सांसद से हुई नोक-झोंक, कहा- उनका व्यवहार सही नहीं, करेंगे पुतला दहन
बालाघाट। विगत 16 मार्च से अपनी मांगों को लेकर बुलंद नारी शक्ति आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संगठन के बैनर तले स्थानीय बस स्टैंड परिसर में आंगनबाड़ी कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल कर रहे है। इस हड़ताल के दौरान जिले मंत्री, विधायक व सांसद उनके पंडाल में नहीं पहुंचे है। इसी कड़ी में आज शनिवार को आंगनबाड़ी कर्मियों को जानकारी मिली की सांसद बालाघाट पहुंचे है और कलेक्ट्रेट कार्यालय में बैठक ले रहे हैं। जिसके बाद समस्त आंगनबाड़ी कर्मी धरना प्रदर्शन स्थल से उठकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और तीनों गेट पर तैनात हो गए। जिससे की सांसद उनसे बिना मिले ही कहीं न चले जाए। जिसके बाद उन्होंने सांसद का घेराव किया और अपनी मांगों का ज्ञापन उन्हें सौंपा इस दौरान सांसद व आंगनबाड़ी कर्मियों के बीच तीखी नोंक-झोंक भी हुई।
ज्ञापन सौंपने के दौरान सबकुछ सामान्य ही था और सांसद ने आंगनबाड़ी कर्मियों को बताया कि उनका मुद्दा संसद में भी चल रहा है, मांगों पर चर्चा भी हो रही है। जिसके बाद आंगनबाड़ी कर्मियों ने कहा कि केंद्र व राज्य में सरकार होने के बाद भी जायज मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रही आंगनबाड़ी कर्मियों से मुलाकात करने कोई भी जनप्रतिनिधि नहीं आया है। जिसके बाद से सांसद व आंगनबाड़ी कर्मियों के बीच तीखी नोंक-झोंक शुरु हो गई और सांसद ने उन्हें यह तक कह दिया कि नेतागिरी करना है तो आप लोग नेतागिरी करिए कोई सुनवाई नहीं होगी और जिस तरह से हड़ताल की जा रही है वह भी ठीक नहीं है यदि ऐसा लगता है कि उनसे मानदेय से अधिक कार्य लिया जा रहा है तो वे नौकरी भी छोड़ सकते है। हालांकि इसके बाद थोड़ी और बातचीत के बाद सामान्य हुआ लेकिन इस बात के बाद से आंगनबाड़ी कर्मी नाराज हो उठीं।
नोंक- झोंक के बाद जिलाध्यक्ष योगिता कावड़े ने कहा कि जिस तरह से सांसदजी का व्यवहार था बिल्कुल भी मर्यादित नहीं था पुरे आंगनबाड़ी कर्मी इसकी निंदा करते है और सांसद के इस व्यवहार के चलते वे सभी उनका पुतला दहन कर आंगनबाड़ी कर्मियों से किए गए व्यवहार के लिए माफी मांगे जाने की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि सांसद जो शब्द कलेक्टर व एसपी को लेकर कहे वह शब्द भी नहीं कहे जाने चाहिए इस तरह का व्यवहार बिल्कुल भी न्यायोचित नहीं है।