अज्ञात चोर ने माफीनामा के साथ मंदिर से चुराई गई सामग्री को छोड़ा
बालाघाट. मेरे को इस सामान से बहुत नुकसान हुआ है। इसलिए मै इस सामान को वापस रख रहा हूं। मेरे से जो भी गलती हुई उसे माफ करें। जिसे भी मिले, जैन मंदिर में दे देना। मै लामता का निवासी हूं। यह माफीनामा एक अज्ञात चोर ने लिखा है। इतना ही नहीं इस अज्ञात चोर ने माफीनामा के साथ जैन मंदिर लामता में चोरी किए गए सभी सामान को एक थैले में रखकर वार्ड क्रमांक 9 स्थित प्रवीण जैन के मकान के सामने सार्वजनिक नल के गड्ढे में रख दिया। सूचना के आधार पर पुलिस ने शुक्रवार की सुबह सामान को जब्त कर लिया है।
जानकारी के अनुसार लामता के बाजार चौक स्थित शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर से 24 अक्टूबर की रात्रि अज्ञात चोर ने चांदी के 9 छत्र, एक चांदी का भामडंल, 3 पीतल के भामडंल की चोरी कर ली थी। जैन समाज ने इसकी शिकायत लामता थाने में दर्ज कराई थी। इस मामले में पुलिस जांच कर रही है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार अज्ञात चोरों ने गुरुवार-शुक्रवार की रात्रि छत्र, भामंडल, माफीनामा पत्र एक थैले में रखकर वार्ड नंबर 9 स्थित प्रवीण जैन के मकान के सामने ग्राम पंचायत के सार्वजनिक नल के गड्ढे में रख दिया था। पानी भरने के लिए जैन परिवार इस नल के पास गड्ढों की सफाई करते हैं। शुक्रवार को भी वे सफाई करने के लिए नल पहुंचे थे। जहां उन्होंने थैला देखा। जिसे खोला तो भमंडल की चमक दिखाई दी। जिसकी जानकारी जैन समाज और पुलिस को दी। सूचना मिलने पर लामता पुलिस मौके पर पहुंची। सामान की शिनाख्त कराकर जब्ती बनाई। इधर, चोरी हुआ सामान जब्त होने के बाद जैन समाज बाजे-गाजे के साथ सामग्री लेने के लिए थाना पहुंचे थे।