पिछड़ा पावे सौ में साठ। मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह की भाजपा सरकार के द्वारा पिछड़े वर्ग के साथ बेईमानी,धोखेबाजी और विश्वासघात किया है ... पूर्व सांसद कंकर मुंजारे,

 डॉ राम मनोहर लोहिया ने 1962 में आज से 60 वर्ष पूर्व कहा था की सभी पिछड़ी जातियों को 60% आरक्षण मिलना चाहिए और यह भी कहा था कि चाहे ये लायक है या नहीं है जैसे भी है उनको ऊंची जगह पदों पर बैठाओ क्योंकि जब यह ऊंची जगहो के पद पर बैठेंगे और मौका पाएंगे तो इनके दिमाग की खिड़की दरवाजा खुल जाएंगे और सब ठीक होगा किसी बात की चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है, 4-5 हजार साल से इनके दिमाग के खिड़की दरवाजे बंद हो गए हैं क्योंकि इनको ऊंची जगहों पद पर बैठने का मौका कभी नहीं मिला है।

समाजवादियों ने बांधी गांठ।

पिछड़ा पावे सौ में साठ।

मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह की भाजपा सरकार के द्वारा पिछड़े वर्ग के साथ बेईमानी,धोखेबाजी और विश्वासघात किया है,


वर्ग को संविधान में दिए गए उनके मूलभूत अधिकारों से वंचित कर बहुत बड़ा अन्याय किया गया है, पिछड़े वर्ग के द्वारा इसका बदला पंचायत, जनपद पंचायत,जिला पंचायत में भाजपा को हराकर लिया जाना चाहिए,शिवराज सिंह सरकार की गाल पर जोरदार तमाचा मारना चाहिए।

जनता पार्टी लोक दल भारतीय जनता पार्टी और अन्य दलों ने मिलकर जनता दल बनाया था।

1989 में प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह के नेतृत्व में जनता दल की सरकार बनी थी। उस वक्त बालाघाट की जनता ने मुझे भी निर्दलीय क्रांतिकारी समाजवादी मंच के तीर कमान चुनाव चिन्ह पर सांसद के रूप में चुनकर लोकसभा में भेजा था और मैंने लोकसभा में विश्वनाथ प्रताप सिंह की सरकार को आखरी दम तक समर्थन दिया था। प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह के द्वारा संविधान में दिए गए आरक्षण के अधिकार के तहत पिछड़े वर्ग को आरक्षण देने के लिए मंडल आयोग की रिपोर्ट को लागू करने की घोषणा की गई थी जैसे ही पिछड़े वर्ग को आरक्षण देने की घोषणा की गई वैसे ही भारतीय जनता पार्टी ने और उसके लोकसभा के सदस्यों ने अपना समर्थन वापस ले लिया और प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह की सरकार को गिरा दिया और पिछड़े की पीठ पर छुरा भोंक दिया‌। भाजपा ने पिछड़ों के अधिकार और आवाज को दबाने के लिए अयोध्या में राम मंदिर बनाने के लिए सोमनाथ से अयोध्या तक रथ यात्रा निकालकर पिछड़ों के अधिकार और आवाज को दबा दिया, कुचल दिया भारतीय जनता पार्टी शुरू से ही पिछड़ों वर्गों की बिल्कुल विरोधी और दुश्मन है और हमेशा पिछड़े वर्ग की उन्नति, प्रगति,आर्थिक सामाजिक उत्थान समता और संपन्नता के खिलाफ है।

1993 में मध्यप्रदेश विधानसभा में कानून बनाकर प्रस्ताव पास किया था, जिसके 25% जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित करने का प्रावधान था, लेकिन इतनी सीट भी नहीं मिली। मध्यप्रदेश में जिला पंचायत सदस्य के लिए 875 सीट है जिसमे पिछड़े वर्ग के लिए सिर्फ 98 सीट आरक्षित हुई है सिर्फ 9% का आरक्षण मिला है, मध्य प्रदेश में 19 जिले ऐसे हैं जिनमें पिछड़े वर्ग के लिए एक भी सीट आरक्षित नहीं की गई, मध्यप्रदेश में जनपद अध्यक्ष के लिए 313 पद है उसमें सिर्फ 30 पद सीट पिछड़े वर्ग अध्यक्ष के लिए आरक्षित की गई। 28 जिले ऐसे हैं जिसमें एक भी अध्यक्ष का पद पिछड़े वर्ग को नहीं मिला सिर्फ 10% आरक्षण मिला है। जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए मध्यप्रदेश में 6771 पद है जिसमें पिछड़े वर्ग को 780 पद आरक्षित किए गए हैं, पिछड़े वर्ग को सिर्फ 8.5% आरक्षण मिला है, 10 जिले ऐसे हैं जिसमें पिछड़े वर्ग को एक भी जनपद पंचायत सदस्य का पद नहीं मिला है, मध्यप्रदेश में 22424 सरपंच के पद है उस में पिछड़े वर्ग को 2821 पद पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित किए गए सिर्फ 8% सरपंच का पद पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित किया गया।

कंकर मुंजारे पूर्व सांसद

मो.9425448088

बालाघाट मध्य प्रदेश

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.