गांगुलपारा घाटी बन रहा डेंजर प्वाईंट, रोजाना हो रहे हादसे
बालाघाट. नजर हटी, दुर्घटना घटी। कुछ इस तरह की बानगी अब बालाघाट-बैहर रोड पर गांगुलपारा घाटी में देखने को मिल रही है। गांगुलपारा घाटी अब हादसों की घाटी बनते जा रही है। गांगुलपारा घाटी से लेकर बंजारी मंदिर के पूर्व तक इस मार्ग पर रोजाना छोटे-बड़े हादसे होते जा रहे हैं। एक माह में डेढ़ दर्जन से अधिक हादसे इस मार्ग पर हो चुके हैं। यह घाट अब राहगीरों के लिए डेंजर प्वाईंट बनते जा रहा है।
जानकारी के अनुसार बालाघाट से बैहर पहुंच मार्ग पर गांगुलपारा घाटी में करीब 9 किमी की दूरी में खतरों भरा सफर होता है। इस मार्ग पर रोजाना कोई न कोई हादसे होते जा रहे हैं। इस मार्ग पर एक ओर जहां खाई है तो दूसरी ओर पहाड़ी। बालाघाट से बैहर की ओर जाने के दौरान घाट होता है, जिसके कारण वाहनों की रफ्तार कम होती है। बावजूद इसके घाट होने की वजह से वाहन चालक अनियंत्रित हो जाते हैं। इसी तरह बैहर से बालाघाट की ओर आने के दौरान ढलान होता है। जिसके कारण वाहनों की रफ्तार अधिक रहती है। बैहर से बालाघाट की ओर आने के दौरान ही अधिक हादसे हो रहे हैं। हालांकि, इस मार्ग पर जगह-जगह रफ्तार नियंत्रण के संकेतक लगे हैं। लेकिन वाहन चालक संकेतकों पर ध्यान ही नहीं देते हैं। जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ता है।
घाट के चार मोड में होती है अधिक घटनाएं
गांगुलपारा घाटी में चार मोड ऐसे हैं, जहां घटनाएं अधिक होती है। इन मोडों को अंधा मोड भी कहा जा सकता है। जिसमें सामने से आने वाले वाहन पर नजर बहुत ही कम जाती है। दरअसल, इन मोडों में एक ओर खाई है तो दूसरी ओर पहाड़ी। जिसके कारण वाहन चालक पहाड़ी की ओर से अधिक आवागमन करते हैं। इस दौरान यदि वाहन चालक की नजर हटी तो दुर्घटना होना तय होता है। खासतौर पर रात्रि के समय बैहर से बालाघाट आने के दौरान इस मार्ग पर खतरा अधिक रहता है।
नजर नहीं आता स्पीड ब्रेकर
बालाघाट से बैहर रोड पर गांगुलपारा घाट की चढ़ाई करने के दौरान गांगुलपारा जलाशय के समीप एक स्पीड ब्रेकर बनाया गया है, लेकिन यह नजर नहीं आता है। यह स्पीड ब्रेकर भी दुर्घटना का कारण बनते जा रहा है। इस स्पीड ब्रेकर में खासतौर पर दोपहिया वाहन चालक ज्यादा अनियंत्रित होते हैं।
रात्रि में बाइक हुई दुर्घटनाग्रस्त
गांगुलपारा घाटी में शुक्रवार की रात्रि में एक बाइक ब्रेकर की वजह से दुर्घटना ग्रस्त हो गई। इस घटना में बाइक में सवार तीन लोग घायल हो गए। घायलों में एक युवक का पैर फ्रेक्चर हो गया। इसी दौरान सीएमएचओ डॉ. मनोज पाण्डेय, डॉक्टर गौरव करवाते परसवाड़ा से चिखलाझोड़ी होते हुए बालाघाट आ रहे थे। उन्होंने अपने वाहन को रोका। तुरंत लकड़ी तोड़कर डॉक्टर करवाते के साथ उसके पैर में बांधे और 108 को बुलाकर तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया। उन्होंने बताया कि मोटरसाइकिल सवार गढ़ी के रहने वाले हैं और बालाघाट आ रहे थे। बंजारी से घाट उतरते समय अंधेरे में उन्हें स्पीड ब्रेकर दिखाई नहीं दिया। ब्रेकर पर उनकी बाइक दुर्घटना ग्रस्त हो गई। इसी तरह दशहरा पर्व के एक दिन पूर्व बैहर से बालाघाट आ रही यात्री बस भी अनियंत्रित होकर पत्थर से टकराकर पलट गई थी। इस घटना में करीब चालीस यात्री घायल हो गए थे। इसके पूर्व भी दो बाइक इसी तरह दुर्घटनाग्रस्त हुई थी।