एक साथ जन्में चार नवजात की सकुशल हुई घर वापसी
बालाघाट। जिले के किरनापुर क्षेत्र के ग्राम जराही निवासी प्रसूता प्रीति पति नंदलाल मेश्राम को जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में 23 मई 2022 को एक साथ चार नवजात हुए थे जन्म के साथ ही इन नवजातों की हालत गंभीर होने के चलते उन्हें शिशु गहन चिकित्सा ईकाई में भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा था। जिनके स्वस्थ्य होने पर आज उनकी सकुशल घर वापसी हुई है। इस दौरान बच्चों के माता-पिता के चेहरे पर बच्चों के लिए मुस्कान रही तो वहीं उनके भविष्य की चिंता भी दिखाई दी है।
नोडल अधिकारी शिशु रोग विशेषज्ञ डा. निलय जैन ने बताया कि बालाघाट जिले में ऐसा पहली बार हुआ है। जब एक प्रसूता को पहले प्रसव के दौरान ही एक साथ चार नवजात बच्चे हुए है। इनमें से तीन बालक है और एक बालिका है। उन्होंने बताया कि जन्म के बाद से ही उनकी स्थिति बहुत ही गंभीर थी और बेहोशी की हालत में थे जिन्हें 23 मई से लेकर 20 जून तक निरंतर ऑक्सीजन रखने, लगातार ब्लड चढ़ाने और उचित देखरेख करने के कारण चारों की स्थिति में सुधार हो गया है। वहीं उनके माता-पिता के कहने पर उन्हें आज छुट्टी दी गई है और घर पर बच्चों की बेहतर तरीके से देखरेख करने की उन्हें हिदायत भी दी गई है।
माता-पिता ने शासन से की आर्थिक मदद की गुहार:
चार नवजातों के माता-पिता प्रिती व नंदलाल मेश्राम ने बताया कि सोनोग्राफी के दौरान जुड़वा बच्चों की जानकारी दी गई थी और सीजर के बाद एक साथ चार बच्चें हुए है जिसकी अपार खुशी उन्हें है, लेकिन उनके भविष्य की चिंता भी उन्हें सता रही है। उन्होंने बताया कि वे लोग गरीब है और रोजाना की मजदूरी कर अपना जीवन-यापन करते है। ऐसे अब एक साथ चार बच्चों का पालन-पोषण करना उनके लिए बहुत ही मुश्किल कार्य है ऐसे में शासन-प्रशासन उनकी आर्थिक मदद करेगा तो बच्चों के लिए बेहतर हो सकेगा।
इनका कहना...
23 मई को जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में प्रसूता का सीजर करने पर उसे एक साथ चार बच्चों को जन्म दिया है। जन्म के बाद से ही उनकी हालत गंभीर होने के चलते शिशु गहन चिकित्सा ईकाई में भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा था। चिकित्सा व पूरे स्टाफ की मेहनत रंग लाई और अब ये बच्चे स्वस्थ्य हो चुके है। जिनकी आज छुट्टी की गई और बच्चों के माता-पिता उन्हें घर ले गए है।
-डा. संजय धबडग़ांव, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल।