सर्व ब्राम्हण समाज ने की निंदा, समाज एकजुट था और एकजुट रहेगा-आदित्य, जॉबी

 ब्राम्हण समाज को बांटने की हरकत निंदनीय

सर्व ब्राम्हण समाज ने की निंदा, समाज एकजुट था और एकजुट रहेगा-आदित्य, जॉबी



बालाघाट। सर्व ब्राम्हण समाज विगत कई दशकों से बालाघाट जिले में सामाजिक एकजुटता को बनाकर नये-नये कीर्तिमान स्थापित कर रहा है, कोरोना कॉल के पूर्व ब्राम्हणों के आराध्य भगवान परशुराम जयंती समारोह का भव्य आयोजन हो, या फिर सामाजिक भवन एवं प्रवेश द्वार को लेकर किये गये प्रयास की बात हो, सभी विषयों पर सर्व ब्राम्हण समाज जिलाध्यक्ष पं. राजेश पाठक की अगुवाही में समाज ने एकजुटता के साथ कार्य करने का काम किया है, जिसका ही परिणाम है कि आज बालाघाट जिले में ब्राम्हण वर्ग, सर्व ब्राम्हण समाज के नेतृत्व में एकजुट नजर आता है, लेकिन कुछ लोग, समाज की एकजुटता को भिन्न-भिन्न करने और उसकी ताकत को कमजोर करने समाज को बांटने का प्रयास कर रहे है, ऐसे लोगों की हरकत निंदनीय है और सर्व ब्राम्हण समाज इसकी निंदा करता है और विघ्नसंतोषी लोगों को यह आगाह करना चाहता है कि उनका प्रयास निष्फल होगा और समाज एकजुट था और एकजुट रहेगा। यह बात जारी बयान में संयुक्त रूप से सर्व ब्राम्हण समाज सचिव पं. आदित्य पंडित और नगर अध्यक्ष जॉबी मिश्रा ने कही।

पदाधिकारीद्वय ने बताया कि पूर्व में समाज, सामाजिक रूप से एकजुट था, लेकिन सामाजिक संगठन का पंजीयन नहीं था। तत्कालीन 2017 में पं. राजेश पाठक, सर्व ब्राम्हण समाज के अध्यक्ष बने और समाज संगठन का पंजीयन कराया गया। जिसके बाद वर्ष 2018 में समाज संगठन पंजीकृत हो गया। वर्ष 2018, 2019 में अध्यक्ष पं. राजेश पाठक के नेतृत्व में पूरे जिले में सामाजिक बंधुओं को एकजुट कर भव्य भगवान परशुराम जयंती का आयोजन किया गया। इसके साथ ही नगरपालिका में जयस्तंभ चौक से त्रिपुर सुंदरी मंदिर मार्ग में भगवान परशुराम द्वार के निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया। जिसे नगरपालिका ने पास कर दिया है। चूंकि दो वर्ष कोरोना कॉल के कारण सामाजिक गतिविधियां कम रही फिर भी समाज की ओर से कोरोना जैसी महामारी में समाज की ओर से पीडि़त मानवता के सेवार्थ कार्य किये गये। सामाजिक संगठन के पंजीयन के तीन साल पूरे होने के बाद ही भवन निर्माण से संबंधित अनुदान लिया जा सकता है, जिसके लिए संगठन हरसंभव प्रयासरत है और संगठन की एकजुटता के कारण, आगामी समय में समाज के सामाजिक भवन का मार्ग भी जल्द प्रशस्त हो सकता है। जिसमें कहीं कोई शंका की बात नहीं है, लेकिन जिस तरह से समाज को विभक्त करने का प्रयास कतिपय लोगों द्वारा किया जा रहा है, उससे जिले में सामाजिक एकजुटता का संदेश अच्छा नहीं जायेगा।

सर्व ब्राम्हण समाज पं. कुंदन मिश्रा, अशोक दुबे, डॉ. अविनाश शुक्ला, रमेश दीक्षित, राजेन्द्र शुक्ल, प्रमोद तिवारी, प्रभात तिवारी, अजय मिश्रा, जॉबी मिश्रा, अन्नपूर्णा तिवारी, राजेश दुबे, मुकेश तिवारी, निशांत मिश्रा, दिलीप मिश्रा, आशुतोष शुक्ला, अनुज तिवारी, ललित दुबे, अधिवक्ता श्रीमती साधना शुक्ला एवं ब्राम्हण समाज ने समाज को बांटने की हरकत की निंदा की है।

सर्व ब्राम्हण समाज सचिव पं. आदित्य पंडित ने कहा कि समाज जिलाध्यक्ष पं. राजेश पाठक के नेतृत्व में एकजुटता के साथ सामाजिक कार्यक्रमों में जुटा है और आगामी समय में समाज के सहयोग से हम सबके आराध्य भगवान परशुराम के नाम से सामाजिक भवन एवं द्वार की रूपरेखा तैयार करने के लिए जल्द ही बैठक आयोजित की गई। उन्होंने समाज के सभी सामाजिक बंधुओं, महिलाओं से सर्व ब्राम्हण समाज के साथ पूरी ताकत से एकजुट रहने का आह्रवान किया है, ताकि समाज को विखंडित करने वालों को सबक मिल सकें और वे फिर समाज को अलग-अलग करने के बारे में ना सोचे।

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