दि बुद्धिस्ट सोसायटी द्वारा मनाया गया धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस एवं वर्षावास समापन समारोह।

 दि बुद्धिस्ट  सोसायटी द्वारा मनाया गया धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस एवं वर्षावास समापन समारोह।

पंचशील का पालन यह मानव को नापने का मापदंड है- बीएच गायकवाड गुरूजी
आदर्श बौद्ध समाज का निर्माण, धम्म संस्था का मुख्य उद्देश्य -इंजी. धम्मरतन सोमकुंवर
बोधिसत्व बाबा साहब द्वारा दी हुई 22 प्रतिज्ञाओं के पालन से धम्म चक्र प्रवर्तन दिवस की सार्थकता है-चरनदास ढेंगरे



               बालाघाट  .   समस्त भारतीय बौद्धो की राष्ट्रीय मातृत्व धम्म संस्था दि बुद्धिसट  सोसायटी आफ इंडिया अर्थात भारतीय बौद्ध महासभा के माध्यम से सम्पूर्ण भारत देश में संस्था के उद्देश्यो की पूर्ति हेतु नियमित क्रियाशील है। इसी क्रम में मध्यप्रदेश के होशंगाबाद जिले के इटारसी मुख्यालय में 66वां धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस एवं वर्षावास समापन समारोह 16 अक्टबर 2022 को रेल्वे इंस्टीटयूट 12 बंगला इटारसी में सम्पन्न हुआ।
              समारोह के मुख्य अतिथि आद. बी.एच.गायकवाड गुरूजी राष्टीय सचिव एवं म.प्र.,छ.ग.एवं गुजरात राज्यो के पालक मंत्री मुंबई, प्रमुख अतिथि आद. इंजी धम्म रतन सोमकुंवर साहब ट्रस्टी एवं राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष भोपाल, विशेष अतिथि आद. चरनदास ढेंगरे जी, प्रदेश अध्यक्ष एवं केन्द्रीय शिक्षक बालाघाट म.प्र., बी.सी.सहारे जी प्रदेश कोषाध्यक्ष एवं केन्द्रीय शिक्षक भोपाल, आद.चिंतामन पगारे जी प्रदेश महासचिव भोपाल, आत्माराम गोलाईत प्रदेश  कोषाध्यक्ष भोपाल, नामदेव राव वानखेडे जिलाध्यक्ष होशंगाबाद म.प्र. एवं अन्य अतिथि मंचासीन थे। पी.सी. चौधरी सामाजिक कार्यकर्ता ईटारसी, वी.पी. झरवडे पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष म.प्र. बैतुल (आमला),एड हरीश लोनारे मप्र कमांडर SSD,एड संजय पाटिल असींटेट कमांडर SSD  भोपाल एवं होशंगाबाद, ईटारसी, भोपाल, बैतुल एवं अन्य स्थानों के भारी संख्या में अनुयायी उपस्थित हुये।
सामूहिक पूजा वंदना एवं अतिथियों के स्वागत उपरांत अतिथियों द्वारा उन्होंने उक्त विषय पर अपने अपने प्रबोधन किये। मुंबई से पधारे मुख्य अतिथि गायकवाड गुरूजी ने सारगर्भित रूप से अपनी बात रखते हुये परिवार के साथ सुखी एवम मंगलमय जीवन जीने के गुरू सिखाये । परिवार में  पति एवम पत्नी ने आपस मे तथा बच्चों व अन्य सदस्य के साथ कैसे आचरण करना चाहि आदि महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी तथा प्रत्येक इंसान को अपना एवं दूसरो का जीवन मंगलमय करने हेतु तथागत बुद्ध के सिंद्धांत पंचशील का पालन करना होगा। एक सभ्य मानव के जांचने (मापने) का यंत्र याने पंचशील है। संस्था के ट्रस्टी एवं राष्टीय कोषाध्यक्ष इंजी.धम्मरतन सोमकुंवर साहाब ने अपने सारगर्भित प्रबोधन के माध्यम से बताया कि संस्था का मुख्य उद्देश्य भारत देश में आदर्श बोद्ध समाज का निर्माण है। इसी की पूर्ति हेतु संस्था नियमित कार्यरत है। संस्था ने अभि हाल ही में बौद्ध जीवन पुस्तक पाठ का निर्माण किया है जो भारत के सभी बोैद्धो के उपयोग एवं धम्म प्रचार प्रसार में सहायक है। इसी अवसर पर मध्यप्रदेश राज्य शाखा के उर्जावान अध्यक्ष चरनदास ढंगरे जी ने अपने उदबोधन के माध्यम से बताया कि तथागत बुद्ध सम्राट अशोक एवं बोधिसत्व डॉ.बाबा साहब आंबेडकर जी ने हमे अपना स्वयं का जीवन मंगल करने हेतु धम्म प्रवर्तन कर मानवता वादी बौद्ध धम्म दिया है। इसकी सार्थकता तभी संभव होगी एवं हमारा जीवन मंगलमय तभी होगा जब हम बाबा साहब आंबेडकर जी द्वारा दी गई 22 प्रतिज्ञाओं का अपने जीवन में अक्षरश: पालन करेगें। इस कार्यक्रम के अध्यक्ष अंकोश घोडेस्वार अध्यक्ष इटारसी एवं स्वागत अध्यक्ष ईटारसी एवं सुनील डोंगरे अध्यक्ष न्यूयार्क इटारसी थे। कार्यक्रम का सफल संचालन गणेश कांबले एवं अशोक इंगले जी ने किया।इस कार्यक्रम को सफल बनाने कोषाध्यक्ष अरूण गंगावने उपाध्यक्ष,आनंदराव,कमल ऊबनारेआदि ने सहयोग किया। नापने का मापदंड है- बी एच
 गायकवाड गुरूजी
आदर्श बौद्ध समाज का निर्माण, धम्म संस्था का मुख्य उद्देश्य -इंजी. धम्मरतन सोमकुंवर
बोधिसत्व बाबा साहब द्वारा दी हुई 22 प्रतिज्ञाओं के पालन से धम्म चक्र प्रवर्तन दिवस की सार्थकता है-चरनदास ढेंगरे


