एक करोड़ तीस लाख से सीढ़िया तालाब का हो रहा सौंदर्यीकरण बैहर । नगर के हृदयस्थल में स्थित सीढ़िया तालाब का एक करोड़ तीस लाख रुपये की लागत से सौंदर्यीकरण हो रहा है। जिससे सालों बाद तालाब और आसपास सुंदरता दिखाई देगी। इसके पूर्व तालाब को सौंदर्यीकरण किए जाने की मांग उठी थी, लेकिन पूरी नहीं हो पाई थी। सौ साल पुराना तालाब होने से यहां की मिट्टी उपजाऊ है।जिससे 19 ट्रैक्टरों से मिट्टी परिवहन की जा रही है जो कृषि उपज बढ़ाने में कामयाब आएगी। नगर के लोगों ने बताया कि तालाब निकट रहवासियों के बीच नगर परिषद में दो बैठकें हुई। तालाब में निस्तार का गंदा पानी ना जाए, इसके लिए पक्की नाली का निर्माण किया जा रहा है। इस मार्ग पक्के अतिक्रमण स्वयं तोड़े या अतिक्रमण तोड़े जाएंगे। क्योंकि किसी भी प्रकार का गंदा पानी नहीं जाना चाहिए यह बैठक में तय हुआ है। इस दौरान धर्मू जैन, बंटी जैन, पार्षद कीर्ति शुक्ला, महेश्वरी श्रीवात्री मौजूद उपस्थित रहे। जिसमें सभी ने अपनी सहमति देते हुए नगर परिषद को सुझाव भी दिए कि कार्य प्रारंभ किया जाए ताकि किसी को समस्या का सामना न करना पड़े।जिसके चलते तालाब का निरीक्षण एसडीएम, तहसीलदार द्वारा किया गया। पूर्व में हुआ था प्रस्ताव स्वीकृतः नगर परिषद अध्यक्ष गन्नाू मेरावी ने बताया कि सीढ़िया तालाब सौंदर्यीकरण के कार्य के लिए मप्र शासन तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ को बैठक में सभी पार्षदों द्वारा प्रस्ताव तैयार किया गया था।जिससे स्वीकृति मिली थी।जिसका परिणाम है कि तालाब का सौंदर्यीकरण

एक करोड़ तीस लाख से सीढ़िया तालाब का हो रहा सौंदर्यीकरण 


बैहर । नगर के हृदयस्थल में स्थित सीढ़िया तालाब का एक करोड़ तीस लाख रुपये की लागत से सौंदर्यीकरण हो रहा है। जिससे सालों बाद तालाब और आसपास सुंदरता दिखाई देगी। इसके पूर्व तालाब को सौंदर्यीकरण किए जाने की मांग उठी थी, लेकिन पूरी नहीं हो पाई थी। सौ साल पुराना तालाब होने से यहां की मिट्टी उपजाऊ है।जिससे 19 ट्रैक्टरों से मिट्टी परिवहन की जा रही है जो कृषि उपज बढ़ाने में कामयाब आएगी।

नगर के लोगों ने बताया कि तालाब निकट रहवासियों के बीच नगर परिषद में दो बैठकें हुई। तालाब में निस्तार का गंदा पानी ना जाए, इसके लिए पक्की नाली का निर्माण किया जा रहा है। इस मार्ग पक्के अतिक्रमण स्वयं तोड़े या अतिक्रमण तोड़े जाएंगे। क्योंकि किसी भी प्रकार का गंदा पानी नहीं जाना चाहिए यह बैठक में तय हुआ है। इस दौरान धर्मू जैन, बंटी जैन, पार्षद कीर्ति शुक्ला, महेश्वरी श्रीवात्री मौजूद उपस्थित रहे। जिसमें सभी ने अपनी सहमति देते हुए नगर परिषद को सुझाव भी दिए कि कार्य प्रारंभ किया जाए ताकि किसी को समस्या का सामना न करना पड़े।जिसके चलते तालाब का निरीक्षण एसडीएम, तहसीलदार द्वारा किया गया।

पूर्व में हुआ था प्रस्ताव स्वीकृतः 

नगर परिषद अध्यक्ष गन्नाू मेरावी ने बताया कि सीढ़िया तालाब सौंदर्यीकरण के कार्य के लिए मप्र शासन तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ को बैठक में सभी पार्षदों द्वारा प्रस्ताव तैयार किया गया था।जिससे स्वीकृति मिली थी।जिसका परिणाम है कि तालाब का सौंदर्यीकरण कार्य जरूरी था।पांच वर्षों में परिषद में अनेक पक्की सीमेंट सड़क कार्य संपन्ना हुए है।इसमें नया प्रतीक्षालय और मटन मार्केट शामिल है। तालाब सौंदर्यीकरण कार्य का समय पर निरीक्षण किया गया।हाल ही में तालाब की गहराई की ओर ऊपर से नीचे तक तीन तरफ से सीमेंट कांक्रीट होकर पत्थर पिचिंग कार्य जारी है।पार पर चलने के लिए पाथवे का निर्माण होना है।सामग्री तैयार समय रहते निस्तार का दूषित पानी तालाब में ना जाए, इसीलिए योजना तैयार है।

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