर लापरवाही बरतते हैं। यूं कहें कि एक बार मशीन लगाने के बाद जब तक वह खराब नहीं होता है लोग उसे भूल जाते हैं। नतीजा यह होता है कि इस से निकलने वाले पानी का सेवन करने वाले लोग पेट व अन्य बीमारियेां की गिरफ्त में जल्द ही आ जाते है। लेकिन लोगों का इस तरफ ध्यान नहीं जाता है और मशीन की सर्विसिंग उसी दिन करवाई जाती है जब वह पुरी तरह से खराब हो जाती है। तो आरओ सिस्टम की गुणवत्ता पर भी दें ध्यान। अधिकांश देखा जाता है कि लोग आरओ सिस्टम लगाने के समय उसकी गुणवत्ता पर ध्यान नहीं देते है और हर सिस्टम को एक ही जैसा समझने की भूल कर बैंठते है।
लोल क्वालिटी के आरओ सिस्टम
बाजार में बिक रहे लोकल क्वालिटी के आरओ सिस्टम लोकल स्तर पर फिटिंग की जाती है और इस में तकनीकी जानकारो का सहारा नहीं लिया जाता है तो इसमें फिल्टर के नाम पर कैसे पार्टस लगााए जाते है जो साधारण होते हैं। जिससे पानी तो फिल्टर होता है पर वह साधारण ही होता है। जो पानी को सामान्य रूप से फिल्टर कर देते हैं लेकिनमिनरल व अन्य उपयोगी तत्वों को ऐड नही कर पाते है। इसससे पानी के सेवन से काफी नुकसान होता है। कैसे करे पानी की शुद्धता की पहचान पानी में कड़वापन पानी का स्वाद कठोर होना बोतल में 2 दिन रखने के बाद पानी में पीलापन पानी का सामान्य दांतो में भी लगना पानी को उबालने पर चूना जैसा निकलना पानी रखने वाले जार मे चुना जैसा जमना समस्या आने पर तत्काल टीडीएस टोटल डिसाल्व सॉलिड चेक कराएं बाजार के पानी पर भरोसा करने से पहले जाने कुछ बातें।
ये होती है बीमारियां
आरओ जार में बिकने वाले पानी से भी हो सकता है संक्रमण। बड़े प्लांटों में कम ही ऐसा जगह है जहां साफ सफाई का ध्यान रखा जाता है। दो से 4 हजार लीटर के टैंक छत पर लगाया जाता है जहां से बॉटलिंग किया जाता है। छत पर धूल गर्दा और अन्य परेशानियेां से संक्रमण का खतरा अधिक होता है। ऐसे टेंकों की हर तीन माह पर सफाई होनी चाहिए जो नहीं हो पाती है। स्टोर पानी को कई दिनेां तक किया जाता है बटलिंग। घर तक पहुंचाने वाले जारो की भी नहीं की जाती है सफाई। सप्ताह में एक बार छोटे जारो की होनी चाहिए साफ सफाई। बैक्टीरिया मास्क लिक्विड का समय समय पर करना चाहिए इस्तेमाल। पानी सें शरीर में पहुंचते हे बैक्टीरिया। पानी के माध्यम से शरीर में बैक्टीरिया पहुंचने से डायरिया होता है। संक्रमण से बुखार का खतरा होता है। पेट की गड़बड़ी जैसे भूख नहीं लगना या खाना नही पचना। लिवर में सूजन या फिर उससे संबंधित अनय संक्रमण। अगर आरओ सिस्टम का 5 महीने पर नही की गई सर्विंसिंग तो हो सकता है बीमारी का खतरा। हर 5 महीने पर कराएं सर्विसिंग। 5 महीने पर खराब हो जाते है एक्टस्टरनल फिल्टर। 5 महीने में अपने आप बढ़ जाता है पानी का टीडीएस। मेम्बरैन की प्रापर चेकिंग नही होने के कारण 5 माह में पानी संक्रमण उगलता है। मशीन के फिल्टर सिस्टम में खराबी से पानी से गाय हो जाता है मिनरल्स फिल्टर के दौरान में ब्रेन में ऑटोमेटिक मिनरल्स मिलाने की होती है। एड नेचुरल मिनरल सिस्टम फेल होने से पानी से शरीर में मिनरल्स की पूर्ति नही होती है।
भारत की स्थिति है खराब
शुद्ध और पर्याप्त पानी स्वस्थ जीवन की एक प्रमुख जरूरत है। आंकड़ों की माने तो भारत में कवेल 30 प्रतिशत लोगों को ही साफ पीने का पानी मिलता है और वो भी पूरी तरह से शुद्ध नही होता है देश के कई हिस्सों में जमीन में पानी का स्तरकम हो जाने के कारण पानी की कमी है। उद्योगों के कचरे के कारण पानी प्रदूषित हो रहा है। बहुत सी नदिंया गंदी नालिया बन चुकी है और पानी के अन्य स्त्रोत पूरी तरह प्रदूषित हो चुके है।
अशुद्ध पानी से होती है बीमारियां
आप जो पानी पी रहे हैं वह कीटाणुरहित होने चाहिए। साथ ही उसमें नुकसान पहुंचाने वाले रसायन गंध और स्वाद भी नही होना चाहिए। असुरक्षित और अपर्याप्त पीने का पानी कई प्रकार की बीमारियोंं का कारण बनता है। बारिश के दिनों में पीने का पानी साफ नहीं रहता है इस मौसम में पानी का विशेष ध्यान रखें। साफ पानी न पीने से हैजा, उल्टी, गेस्ट्रो न्ट्राइटिस, टायफाइड, पोलिया पीलिया, दस्त, त्वचा में संक्रमण हो सकता है।
कैसे करें शुद्धता की पहचान
दरअसल अलग-अलग जगहों का पानी का टीडीएस टोटल डिजाल्वसॉलिड स्तर अलग अल होता है। इसके मानक विश्व स्वास्थ्य संगठन डब्ल्यूएचओ ने तैयार किए है। उसने 100 से 150 स्तर के टीडीएस को ठीक बताया है। इसलिए अगर आप अपने घर में आरओ रिवर्स ऑसमोसिस या यूवी सिस्टम लगवा रहे हैं तो म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन से पानी की जांच करा लीजिए। अगर टीडीएस सामान्य से अधिक हो तभी आरओ या यूवी लगवाना चाहिए।
बोतलबंद पानी भी नही है शुद्ध
यहां यह बता देना लाजमी होगा कि आप जो मिनरल वॉटर या सप्लाई किये हुए पानी को पी रहे है और वह पूरी तरह से शुद्ध है तो आप गलत है इसमें भी शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले जीवाणु गायडिंया पंतकप पाया जाता है। दरअसल पानी को साफ करने वाले कंपनियां नदियों नालों भूमिगत आदि जगह से पानी लेकर उसे साफ करने के लिए उसमें गुलेंट केमिकल डाला जाता है। यह केमिकल पानी में मौजूद गंदगी को पानी के तल पर पहुंचा देता है।