समस्त भारतीय बौद्धो की राष्ट्रीय मातृत्व धम्म संस्था दि बुद्धिसट  सोसायटी आफ इंडिया अर्थात भारतीय बौद्ध महासभा के माध्यम से सम्पूर्ण भारत देश में संस्था के उद्देश्यो की पूर्ति हेतु नियमित क्रियाशील है। इसी क्रम में मध्यप्रदेश के होशंगाबाद जिले के इटारसी मुख्यालय में 66वां धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस एवं वर्षावास समापन समारोह 16 अक्टबर 2022 को रेल्वे इंस्टीटयूट 12 बंगला इटारसी में सम्पन्न हुआ।
समारोह के मुख्य अतिथि आद. बी.एच.गायकवाड गुरूजी राष्टीय सचिव एवं म.प्र.,छ.ग.एवं गुजरात राज्यो के पालक मंत्री मुंबई, प्रमुख अतिथि आद. इंजी धम्म रतन सोमकुंवर साहब ट्रस्टी एवं राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष भोपाल, विशेष अतिथि आद. चरनदास ढेंगरे जी, प्रदेश अध्यक्ष एवं केन्द्रीय शिक्षक बालाघाट म.प्र., बी.सी.सहारे जी प्रदेश कोषाध्यक्ष एवं केन्द्रीय शिक्षक भोपाल, आद.चिंतामन पगारे जी प्रदेश महासचिव भोपाल, आत्माराम गोलाईत प्रदेश  कोषाध्यक्ष भोपाल, नामदेव राव वानखेडे जिलाध्यक्ष होशंगाबाद म.प्र. एवं अन्य अतिथि मंचासीन थे। पी.सी. चौधरी सामाजिक कार्यकर्ता ईटारसी, वी.पी. झरवडे पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष म.प्र. बैतुल (आमला),एड हरीश लोनारे मप्र कमांडर SSD,एड संजय पाटिल असींटेट कमांडर SSD  भोपाल एवं होशंगाबाद, ईटारसी, भोपाल, बैतुल एवं अन्य स्थानों के भारी संख्या में अनुयायी उपस्थित हुये।
सामूहिक पूजा वंदना एवं अतिथियों के स्वागत उपरांत अतिथियों द्वारा उन्होंने उक्त विषय पर अपने अपने प्रबोधन किये। मुंबई से पधारे मुख्य अतिथि गायकवाड गुरूजी ने सारगर्भित रूप से अपनी बात रखते हुये परिवार के साथ सुखी एवम मंगलमय जीवन जीने के गुरू सिखाये । परिवार में  पति एवम पत्नी ने आपस मे तथा बच्चों व अन्य सदस्य के साथ कैसे आचरण करना चाहि आदि महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी तथा प्रत्येक इंसान को अपना एवं दूसरो का जीवन मंगलमय करने हेतु तथागत बुद्ध के सिंद्धांत पंचशील का पालन करना होगा। एक सभ्य मानव के जांचने (मापने) का यंत्र याने पंचशील है। संस्था के ट्रस्टी एवं राष्टीय कोषाध्यक्ष इंजी.धम्मरतन सोमकुंवर साहाब ने अपने सारगर्भित प्रबोधन के माध्यम से बताया कि संस्था का मुख्य उद्देश्य भारत देश में आदर्श बोद्ध समाज का निर्माण है। इसी की पूर्ति हेतु संस्था नियमित कार्यरत है। संस्था ने अभि हाल ही में बौद्ध जीवन पुस्तक पाठ का निर्माण किया है जो भारत के सभी बोैद्धो के उपयोग एवं धम्म प्रचार प्रसार में सहायक है। इसी अवसर पर मध्यप्रदेश राज्य शाखा के उर्जावान अध्यक्ष चरनदास ढंगरे जी ने अपने उदबोधन के माध्यम से बताया कि तथागत बुद्ध सम्राट अशोक एवं बोधिसत्व डॉ.बाबा साहब आंबेडकर जी ने हमे अपना स्वयं का जीवन मंगल करने हेतु धम्म प्रवर्तन कर मानवता वादी बौद्ध धम्म दिया है। इसकी सार्थकता तभी संभव होगी एवं हमारा जीवन मंगलमय तभी होगा जब हम बाबा साहब आंबेडकर जी द्वारा दी गई 22 प्रतिज्ञाओं का अपने जीवन में अक्षरश: पालन करेगें। इस कार्यक्रम के अध्यक्ष अंकोश घोडेस्वार अध्यक्ष इटारसी एवं स्वागत अध्यक्ष ईटारसी एवं सुनील डोंगरे अध्यक्ष न्यूयार्क इटारसी थे। कार्यक्रम का सफल संचालन गणेश कांबले एवं अशोक इंगले जी ने किया।इस कार्यक्रम को सफल बनाने कोषाध्यक्ष अरूण गंगावने उपाध्यक्ष,आनंदराव,कमल ऊबनारेआदि ने सहयोग किया।

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