फिर नगर परिषद लांजी पर लोकायुक्त की गाज अब उपयंत्री 3500 रू. की रिश्वत लेते रंगे हाथ धराया

 फिर नगर परिषद लांजी पर लोकायुक्त की गाज अब उपयंत्री 3500 रू. की रिश्वत लेते रंगे हाथ धराया



बालाघाट। मंगलवार 19 अपै्रल की नगर परिषद लांजी में एक बार फिर रिश्वत के खिलाफ लोकायुक्त की छापामार कार्यवाही की गई जिसमें लोक निर्माण शाखा प्रभारी उपयंत्री संजय प्रकाश शर्मा को रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा गया। उल्लेखनीय है कि यह पहली बार नही है जब लांजी नगर परिषद में लोकायुक्त का छापा पड़ा, जानकारो की माने तो यह तीसरी दफा सफल कार्यवाही भ्रष्टाचार के खिलाफ की गई है। मामले के बारे में मिली जानकारी के अनुसार नगर परिषद के उपंयत्री संजय प्रकाश शर्मा ने लांजी के वार्ड क्रमांक 2 में बनाए गए वाचनालय के कार्य हेतु ठेकेदार अशोक चौधरी निवासी नर्मदानगर बालाघाट से 25 हजार रूपयों की रिश्वत मांगी थी, जिसमें से पहले 5 हजार रूपए देने के बाद बिल भुगतान की कार्यवाही प्रारंभ होने की उपंयत्री ने कही, जिस पर ठेकेदार चौधरी द्वारा पहले 1500 रूपये नगद दिए जाने के दौरान लोकायुक्त डीएसपी जे.पी. वर्मा के नेतृत्व में 7 सदस्यीय टीम ने छापा मारकर उपयंत्री संजय प्रकाश शर्मा को रिश्वत लेते रंगेहाथ धर दबोचा। लोकायुक्त टीम द्वारा भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत कार्यवाही की गई।

लांजी के वार्ड क्रमांक 2 में नगर परिषद कार्यालय द्वारा स्वामी विवेकानंद वाचनालय का निर्माण लगभग 6 लाख रूपयों से किया जा रहा था, ऐसी जानकारी ठेकेदार अशोक उर्फ राजु चौधरी के द्वारा दी गई। बता दें कि कोरोना काल के दौरान जहां लोग महामारी की दहशत में जी रहे थे तो वही जिंदगी को बदलने का एक प्रयास प्रारंभ किया गया और वह प्रयास था शिक्षा क्योंकि शिक्षित व्यक्ति समाज को एक नई दिशा और देश को उन्नति की ओर ले जाता है लेकिन किसे पता था कि समाज को बदलने के लिए जो प्रयास किया जा रहा है उसमें भी घोटाले की कील ठोंक दी जाएगी।

कोरोना काल में लांजी के युवाओं की शिक्षा को नई दिशा देने के लिए वाचनालय बनाने की प्लानिंग की गई थी, जिसे अमलीजामा पहनाने का कार्य प्रारंभ भी किया गया और यह वाचनालय आवास कॉलोनी में शासकीय क्वार्टर में बनाने का निर्णय लिया गया था जो जीर्ण शीर्ण होने के चलते किसी काम का नहीं था लेकिन लगभग 6 लाख रूपयों से इस क्वार्टर की दशा बदलने का कार्य प्रारंभ हुआ तो फर्श की जगह टाईल्स ने ली, अतरंगी सामानों की जगह बेहतर फर्नीचर और आलमारियों ने ली इसके अलावा यहां ई-लाईब्रेरी को भविष्य में अपनाने पर चर्चा की गई थी और लगभग पूरे हो चुके काम के बाद भी वाचनालय के दरवाजे पर आज दिनांक तक ताला लगा हुआ है मतलब काम पूरा हो जाने के बाद भी यह वाचनालय अपने शुभारंभ की बांट जोह रहा है। वाचनालय की दशा बदलने वाले ठेकेदार राजु चौधरी निवासी नर्मदानगर बालाघाट को लेबर पेमेंट के भुगतान हेतु 25 हजार रूपयो की रिश्वत नगर परिषद लांजी के उपयंत्री संयज प्रकाश शर्मा के द्वारा मांगी गई, ठेकेदार ने बताया कि मटेरियल का लगभग 3 लाख 95 हजार रूपये का भुगतान पहले किया जा चुका है लेकिन लेबर पेमेंट लगभग 2 लाख रूपयों के नही मिलने से उसे काफी मानसिक परेशानी हो रही थी जिसे लेकर उसके द्वारा उपयंत्री से बात की गई तो उसने 25 हजार की मांग करते हुए कहा कि यह पैसा मिलने पर ही उसके द्वारा भुगतान की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी, इसके बाद पहले 1500 रूपये नगदी बतौर रिश्वत देने की बात स्वीकार करते हुए राजु चौधरी ने कहा कि आखिरकार उसने इस बात की सूचना लोकायुक्त को दी और मंगलवार 19 अपै्रल को जब वह 3500 रूपये की रिश्वत देने आया तो उसके साथ लोकायुक्त की टीम भी आयी जिसने उपयंत्री को रंगेहाथ धर दबोचा।

शिक्षा के मंदिर को रिश्वत से रंगने वाले उपयंत्री के हाथ आज रिश्वत के रंग से रंग चुके है तो वहीं शिक्षा से रिश्वत का यह मामला जिले की सुर्खी बन चुका है। बहरहाल मामले में लोकायुक्त की टीम द्वारा ठेकेदार की निशानेही पर लोकायुक्त डीएसपी जे.पी. वर्मा के नेतृत्व में की गई इस कार्यवाही में टीम के अन्य सदस्य निरीक्षक नरेश बेहरा, निरीक्षक भूपेंद्र कुमार दीवान, आरक्षक सोनू चौकसे, आरक्षक अमिल मंडल, आरंक्षक विजय सिंह बिष्ट, आरक्षक ड्राइवर राकेश विश्वकर्मा का अहम योगदान रहा।

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