110 वर्ष पुराना डोंगरबोड़ी जलाशय फूटा, मछुवारों के जीवन पर आया संकट

 110 वर्ष पुराना डोंगरबोड़ी जलाशय फूटा, मछुवारों के जीवन पर आया संकट


बालाघाट. जनपद पंचायत बालाघाट के ग्राम पंचायत समनापुर के अंतर्गत 110 वर्ष पुराना डोंगरबोड़ी जलाशय शुक्रवार की सुबह फूट गया। जलाशय के फूटने से मछुआरों के जीवन पर संकट आ गया। इधर, किसानों को भी फिलहाल सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पाएगा। इस जलाशय से करीब 338 हेक्टेयर कृषि भूमि पर सिंचाई की जाती थी।

विभाग से मिली जानकारी के अनुसार डोंगरबोड़ी जलाशय का निर्माण वर्ष 1910 में किया गया था। इस बांध की अधिकतम उंचाई 10.60 मीटर और लंबाई 720 मीटर है। इस जलाशय की सिंचाई क्षमता खरीफ सीजन में 338 हेक्टेयर है। 110 वर्ष पुराना जलाशय होने के कारण इसके सुदृढ़ीकरण व मरम्मत के लिए शासन से जून 2022 में 63 लाख 59 हजार रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। नाला पोर्सन पर केवल फिल्टर का कार्य आंशिक रूप से करने के उपरांत वर्षा ऋतु प्रारंभ हो गई थी। जिसके कारण सुधार कार्य को रोक दिया गया था। इस जलाशय के सुधार कार्य के लिए धीरे-धीरे पानी की निकासी करना था और इसके लिए वेस्टवियर के साइड से कटिंग कर पानी की निकासी के लिए रास्ता बनाया गया था। लेकिन पिछले तीन-चार दिनों में भारी वर्षा होने के कारण पानी की निकासी के लिए बनाए गए रास्ते से अत्यधिक प्रवाह होने लगा है। जल संसाधन सर्वेक्षण संभाग के कार्यपालन यंत्री एनएस ठाकुर ने बताया कि डोंगरबोड़ी जलाशय के पानी की निकासी के लिए बनाए गए रास्ते से अत्यधिक पानी का प्रवाह होने से कोई नुकसान नहीं हुआ है। जलाशय का पानी सोनबिहरी नदी में चला गया है। कुछ लोगों के खेत में जरूर पानी गया है। लेकिन गावों में दहशत जैसी कोई स्थिति नहीं है। इस तालाब का पानी किसी गांव में नहीं आता है। खेतों की सिंचाई के लिए इस तालाब का पानी उपयोग किया जाता है लेकिन इस वर्ष अच्छी बारिश हो जाने के कारण तालाब के पानी का सिंचाई के लिए उपयोग नहीं किया जा रहा था।

150 परिवार के सामने जीविका उपार्जन की समस्या

इस जलाशय से 150 मछुआ परिवार के सामने जीविका उपार्जन की समस्या खड़ी हो गई है। दरअसल, इन मछुआ परिवारों का जीवन इसी जलाशय के उपर निर्भर था। अब जलाशय के फूटने से इनके पास आय का स्रोत समाप्त हो गया है। बताया गया है कि यह जलाशय 65 सदस्यीय मछुआ समिति को ठेके पर दिया गया था, जो पिछले कई वर्षों से इस जलाशय में मछली पालन कर अपना जीवन निर्वाह करते थे।

चार गांव के किसानों को नहीं मिलेगा सिंचाई के लिए पानी

जलाशय के खाली हो जाने से चार गांव के किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पाएगा। इस जलाशय से डोंगरबोड़ी, ओरम्हा, टेकाड़ी और समनापुर गांव के किसानों द्वारा अपने खेतों में सिंचाई की जाती थी। इस वर्ष अच्छी बारिश होने के चलते खरीफ सीजन के लिए सिंचाई की आवश्यकता महसूस नहीं हो रही है। लेकिन रबी के सीजन में पानी की आवश्यकता जरुर होगी।

इनका कहना है

डोंगरबोड़ी जलाशय फूटा नहीं है। मरम्मतीकरण के लिए जलाशय का पानी खाली करने एक नाली बनाई गई थी। पिछले तीन-चार दिनों से भारी बारिश होने के कारण पानी का प्रवाह तेज होने से नाली ने नाले का रुप धारण कर लिया। जिससे जलाशय का पानी खाली हो गया है। किसानों को भी नुकसान नहीं हुआ है।

-एनएस ठाकुर, कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन सर्वेक्षण संभाग बालाघाट

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