चिटफंड कम्पनियों पर नकेल कसने की तैयारी में सरकार
बालाघाट। पूरे प्रदेश में इन दिनों चिटफंड कम्पनियों का जबरदस्त बोलवाला चल रहा है। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्र में सक्रिय ऐसी कम्पनियां ज्यादा ब्याज देने का लोभ देकर भोले भाले ग्रामीण जनता को फांस रही है। इससे पहले भी प्रदेश के चम्बल अंचल में सैकड़ों कम्पनियों ने लाखो लोगों को चूना लगाकर फरार हो चुकी है। इस मामले में विधायकों द्वारा विधानसभा में मामला उठाया गया था। जिस पर सरकार ने जांच के आदेश दिए है। सरकार की मंशा है कि ऐसे चिटफंड कम्पनियों पर अंकुश लगाकर गरीब लोगो ंको लूटने से बचाया जा सके। सरकार के आदेश के तहत बालाघाट जिले में भी पुलिस प्रशासन को ऐसे चिटफंड कम्पनियों की जांच करने के लिए आदेश दे दिए गए है। सहकारिता विभाग द्वारा जारी आदेशों क्रमांक दिनांक में ऐसे चिटफंड कम्पनियों व ऐसे चिटफंड कम्पनियों को चलाने वाले संचालकों पर तत्काल मामला दर्ज कर जांच के आदेश दिए है।
बालाघाट में कई कम्पनियां सक्रिय
बालाघाट जिले में विशेषकर ग्रामीण अंचलों में कम समय मे पैसे दूगने करने का आफॅर देकर कई कम्पनियां व लोग लोगों से जबरदस्त पैसा इक्क्ठा कर रहे है। जिसके चलते इन फर्जी कम्पनियों में प्रतिस्पर्धा की होड़ लग गई है। कोई आठ माह में तो कोई तीन माह में ही रकम दुगनी करने की स्कीम चला रहा है। दरअसल बाजार में ऐसे कुछ लोग सक्रिय हो जाते है जो लोगों को यह पुष्टि करते है कि हमे कम समय में दुगुना पैसा मिला है। ऐसे ही गिरोह के झांसे में गरीब जनता आसानी से आ जाती है और अपनी जमा पूंजी इसमें लगा रही है। ऐसे मामलों में पुख्ता सबूत न होने की दशा में ऐसी कम्पनिया साफ निकल जाती है और लोगों का पैसा डूब जाता है।