शिक्षा के लिए जान का जोखिम : उफनते नाले को पार कर स्कूल, घर पहुंच रहे बच्चे
परसवाड़ा क्षेत्र के ग्राम पंचायत नाटा के पंडाटोला व डंडईझोला का मामला
बालाघाट. शिक्षा के लिए जान का जोखिम लेने की एक तस्वीर फिर सामने आई है। परसवाड़ा क्षेत्र के स्कूली बच्चों का उफनते हुए नाले को पार करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इसमें बच्चे स्कूल जाने के लिए उफनते हुए नाले को एक ग्रामीण के सहयोग से पार कर रहे हैं। नाले में करीब तीन फीट पानी है। हालांकि, यह वीडियो एक सप्ताह पुराना है। लेकिन सोशल मीडिया पर गुरुवार को वायरल हुआ है। मामला परसवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत नाटा के पंडाटोला और डंडईझोला के बीच बहने वाले नाला का है।
जानकारी के अनुसार पंडाटोला और डंडईझोला के बीच स्थित नाले पर पुलिया नहीं है। बारिश के दिनों में यह नाला उफान पर होता है। ऐसे में विद्यार्थियों और ग्रामीणों को उफनते हुए नाले को पार करना पड़ता है। खासतौर पर स्कूल बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर शिक्षा अध्यन करने जाते हैं। ऐसे में बच्चों की यूनीफार्र्म और किताबें भीग जाती हैं। गुरुवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में डंडईझोला के बच्चे नाला पार करते हुए नजर आ रहे हैं। कई बार नाले में पानी अधिक होने पर उसे पार करने के लिए लोगों को घंटों इंजतार भी करना पड़ता है। ऐसे में हादसा होने की संभावना बनी रहती है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में एक ग्रामीण पहले बच्चों को अपने कंधे पर बैठाकर नाला पार करवाता है। इसके बाद बच्चियों को हाथ पकड़कर नाला पार करवाया। नाले के बीच मजधार में पहुंचने पर छात्राएं थोड़ी अनबेंलेंस भी हुई। शुक्र है कि कोई हादसा नहीं हुआ।
इधर, ग्राम पंचायत नाटा के सरपंच कुंवर सिंह मेरावी ने बताया कि गुरुवार को जो सोशल मीडिया पर बच्चों का वीडियो वायरल हुआ है, वह एक सप्ताह पूर्व का है। जिसमें नाले में तेज बहाव में फंसे स्कूली छात्रों को एक ग्रामीण ने कंधे पर बिठाकर नाले से पार कराया है। उन्होंने बताया कि पंडाटोला व डंडईझोला के बीच बहने वाले नाला में पुल का निर्माण नहीं हो पाया। प्रतिवर्ष बारिश के दिनों में ग्रामीणों और विद्यार्थियों को अपनी जान जोखिम में डालकर यह नाला पार करना पड़ता है। डंडईझोला से नाटा, चंदना और परसवाड़ा में पढ़ाई के लिए जाने वाले छात्रों को जान जोखिम में डालना पड़ता है। उन्होंने बताया कि नाले में पुल निर्माण के लिए अनेक बाार जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों को आवेदन दे चुके हैं, निवेदन कर लिए हैं। लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है।