अनाज पर जीएसटी लगने से नाराज हुई जनता, कहा- रसोई गैस व डीजल व पेट्रोल के दाम छू रहे आसमान
बालाघाट। केंद्र सरकार ने अनाज पर भी पांच प्रतिशत जीएसटी लगा दी है जिसे लेकर आम जनता के साथ ही व्यापारी वर्ग में भी असंतोष बढ़ गया है और इसे लेकर लोग खुलकर केंद्र सरकार के इस फैसले का खुलकर विरोध भी कर रहे है। लोगों का कहना है कि सरकार जनता की आर्थिक हालात को जानने के बाद भी इस तरह के फैसले ले रही है जिससे जीना ही मुश्किल हो जाएगा।
स्थानीय निवासी व व्यापारियों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि देश के इतिहास में ये पहला मौका है जब कोई सरकार अनाज पर टैक्स लगा रही है, जो कि न्यायोचित नहीं है। उन्होंने वैसे ही पेट्रोल, डीजल व रसोई गैस के दाम के साथ ही खाद्य सामग्री के दाम आसमान छू रहे है और अब गेहू, चावल, दाल, आटा समेत अन्य खाद्य सामग्री पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगा दी है जिससे इनके दाम भी बढ़ जाएंगे और इसकी सीधा असर घरेलू बजट पर पड़ेगा।
आमदनी के नहीं संसाधन और बढ़ाया गया अतिरिक्त बोझ:
सरकार के फैसले पर लोगों ने असहमति जताते हुए कहा कि कोरोना के बाद से ही जहां लोगों के रोजगार के संसाधन छीन गए है स्थिति ये निर्मित है कि बड़ी मुश्किल से लोगो को दैनिक रोजगार मिल पा रहा है, वहीं व्यापार भी पहले की तुलना में अब कम हो चुका है। वहीं गेहूं, चावल, दाल, तेल समेत अन्य रोजमर्रा जिंदगी की खाद्य सामग्री पर जीएसटी लगाने से ये अतिरिक्त बोझ बढ गया है।
इनका कहना........
15 से 20 रुपये तक दामों में होगी बढ़ोत्तरी
देश में ये पहला मौका है जब किसी सरकार ने अनाज पर ही टैक्स लगा दिया है जबकि अब तक अनाज टैक्स से मुक्त था लेकिन अब टैक्स लगा दिए जाने से सीधे-सीधे से 15 से 20 रुपये तक दामों में बढ़ोत्तरी होगी जिसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा। सरकार ने अनाज पर जीएसटी लगाकर उचित नहीं किया है।
अशोक ललवानी, फुटकर किराना व्यवसायी।
न सलाह न मशवरा सीधे लगाया टैक्स
केंद्र सरकार को कोई फैसला लेने से पहले ये जरुर सोचना चाहिए कि उनकी जनता कितनी सक्षम है। अनाज पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगाने से पहले केंद्र सरकार ने न तो सलाह ली और न ही मशवरा लिया सीधे एक बैठक लेकर जनता पर जीएसटी नामक बोझ बढ़ा दिया है इससे न सिर्फ व्यापारी वर्ग बल्कि आमजनता पर सीधा असर पड़ेगा।
-सरेशचन्द्र बाघरेचा, फुटकर अनाज व्यापारी।
पहले से झेल रहे महंगाई की मार
पहले से ही रसोई गैस, पेट्रोल, डीजल, खाद्य सामग्री, सब्जी समेत अन्य सामग्रियों के दाम बढे हुए जिससे आमजनता परेशान हो रही है और अब अनाज पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगा दी गई है और आय के साधन बड़े ही नहीं है। ऐसी स्थिति में आमजनों को जीना मुश्किल हो जाएगा।
अजय मोटवानी, उपभोक्ता।