प्रसव के नाम पर रुपए लेने का अरोप, डोंगरमाली में बवाल
सरपंच के नेतृत्व में चारों खूंट बंद रहा डोंगरमाली
दोषी स्वास्थ्य कर्मियों पर कार्रवाई किए जाने की मांग
बालाघाट/रामपायली. वारासिवनी जनपद क्षेत्र का ग्राम डोंगरमाली गुरूवार को चारों खूंट बंद रहा। सरपंच मनोज लिल्हारे के आह्वान पर गांव के व्यापारी, दुकानदारों ने एकजुट होकर अपने-अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। सभी ने डोंगरमाली स्वास्थ्य केन्द्र के कर्मचारियों पर प्रसव के लिए पांच-पांच हजार रूपए लिए जाने का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग। गांव में सुबह से दोपहर बाद तक बंद का असर रहा। चाय, पान दुकानों से लेकर स्कूल और सभी प्रतिष्ठान बंद रहे। सुरक्षा के दृष्टि से रामपायली पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहा। सभा के बाद ग्रामीणों ने एसडीएम के नाम तहसीलदार को लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की। पूरे प्रदर्शन के दौरान गांव में तनाव पूर्ण माहौल बना रहा।
यह है पूरा मामला
सरपंच मनोज लिल्हारे व ग्रामीणों के अनुसार डोंगरमाली शासकीय स्वास्थ्य केन्द्र में तैनात कर्मचारी प्रसव के नाम पर पांच-पांच हजार रुपए लेते हैं। गांव के गौतम परिवार की प्रसूता को भी प्रसव के लिए भर्ती करवाया गया था। इस दौरान उनसे ड्यूटी पर तैनात नर्स द्वारा पांच हजार रुपए की मांग की गई। रूपए नहीं देने पर प्रसूता को जिला अस्पताल रेफर कर दिए जाने की बात कही। घबराकर गौतम परिवार ने किसी तरह से पांच हजार रुपए एकत्रित कर नर्स को दिए तब जाकर उसका प्रसव करवाया गया। इस मामले की जानकारी गौतम परिवार ने सरपंच लिल्हारे को दी। इसके बाद सरपंच ग्रामीणों के साथ स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचे। इस दौरान सरपंच सहित ग्रामीणों को झूठे मामले में फंसा दिए जाने की धमकी दी। इस पूरे मामलों को लेकर आस-पास के करीब आठ से दस गांव के ग्रामींण एकजुट हुए। जिन्होंने गुरूवार को डोंगरमाली बंद रखकर कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की है। बंद के दौरान आयोजित सभा में भेंडारा, भानपुर, बिटोड़ी, सेलोटपार, साकड़ी, नवेगांव, शिवनघाट, फुटारा, बरबसपुर सहित अन्य गांव के ग्रामींणजन शामिल हुए।
इधर कर्मचारियों ने बंद की सेंवाए
इधर डोंगरमाली के स्वास्थ्य कर्मियों ने भी सरपंच सहित ग्रामीणों पर गाली गलौच, अभद्र व्यवहार व जान से मारने की धमकी दिए जाने के आरोप लगाए हैं। जिनके द्वारा स्वास्थ्य केन्द्र में सेवाए बंद कर कार्रवाई की मांग की जा रही है। जिला मुख्यालय पहुंचे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डोंगरमाली के प्रभारी डॉ विक्रम शरणागत, नर्सिग स्टाफ शीला नगपुरे, केके पांडेय ने बताया की प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जब से गार्डन का निर्माण हुआ उसके बाद से ही असमाजिक गतिविधियां संचालित हो रही है। प्रसव कराने के दौरान असमाजिक तत्व खिडक़ी से ताकझांक करते हंै। वहीं रात के समय असमाजिक तत्व स्वास्थ्य कर्मियों के घरों के सामने बैठकर शराब पीते हंै। इस बात का जब विरोध कर शिकायत की गई तो सरपंच ने ग्रामीणों के साथ मिलकर अभद्र व्यवहार करते हुए झूठी शिकायत की है। इससे स्वास्थ्य कर्मचारी दहशत में है। जिनके द्वारा सुरक्षा मुहैया कराए जाने तक काम नहीं करने की बात कही गई।