बोलेगांव, सिरेगांव व बेनेगांव में पंचायत चुनाव बहिष्कार लोकत्रंत की हत्या

 बोलेगांव, सिरेगांव व बेनेगांव में पंचायत चुनाव बहिष्कार लोकत्रंत की हत्या

रमेश भटेरे भाजपा जिलाध्यक्ष के पद से दे स्तीफा: शेषराम राहगंडाले


 बालाघाट। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर बालाघाट जिले में जहाँ एक ओर निर्विरोध निर्वाचन की एक नई परिपाटी तैयार हो रही है वही दूसरी ओर बहिष्कार किया जा रहा है, भाजपा के मंत्री रामकिशोर कावरे के गांव में पूर्ण निर्विरोध निर्वाचित तो वहीं भाजपा के जिला अध्यक्ष रमेश भटेरे के गांव बोलेगांव, पंचायत सिरेगॉव व बेनेगांव में चुनाव के पूर्ण बहिष्कार ने जिले के भाजपाईयो की राजनीति में उथल पुथल मचा रखी है। वहीं कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष शेषराम राहगंडाले ने प्रेस विज्ञाप्ती जारी कर रहा की लांजी क्षेत्र से भाजपा के जिलाध्यक्ष के गृह ग्राम बोलेगांव में पंचायत चुनाव का बहिष्कार  लोकत्रंत की हत्या है, रमेश दिलीप भटेरे को भाजपा जिलाध्यक्ष के पद से दे स्तीफा दे देना चाहिए।

 उन्होने आगे कहा की लांजी-किरनापुर के पूर्व विधायक एवं भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश भटेरे के गृह ग्राम बोलेगाव तथा इससे लगी ग्राम पंचायत सिरेगॉव में सरपंच-उपसरपंच तथा पंच पद के लिए किसी भी प्रत्याशी ने नामांकन जमा नही किया है। तो वहीं और नाम वापसी के बाद ग्राम पंचायत बेनेगांव से सभी पंचायत बाडी ने अपना नाम वापसी ले लिया, जहां सीधा लोकतंत्र की हत्या है, इसका परिणाम आगामी 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा को स्पष्ठ रूप से देखने को मिलेगा। उन्होने आगे कहा की जिले की जनता जानती है कि भाजपा की सरकार के द्वारा लोकतंत्र की हत्या की जा रहीं है, पंचायत का बहिष्कार किया गया है इसका जिम्मेदारी जिला के भाजपाईयों की है। जिनके घर में चुनाव का बहिष्कार किया गया है अब ऐसे में इनकी घर में राजनीति नहीं चल सकती तो फिर क्या ये बाहार राजनीति का बखान कर वादा खिलाफी व जुलमेबाजी वाले जनता के सामने अपना भोपु फुंकेगें, और जनता को छुटे वादे कर लोबप्रलाभन देते है जब पंचवर्षीय समाप्त की ओर आती है तभी जनता के पास पुराने वादों को छोड नये वादों की माला पहनाने की जुगत में रहते है। बालाघाट की जनता जानता है कि भाजपा की सरकार में केवल मंहगाई ही नहीं बड़ी सबसे ज्यादा तो बेरोजगारी बड़ी है जिसका कारण है प्राईवेट कंम्पनियों के हाथों में देश की बड़ी-बड़ी धरोहर से लेकर सरकारी कंपनियों को दे रखा है, जहां अब हमारे गांव-कसबे के शिक्षित युवा वर्ग घर में पड़े है उनके सामने रोजगार के लाले पड़े हुए है। ऐसे सरकार को हमारी जिले की जनता आईना दिखाना जानती है जो आगामी चुनाव में दिखाई देगा।

मध्यप्रदेश में भाजपा की सरकार है और उन्ही के बालाघाट जिले में मध्यप्रदेश केबिनेट मंत्री रामकिशोर कावरे, ओबीसी आयोग अध्यक्ष गौरीशंकर बिसेन जो मध्यप्रदेश की सरकार में अपनी कुर्सी और बालाघाट भाजपा जिलाध्यक्ष की कुर्सी रमेश दिलीप भटेरे के द्वारा संभाले हुए है पर अब पंचायत चुनाव में ही उनकी कुर्सीयां खिसकने लगी है,  लांजी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के जिलाध्यक्ष है पर उन्हीं के गांव में लोकतंत्र की हत्या की गई है, ऐसे में भाजपा के जिलाध्यक्ष के पद से उन्हें स्तीफा दे देना चाहिए जो अपने गांव में लोकतंत्र की रखवाली नहीं कर सकते तो फिर क्या जिलाध्यक्ष की कमान संभालेगें?

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