तीन साल बाद भी नहीं बन सके गरीबों के आशियाने
बालाघाट। नगरीय क्षेत्र में निवास कर रहे ऐसे गरीब वर्ग के लोग जिनके पास खुद की जमीन और आशियाना नहीं है उन्हें प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत बुढ़ी फिल्टर प्लांट के समीप ही पक्के मकान बनाकर दिए जा रहे है, लेकिन तीन साल बीत जाने के बाद भी ये मकान अब तक पूर्ण नहीं हो पाए है। जिससे गरीबों के खुद के आशियाना की आस अब भी अधूरी ही है और अब लोगों के बीच भी धीमी गति से चल रहे निर्माण कार्य के प्रति नाराजगी देखने को मिलने लगी है।
बजट के चलते योजना में बदलाव फिर पूर्ण नहीं हुआ कार्य:
प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना का कार्य 2022 में पूर्ण रुप से कंपलीट होना था। जिसमें करीब 600 ईडब्ल्यूएस मकान गरीबों के लिए और एमआइजी व एलआइजी मकानों का निर्माण भी किया जा रहा है लेकिन कोरोना आपदा के चलते बजट का संकट खड़ा होने के कारण इस योजना में बदलाव किया गया और जून 2022 तक 36 मकान गरीबों को दिए जाने का लक्ष्य रखा गया था लेकिन जून माह गुजर जाने के बाद भी यह कार्य अधूरा ही पड़ा है जिससे आवंटन की प्रक्रिया भी पूर्ण नहीं हो पाई है।
बाउंड्रीवाल तो दूर सड़क का नहीं हुआ है निर्माण:
बुढ़ी फिल्टर के समीप बनाए जा रहे पीएम शहरी आवास योजना के मकान वैनगंगा नदी के करीब में ही बनाए जा रहे है जिसके चलते पिछले वर्ष बाढ़ की स्थिति का सामना भी करना पड़ गया था और कार्य प्रभावित हुआ था जिसके चलते ही मकानों को बाढ़ से बचाने के लिए एक बाउंड्रीवाल का निर्माण भी किया जाना है जो कि अब शुरु भी नहीं हो पाई है, वहीं आवागमन के लिए सड़क का निर्माण किया जाना है जिसका कार्य भी अब तक शुरु नहीं हो पाया है।
कांग्रेस ने लगाया आरोप, गरीबों की नहीं बची योजना:
धीमी गति से कराए जा रहे निर्माण कार्य को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व कार्यवाहक जिलाध्यक्ष राजा सोनी समेत अन्य कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर गरीबों के साथ महज खिलवाड़ ही किया जा रहा है इस योजना के तहत मकान निर्माण की शुरुआत के दौरान ही गरीबों लोगों से 20-20 हजार रुपये की राशि जमा करवाई गई है, और कहा गया था कि मकान निर्माण का कार्य पूर्ण होते ही सर्वप्रथम उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी लेकिन अब जानकारी मिल रही है कि 36 मकान का निर्माण कार्य पूर्ण होने पर पात्र 20 हजार रुपये जमा करने वाले हितग्राहियों के बजाय ऐसे लोगों को मकान दिए जाएंगे जो कि नकद दो लाख रुपये की राशि जमा करेंगे। उन्होंने बताया कि ये तो सीधे तौर पर गरीबों के साथ अन्याय किया जा रहा है और गरीबों के लिए बनाई गई योजना का लाभ अमीर लोग लेंगे और गरीब वंचित ही रह जाएगा।उन्होंने कहा कि गरीबों के हक के लिए वे लोग आंदोलन भी करेंगे।