कहा मुझसे है परेशानी तो दे देता हूं इस्तीफा, मनाने पर माने अध्यक्ष

 कहा मुझसे है परेशानी तो दे देता हूं इस्तीफा, मनाने पर माने अध्यक्ष


बालाघाट। जिले के प्रभारी मंत्री हरदीप सिंग डंग के बालाघाट प्रवास के दौरान कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभाकक्ष में जिला योजना समिति की बैठक का आयोजन किया गया जो काफी हंगामेदार रही है। यहां बैठक में शामिल हुए मध्यप्रदेश खनिज निगम अध्यक्ष व वारासिवनी विधानसभा विधायक प्रदीप जायसवाल प्रोटोकाल में उनका नाम न होने से नाराज हो गए और वे पीछे की कुर्सी में जाकर बैठ गए और जब उन्हें आगे आने कहा गया तो उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि प्रशासन उन्हें लगातार अनदेखा कर रहा है, जो मेरा नहीं बल्कि जनता का सम्मान कम होने जैसा है कारण निदर्लीय होने के बाद भी जनता ने मुझे इस पद तक पहुंचाया है। जिसके बाद आयुष मंत्री रामकिशोर कावरे, मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग अध्यक्ष ने उन्हें मनाया जिसके बाद वे आगे की कुर्सी में बैठे। वहीं प्रभारी मंत्री ने जिला प्रशासन से कहा कि ध्यान रखा जाए की इस तरह की गलती दोबारा न हो।

निगम अध्यक्ष को केबिनेट का दर्जा प्राप्त है:

बैठक के उपरांत खनिज निगम अध्यक्ष ने चर्चा में बताया कि लगातार उनके साथ प्रोटोकाल का उल्लघंन किया जा रहा है और ये प्रशासन के तरफ से किया जा रहा है जिसके चलते ही उन्होंने आज की बैठक में इस्तीफा देने की बात कहीं है। उन्होंने कहा कि प्रोटोकाल का नियम होता है और प्रोटोकाल का पालन करना जिला प्रशासन का दायित्व होता है, लेकिन प्रोटोकाल का पालन न होने पर नाराजगी जाहिर करना जरुरी है। प्रोटोकाल में निगम अध्यक्ष जिसको केबिनेट का दर्जा प्राप्त है उसे कहां बैठना ये तय करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

सरकार से नहीं कोई नाराजगी: 

इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार से उन्हें कोई नाराजगी नहीं है और उन्होंने भाजपा की सदस्यता नहीं ली है। मुख्यमंत्री से सहयोग लेकर वारासिवनी, खैरलांजी की जनता के लिए विकास का कार्य कर रहे उन्हें कांग्रेस व भाजपा से कोई लेना-देना नहीं है कोई विरोध करता है तो करता रहे ये जिला प्रशासन को समझना चाहिए कि प्रोटोकाल का वे पालन करें।

इनका कहना......

खनिज निगम अध्यक्ष द्वारा प्रोटोकाल के नियम का पालन नहीं करने पर नाराजगी जाहिर करने के मामला ऐसा है कि अपनी बात रखने का सबकों अधिकार है और इस तरह की बैठक इसलिए ही आयोजित की जाती है किसी को कोई समस्या हो तो वे बैठक के माध्यम से कह सके।

-हरदीप सिंग डंग, प्रभारी मंत्री, बालाघाट।

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