फौती दर्ज नहीं करने वाले चार पटवारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश
बालाघाट। कलेक्टर डॉ गिरीश कुमार मिश्रा ने 20 अक्टूबर को राजस्व विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर राजस्व प्रकरणों की समीक्षा की। बैठक में एडीएम शिवगोविंद मरकाम, डिप्टी कलेक्टर आयुषी जैन, राहुल नायक, सभी एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदार उपस्थित थे। बैठक में वन विभाग से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा के लिए वन मंडलाधिकारी ग्रजेश वरकड़े और वन विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
बैठक में मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान के अंतर्गत राजस्व विभाग से प्राप्त आवेदनों की समीक्षा के दौरान जिन ग्रामों में बी-1 का वाचन नहीं किया गया है और जहां पर फौती की संख्या शून्य या बहुत कम है, उसकी जांच करने के निर्देश दिए गए। शून्य फौती वाले खैरलांजी तहसील के ग्राम डोंगरिया, अतरी, शंकर पिपरिया और चोरपिंडकेपार के पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार किरनापुर के पटवारी को भी कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
जिले के वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में परिवर्तित करने के संबंध में चर्चा की गई। वन विभाग के अधिकारियों से कहा गया कि वे वन ग्रामों को राजस्व ग्राम में परिवर्तित करने के लिए ग्राम वार नोडल अधिकारी नियुक्त करें। वन ग्राम के नक्शे उपलब्ध कराएं। वन भूमि के पट्टा धारक की मृत्यु के मामले में फौती दर्ज कराएं। इस कार्य को प्राथमिकता के साथ करने कहा गया। बैठक में सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने क्षेत्र के स्कूलों व आंगनबाड़ी केन्द्रों का सतत निरीक्षण करते रहें। ग्रामों में स्कूलों के पास और शासकीय भूमि पर किए गए अतिक्रमण को सख्ती से हटाने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में खैरलांजी तहसील के ग्राम साकड़ी व बेनी में अतिक्रमण हटाने के लिए आवेदन दिया गया है। इस आवेदन पर शीघ्र कार्रवाई करने कहा गया है। कटंगी तहसील के मृतक तामसिंह के प्रकरण में 7 माह की अवधि में भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने पर संबंधित पटवारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने और कटंगी के थाना प्रभारी को पत्र लिखने कहा गया। इसी प्रकार परमाचंद पांचे को राहत राशि प्रदान करने के प्रकरण में कोषालय में आपत्ति लगाए जाने के मामले में जिला कोषालय अधिकारी से स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिए। राजस्व अधिकारियों को अपने क्षेत्र की अवैध कॉलोनियों के संबंध में प्रतिवेदन प्रस्तुत करने कहा गया है।