खाली प्लॉट मालिकों पर जीरों एकशन, इस साल एक भी नोटिस नही

 खाली प्लॉट मालिकों पर जीरों एकशन, इस साल एक भी नोटिस नही



बालाघाट। शहरी क्षेत्र में स्वच्छता को लेकर नगरपालिका द्वारा हमेशा दावे किए जाते है। नगरपालिका की समस्याओं पर कार्यवाही कर उनकी परेशानियों का हल निकालने वादे भी किए जाते है, लेकिन इकीकत इससे उलट है। बालाघाट नगरीय क्षेत्र में लंबे समय से स्थित खाली प्लॉटों के मालिकों पर नपा की कार्यवाही फिलहाल हवाहवाई साबित हो रही है। विभागीय जानकारी के अनुसार, आखिरी बार नगर पालिका द्वारा 16 दिसंबर 2021 को शहर के 16 प्लॉट मालिकों को उक्त स्थान को स्वयं के खर्च पर साफ करने, बाउंड्रीवाल बनाने नोटिस जारी किए गए थे। इससे पहले कब और कितने लोगों के खिलाफ नोटिस जारी किए गए इसकी जानकारी नपा के पास उपलब्ध नही है। सात दिनों के भीतर आदेश नही मानने पर अर्थदंड लगाने की चेतावनी भी दी गई थी। हैरानी की बात है कि इस साल 12 अपै्रल तक नपा द्वारा एक भी खाली प्लॉट के मालिकों के खिलाफ नोटिस जारी नही किया गया है।

शिकायतों पर नपा की सिर्फ खानापूर्ति

जानकारी के अनुसार, बालाघाट नगरीय क्षेत्र के सभी 33 वार्डो में 200 से अधिक खाली भूखंड(प्लाट) है। जिन वार्डो में ये खाली प्लॉट पड़े है, वहां रहने वाले रहवासियों द्वारा लंबे अर्से से नपा का ध्यान आकर्षित कराकर खाली प्लॉट मालिकों पर कार्यवाही करने की मांग की जा चुकी है, लेकिन नपा द्वारा रहवासियों की शिकायत पर महज खानापूर्ति कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। दिसंबर 2021 में जारी 16 नोटिस में मालिकों को सात दिन का वक्त दिया गया था, जिसके बाद अर्थदंड लगाने की बात कही गई थी, लेकिन विभागीय जानकारी के अनुसार, सभी 16 मालिकों से नपा ने एक भी रूपया नही वसूला है और न ही उक्त प्लॉटों में सफाई कार्य हुए हे।

बढ़ रहा मच्छरों का आतंक

गर्मी बढ़ते ही शहरभर में मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ रहा है। दिंसबर 2021 में नपा द्वारा जब नोटिस जारी किए गए थे, तब उस वक्त शहर में कोरोना के साथ डेंगू का प्रकोप था। वार्डो में पसरी गंदगी को देखते हुए कलेकटर ने स्वच्छता को लेकर कड़ी नाराजगी भी जाहिर की थी, जिसके बाद नपा द्वारा नोटिस जारी किए गए, लेकिन आज खाली प्लॉटों में कूड़ा-कचरा के साथ गंदा पानी दलदल बन चुका है, जो मच्छरों को जन्म दे रहा है। रहवासी को संक्रमण का खतरा सता रहा है।

इन क्षेत्रों में ज्यादा प्रकोप

बालाघाट। नगरीय क्षेत्र में खाली प्लॉओं और उसके कारण बढ़ती गंदगी का प्रकोप शहर के बूढ़ी, नर्मदा नगर, सरेखा बायपास क्षेत्र, गौली मोहल्ला, भटेरा चौकी, अवधपुरी कॉलोनी आदि है। इन क्षेत्रों में रहने वाले रहवासियों द्वारा स्वच्छता को लेकर कई बार लिखित शिकायत की जा चुकी है, लेकिन नतीजे अब तक सिफर ही साबित हुए है।

क्या कहता है नियम

लंबे समय से रहवासी क्षेत्र में अपना खाली भूखंड रखने से, जिससे वहां पानी जमा हो, क्षेत्र में गंदगी फैले या बीमारियों का खतरा बढ़े तो यह कृत्य मप्र नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 236 एवं 240 का उल्लंघन माना जाता है। इसमें नोटिस जाीर भूखंड स्वामी को समयांतराल में स्वयं के खर्च पर सफाई करने व बाउंड्रीवाल बनाने निर्देशित किया जाता है। ऐसा नही करने पर जुर्माना वसूलने का प्रावधान है,  लेकिन वर्तमान में नियम के उल्लंघन पर कार्यवाही हवाहवाई साबित हो रही है।

इधर, अनुपयोगी वस्तुओं से बनाया ड्रिप सिस्टम

नगरपालिका परिषद मलाजखंड द्वारा अनुपयोगी वस्तुओं से ड्रिप सिस्टम तैयार किया गया है, जिसकी मदद से लगातार 24 घंटे पौधो को पानी दिया जा रहा है। सीएमओ लक्ष्मण सिंह सारस ने बताया कि कबाड़ से जुगाड़ ड्रिप सिस्टम जो अनुपयोगी वस्तुओं से बनाया गया है, इसके माध्यम से निरंतर 200 से अधिक पौधों को पानी दिया जा रहा है और जिसके अच्छे परिणाम भी देखने को मिल रहे है। नपा द्वारा अनुपयोगी प्लास्टिक बोतल, हॉस्पिटल से प्राप्त अनुपयोगी ड्रिप पाइप के माध्यम से ड्रिप पाइप के माध्यम से ड्रिप सिस्टम बनाया गया है। इस प्रयोग का इस्तेमाल नगर के विभिन्न स्थानों में लगे पौधो के लिए भी किया जाएगा।

इनका कहना है

खाली प्लॉट के मालिकों पर कार्यवाही निरंतर जारी है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रावधान के तहत कार्यवाही की जाएगी।

सतीश मटसेनिया, सीएमओ नपा बालाघाट

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