हड़ताली आंगनबाड़ी कर्मियों ने निकाली पोषण मटका रैली

 हड़ताली आंगनबाड़ी कर्मियों ने निकाली पोषण मटका रैली



बालाघाट। मांगों को लेकर बुलंद नारी शक्ति आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाएं संगठन के बैनर तले अनिश्चितकालीन हड़ताल कर रही आंगनबाड़ी कम्रियों ने सोमवार को धरना प्रदर्शन स्थल से पोषण मटका रैली निकाली। यह रैली अवंती चौक, काली पुतली चौक, आंबेडकर चौक, विश्ववैश्रैया चौक से होते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंची जहां पर मांगों से संबंधित ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा गया है। मटका रैली के दौरान चौक-चौराहों पर जाम की स्थिति निर्मित होने से यातायात भी प्रभावित हुआ है।

इसलिए निकाली पोषण मटका रैली:

रैली के दौरान जिलाध्यक्ष योगिता कावड़े ने बताया कि जिस तरह से आंगनबाड़ी केंद्रों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाएं शासन के निर्देशों के तहत पोषण मटका के माध्यम से जगह-जगह भ्रमण कर जन सहयोग लेती है और आंगनबाड़ी केंद्रों में सुविधाएं मुहैया कराने के लिए जागरुक करती हैं। ठीक उसी तरह पोषण मटका रैली निकालकर लोगों को बताकर जागरुक करने का प्रयास किया गया कि किस तरह प्रदेश के मुख्यमंत्री वादा करने के उपरांत भी अपना वादा पूरा नहीं कर रहे है और पोषण के कार्यो में लगी आंगनबाड़ी कर्मियों की न्यायोचित मांगों को पूरा नहीं कर रहे है।

मुख्यमंत्री ने मंच पर पहुंच किया था वादा: 

हड़ताली आंगनबाड़ी कर्मियों ने बताया कि आंगनबाड़ी कर्मियों को मेहनताने के रुप में 1500 रुपये के वेतन की वृद्धि की गई थी लेकिन कांग्रेस की सरकार आने के बाद इस वेतन को बंद कर दिया गया था जिसके बाद प्रदेश में वापस से भाजपा की सरकार बनने पर कटौती किए गए वेतन को वापस देने का आश्वासन दिया और सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री ने मंच से आकर कहा कि आंगनबाड़ी कर्मियों के वेतन को फिर से बहाल किया जाएगा लेकिन लंबा समय बीत जाने के बाद भी वे इस मांग को पूरा नहीं कर रहे है।

इन मांगों को भी किया जाए पूरा: 

अनिश्चितकालीन हड़ताल दौरान आंगनबाड़ी कर्मियों ने बताया कि लगातार आंदोलन के बाद भी उनकी मांगों को अनसुना किया जा रहा है उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मिनी कार्यकर्ता व सहायिका को अन्य कर्मचारियों की तरह नियमित करने, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका के मानदेय में बढोत्तर करने, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को फुल आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का दर्जा देते हुए पूर्ण मानदेय देने व सहायिका की नियुक्ति करने, सरकार द्वारा पूर्ण में की गई घोषणा के अनुसार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को रिटायरमेंट पर एक मुश्त राशि देने की मांग की जा रही है लेकिन सरकार मांगों को अनसुना कर रही है। उन्होंने बताया कि जिसके चलते ही जब तक मांगें पूरी नहीं होती तब तक एमपीआर का कार्य आनलाइन और आफलाइन बंद रखा गया है।

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