खाली प्लाटों में मिली गदंगी तो मालिक पर होगी कार्रवाई
बालाघाट। स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 में बालाघाट की स्थिति भी स्वच्छ शहरों की तरह बेहतर बनाने के लिए नगरीय प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है घर-घर पहुंचकर कचरा उठाने, गीला सूखा कचरा अलग-अलग उठाने, प्रतिष्ठानों में डस्बीन रखवाने के साथ ही सफाई स्टाफ से नियमित रुप से साफ-सफाई करवाने के साथ ही वार्ड-वार्ड भ्रमण कर लोगों को स्वच्छता के लिए जागरूक भी कर रहा है, लेकिन नगरीय प्रशासन की इस कोशिश को खाली प्लाटों में जमा गदंगी बर्बाद कर रही है। जिसके चलते ही अब नगरीय प्रशासन खाली प्लाटो की समस्या के समाधान के लिए एक्शन मोड पर नजर आ रहा है और अब खाली प्लाटों में जमा गदंगी मिलने पर प्लाट मालिक पर मामला बनेगा और न्यायालय जाना होगा।
25 प्रतिशत से अधिक का कारण खाली प्लाट
मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने बताया कि नगरीय क्षेत्र में सबसे अधिक गदंगी खाली प्लाटों में जमा हो रही है जो 25 प्रतिशत से अधिक गदंगी का कारण भी बन रही है लोग प्लाट खरीदकर उसे ऐसे ही खुला छोड़ देते हैं और लोग सारा कचरा, गंदा पानी सब खाली प्लाट में ही जमा करते हैं जिसका नतीजा ये रहता है सूअर व बेसहारा मवेशी इस गदंगी को पूरे शहर भर फैला देते है जिससे अस्वच्छता का माहौल निर्मित हो जाता है।
पूर्व की कार्रवाई पर नहीं मिले सार्थक परिणाम
नगरीय प्रशासन ने पूर्व में भी खाली प्लाटो से जमा गदंगी को दूर करने के लिए प्लाट मालिकों को चिन्हित कर उन्हें नोटिस देकर सुधारने का प्रयास किया था और बात नहीं बनने पर खाली प्लाटों की जब्ती किए जाने संबंधी बोर्ड भी लगाए गए थे और जुर्माना की कार्रवाई भी की गई थी बावजूद इसके किसी प्रकार के सार्थक परिणाम नहीं निकते है और खाली प्लाटों में गदंगी जमा करने का सिलसिला चल रहा है।
अब सीधे न्यायालय भेजे जाएगे प्रकरण
मुख्य नगर पालिका अधिकारी सतीश मटसेनिया ने बताया कि कार्रवाई, समझाइश के बाद भी प्लाट मालिक न तो खाली प्लाट में जमा गदंगी को साफ करवा रहे है और न ही लोग उनके प्लाटो में गदंगी न करे इसके लिए बाउंड्रीवाल समेत अन्य इंतजाम कर पा रहे है। जिसके चलते ही अब नगर पालिका ऐसे खाली प्लाटों को चिन्हित कर उनके प्रकरण बनाकर सीधे न्यायालय में भिजवाने की कार्रवाई करेगा जिससे न्यायालय से सख्त कार्रवाई होगी तो लोगों में भी सुधार आएगा।