खुल रहे स्कूलों में टपकती छत के नीचे नौनिहाल करेंगे पढ़ाई, डाइट शा. प्राथमिक अंग्रेजी शाला के हालत बदत्तर
बालाघाट। नवीन शैक्षणिक सत्र आज 17 जून से प्रारंभ हो रहा है, स्कूल चले हम अभियान से इसकी शुरूआत की जायेगी, जहां शाला के शिक्षक, शिक्षिकायें और शाला प्रबंधन समिति एवं छात्र, छात्रायें, इसमें सहभागी होंगे, हर बच्चा स्कूल आये, कोई बच्चा छूट न पाये स्लोगन के साथ स्कूल चले हम अभियान की शुरूआत तो की जा रही है लेकिन, शैक्षणिक संस्थाओं के हालत काफी बुरे है, कहीं छत रिस रही है तो कहीं बैठने तक के लिए सुविधा नही है, ऐसे में बच्चे कैसे स्कूल आये और कैसे शिक्षक पढ़ाये, यह चिंतनीय है और ऐसे हालत यदि शहर के हो, तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिले के हालत कैसे होंगे।
हम बात कर रहे शहर के एकमात्र शासकीय अंग्रेजी प्राथमिक स्कूल डाईट की बताया जाता है कि यहां पांचवी का रिजल्ट काफी अच्छा रहा है, चूंकि यहां अध्ययन कराने वाले शिक्षक, शिक्षिकाओं ने छात्रों पर जमकर मेहनत की, वहीं छात्र,छात्राओं ने भी पढ़-लिखकर अपने गुरूजनों की मेहनत को अपने पढ़ाई से उड़ान दी है, लेकिन यह प्राथमिक स्कूल, टपकती छत, बैठक व्यवस्था और जलभराव की समस्या से जूझ रहा हहै, जिसकी ओर किसी का ध्यान नहीं है, जबकि जिला मुख्यालय में शिक्षा से जुड़े बड़े अधिकारियों का निवास और कार्यालय है, बल्कि पूरा प्रशासन यहां है।
चिंतनीय बात है कि स्कूल प्रबंधन द्वारा स्कूल से संबंधित सारी समस्याओं को वरिष्ठ स्तर तक पहुंचाने के बाद भी कोई ध्यान नही दिया जा रहा है, जहां मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना सीएम राईस स्कूल में नर्सरी से पांचवी तक के लिए पैस पानी जैसा बहाया जा रहा है, वही सालों से डाईड में संचालित प्राथमिक अंग्रेजी शाला की ओर ध्यान नही दिया जाना, समझ से परे है, या फिर शिक्षा को लेकर जिले के जिम्मेदार गंभीर नही है।
शासकीय प्राथमिक अंग्रेजी शाला प्राचार्य शिवकुमार गुप्ता की माने तो स्कूल के पास आम का पेड़ होने से आये दिन बंदर स्कूल की छत में उछलकूद करते है, जिससे यहां की कवेलु टुट गई है, जिससे छत से पानी रिसता है, यही नही बल्कि कक्षा में बैठक व्यवस्था के लिए मेट की कमी है, साथ ही अक्सर बारिश में मैदान में जलभराव हो जाता है, उन्होंने बताया कि गत दिवस ही बारिश में छत की कवेलु टुट जाने से पानी जमा हो गया है, जिसे शिक्षकों ने मिलकर साफ किया है, वही स्कूल में भृत्य तक की सुविधा नहीं है।