सरेखा, भटेरा व गर्रा फाटक पर ओवरब्रिज बनाने मिली मंजूरी पर अभी तक शुरू नहीं हो सका काम
बालाघाट। बढ़ती आबादी के बीच यातायात का दबाव भी शहर में बए़ता जा रहा है। ब्राडगेज का काम पूरा होने के बाद अब इस ट्रैक पर पैसेंजर ट्रेन शुरू होने का इंतजार है। इधर ट्रेन शुरू होने के साथ यहां फाटक पर जाम का नाटक शुरू हो जाएगा। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए जनता को ओवर ब्रिज की मांग है, लेकिन इस समस्या पर जिम्मेदार मौन हैं। जिसके चलते इस समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। ओवर ब्रिज के निर्माण की नींव नहीं डल पाई है।
राज्य सरकार द्वारा शहर में चिन्हित किए गए चार रेलवे फाटकों में से तीन सरेखा, भटेरा और गर्रा फाटक को इस बजट में शामिल तो कर लिया है, लेकिन अकेले सरेखा फाटक को छोड़ दें, तो अन्य के लिए प्रारंभिक योजना ही पूरी तैयार नहीं हो पाई है।
फाटक पर लगता है जाम:
ट्रेनों की आवाजाही के दौरान खासकर जब मालगाड़ी यहां से गुजरती है, तो कई बार आधे-एक घंटे तक फाटक नहीं खुल पाता है। ऐसे में लोगों को जाम की समस्या का सामना करना पड़ता है। सरेखा फाटक, बैहर चौकी और भटेरा में जाम की समस्या बढ़ती है। यहां जब जाम लगता है तो चारपहिया, दोपहिया वाहन तो दूर पैदल राहगीरों का भी निकलना मुश्किल हो जाता है।
सरेखा फाटक
लागत - करीब 90 करोड़।
लंबाई - 990 मीटर
चौड़ाई -12 मीटर
दोनों ओर सर्विस रोड -पांच-पांच मीटर।
स्थिति- इसका डिजाइन राज्य स्तर पर तैयार हो गया हो गया है। रेलवे बोर्ड
डिजाइन फाइनल होना बाकी है।
भटेरा फाटक
लागत - आंकलित नहीं।
लंबाई - 500 से 1000 मीटर
चौड़ाई -12 मीटर
दोनों ओर सर्विस रोड -पांच-पांच मीटर।
स्थिति - इसका सर्वे हो चुका है। भूमि अधिग्रहण में निर्माण से तीन गुना
राशि लगेगी, इसलिए पेंच फंसा है। इसे भी बजट में शामिल किया जा चुका है।
गर्रा चौकी फाटक
लागत - करीब 40 करोड़।
लंबाई - 500 मीटर
चौड़ाई -12 मीटर
दोनों ओर सर्विस रोड -पांच-पांच मीटर।
स्थिति- सर्वे हो चुका है। डिजाइन तैयार होना है।
बैहर फाटक
लागत - आंकलित नहीं।
लंबाई - 500 मीटर
चौड़ाई -12 मीटर
दोनों ओर सर्विस रोड -पांच-पांच मीटर।
स्थिति -बजट में शामिल कराने प्रस्तावित।
नगर में आबादी बढऩे के साथ ही वाहनों का दबाव भी बड़ा है। जिसके चलते रेलवे फाटकों पर जाम की समस्या बढ़ रही है। इसके लिए ओवर ब्रिज को मंजूरी मिली है। बजट में भी शामिल किया गया है। सब ठीक रहा तो सरेखा फाटक पर जल्द ही काम शुरू हो जाएगा।
- सुरजीत सिंह ठाकुर,भाजपा नगर अध्यक्ष
सरकार को ओवर के निर्माण के लिए बहुत समय मिला। जब ब्राडगेज का काम शुरू हुआ था, तभी सरकार को इसके निर्माण की कार्रवाई शुरू कर देनी थी। अब यह समस्या बेहद गंभीर हो गई है।जिससे आम नागरिकों को जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। कोरोना की वजह से पैसेंजर ट्रेन बंद हैं,वरना इतनी ट्रेनें गुजरती की फाटक ही लगा रहता।
- जितेंद्र सिंह राजपूत, सरपंच संघ अध्यक्ष
शहर में विकास के साथ ही वाहनों की आवाजाही बड़ी है। जिससे ट्रेनों के गुजरने के दौरान फाटकों पर जाम की स्थिति उत्पन्न होती है। इस समस्या से छुटकारा के लिए ओवर ब्रिज बेहद जरूरी है। रेलवे बोर्ड और सरकार इस दिशा में गंभरीता अपनाए। ताकि जनता को इस समस्या से छुटकारा मिल सके।
- अजय नारायण तिवारी,निवासी वार्ड नं. 23
इनका कहना ...
बालाघाट में रेलवे तीन रेलवे फाटकों पर फ्लाई ओवर ब्रिज के लिए मंजूरी मिली चुकी है। पहली प्राथमिकता में सरेखा फाटक पर काम किया जाना है। इसके लिए प्रारंभिक प्रक्रिया पूरी हो चुकी है,रेलवे से फाइनल डिजाइन आना बाकी है। वहीं अन्य के लिए प्रपोजल तैयार किया जा रहा है।प्रिक्रया अंतिम चरण में हैँ
- अर्जुन सनोडिय़ा ,एसडीओ सेतु निगम॥