तालाब को बचाने धोबी घाट का निर्माण, पर पड़ रहा नाकाफी

तालाब को बचाने धोबी घाट का निर्माण, पर पड़ रहा नाकाफी



बालाघाट। नगर के एकमात्र दर्शनीय व प्राकृतिक स्थल मोती तालाब को प्रदूषण व गदंगी से बचाने के लिए नगरीय प्रशासन ने मोती तालाब से धोबीघाट से होने वाली गदंगी को दूर करने के लिए नगरीय प्रशासन ने सुरभि नगर में धोबीघाट का निर्माण करवाया है, लेकिन यह धोबीघाट पूर्ण रुप से तैयार होने के बाद भी कार्य नहीं करने के कारण वर्तमान समय में भी मोती तालाब में ही कपड़ों की धुलाई का कार्य जारी है जिससे मोती तालाब में ही समस्त प्रदूषण फैल रहा है।

धोबीघाट में नहीं व्यवस्था:

मोती तालाब को धोबीघाट बनाकर कपड़ों को धूल रहे भरतलाल कनौजिया ने बताया कि नगरीय प्रशासन ने सुरभि नगर में नगरीय प्रशासन ने सात टंकियों को निर्माण किया गया है,और सात टंकियों के निर्माण के बाद भी वहां पर उपयुक्त व्यवस्था नहीं है। वहां पर न तो बाउंड्रीवाल की व्यवस्था है और मोती तालाब के धोबीघाट न ही पानी की वहां पर मशीन से पानी भरने की स्थिति में मशीन के चोरी होने पर किसी प्रकार के भी इंतजाम नहीं है जिसके चलते ही उक्त धोबीघाट का उपयोग नहीं किया जा रहा है।

मोती तालाब में भी आ रहा गदंगी पानी: 

मोती तालाब के धोबीघाट में कपड़ों की धुलाई कर रहे रजक समाज के लोगों ने बताया कि मोती तालाब को गंदे पानी से बचाने के लिए एक सीधी नाली बनाई गई बावजूद इसके मोती तालाब में ही चार स्थानों से वार्ड का समस्त गंदा पानी आता है जबकि इसके लिए लाखों रु़पये नगरीय प्रशासन द्वारा खर्च किए गए है यदि वार्ड का गंदा पानी नाली के माध्यम से तालाब में न आकर बाहर की चला जाता तो तालाब गंदा नहीं होता लेकिन नगरीय प्रशासन की लापरवाह कार्यप्रणाली का नतीजा है कि वर्तमान सयम में भी न तो धोबीघाट का संचालन शुरु हो पाया हैा और न ही नाली निर्माण के बाद भी वार्ड का गंदा पानी बाहर जाने के बजाय तालाब में ही आ रहा है।

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