प्रदेश की एकमात्र नगर पालिका की कमान निर्दलीय के हाथ

 प्रदीप जयसवाल को मिला जनता का साथ 

नगर पालिका वारासिवनी में  गुड्डा जयसवाल सरकार

प्रदेश की एकमात्र नगर पालिका की कमान निर्दलीय के हाथ





बालाघाट(वारासिवनी)। जिले की वारासिवनी नगर पालिका परिषद में पार्षद के लिए 15 वार्डों में हुए चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद यहां की नगर की राजनीति की तस्वीर साफ हो गई है।निर्दलीय विधायक प्रदीप जायसवाल गुड्डा भैया के समर्थित 10 प्रत्याशियों ने चुनाव जीता है। जबकि भाजपा के महज 05 प्रत्याशियों ही जीत पाए हैं।इससे भी बड़ी हैरानी की बात है कि कांग्रेस का गढ़ मानी जाने वाली वारासिवनी विधानसभा के मुख्यालय में नगर पालिका चुनाव में सत्ता खोने वाली कांग्रेस पार्टी यहां अपना खाता भी नहीं खोल पाई है। 15 वार्डों में कांग्रेस का एक भी प्रत्याशी नहीं जीत पाया है। वारासिवनी में दिग्गजों की दाव में भाजपा-कांग्रेस को कारारी हार का सामना करना पड़ा है। भाजपा प्रत्याशी दस वार्ड में चुनाव हारे हैं,जबकि कांग्रेस को पूरे 15 वार्डों में हार का मुंह देखना पड़ा है। वारासिवनी निकाय में निर्दलीयों का बोलबाला रहा है। यहां लगातार जीत हासिल कर सत्ता में रहने वाली कांग्रेस अपना खाता भी नहीं खोल पाई है। यह कांग्रेस की वारासिवनी निकाय में अब तक की सबसे बड़ी हार है। निर्दलीय विधायक से रार में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा है। जिसने इसे कांग्रेस का गढ़ बनाया उसी ने इसे पार्टी छोडऩे के बाद भेद दिया है ।नगर की राजनीति से कांग्रेस का पत्ता साफ हो गया है।

विधानसभा की राजनीति ने बदल दिया परिद्श्य

वारासिवनी निकाय में विधानसभा की राजनीति ने पूरा परिदृश्य ही बदल दिया है। यहां नगर की सत्ता से कांग्रेसी नहीं कांग्रेस हार गई है। निर्दलीय विधायक के समर्थक प्रत्याशी जो शुरू से ही कांग्रेस से जुड़े रहे हैं। प्रदीप जायसवाल के पार्टी के छोडऩे के बाद उनने निर्दलीय प्रत्याशी के रुप में अपनी दावेदारी जताकर जीत हासिल की। 15 वार्डों में जिन प्रत्याशियों को कांग्रेस ने उतारा वह जीत नहीं पाए। इधर भाजपा को भी 10 वार्डों में हार का सामना करना पड़ा है। प्रदीप जायसवाल भले ही शिवराज सरकार के साथ हों और भाजपा से मिलकर राजनीति कर रहे हों,लेकिन यहां भाजपा समर्थित उन्हें स्वीकार नहीं कर रहे हैं।जिसके चलते उन्हें अपने समर्थकों को निर्दलीय प्रत्याशियों के रुप में मैदान में उतारा था।भाजपा-कांग्रेस की हार से निर्दलीय यानि प्रदीप जायसवाल के समर्थित पार्षद बहुमत के साथ नगर की सत्ता पर काबिज होंगे।वारासिवनी निकाय में भाजपा-कांग्रेस की हार,से यहां अब गुड्डा की सरकार चलेगी।

भाजपा-कांग्रेस में चिंतन और मंथन शुरू,निर्दलीय मना रहे खुशी

निकाय चुनाव की राजनीति में हुए उलट फेर से भाजपा-कांग्रेस के वारासिवनी के सियासी गणित फेल हो गए हैं।दोनों ही दलों में चिंतन और मंथन का दौर शुरू हो गया है।दूसरी तरफ निर्दलीय प्रत्याशी जीत की खुशियां मना रहे हैं।निर्दलीय प्रत्याशी के रुप में 757 मत हासिल कर वार्ड क्रमांक चार से पवन धुर्वे ने सर्वाधिक 303 मतों से जीत हासिल की है।जबिक योगेंद्र लिमजे ने वार्ड क्रमांक 11 से 544 मत हासिल कर 5 मतों के अंतर चुनाव जीता है।

वार्ड क्रमांक विजेता प्रत्याशी दल प्राप्त मत

01. प्रीति संतोष शिव (निर्दलीय) 505

02. मदनलाल धार्मिक (निर्दलीय) 469

03. रूखमणी बिसेन (भाजपा) 371

04. पवन धुर्वे (निर्दलीय) 757

05. मधु सुनील जायसवाल (निर्दलीय) 374

06. रीतू आलोक खरे (भाजपा) 624

07. ललिता ठाकरे (भाजपा) 388

08. धर्मेश जोशी (निर्दलीय) 345

09. प्रवीण डोंगरे (निर्दलीय) 518

10. संदीप मिश्रा (निर्दलीय) 365

11. योगेंद्र लिमजे (निर्दलीय) 544

12. सरिता दाँदरे (निर्दलीय) 495

13. दीपा प्रवीण रूसिया (भाजपा) 437

14. डॉली विक्की एड़े (निर्दलीय) 422

15. आशुतोष कोहाड़ (भाजपा) 413

दलगत आधार पर

- निर्दलीय प्रत्याशियों की बाल्टी पूरी 10 वार्डों में भरी।

-भाजपा के तालाब में केवल 5 कमल खिले।

-कांग्रेस के हाथ हासिल आई जीरो।

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