85 साल की बेसहारा वृद्धा पड़ोसी के सहारे पहुंची बालाघाट कलेक्ट्रेट, कहा- रहने के लिए मकान का जीर्णोद्धार करा दें

 85 साल की बेसहारा वृद्धा पड़ोसी के सहारे पहुंची बालाघाट कलेक्ट्रेट, कहा- रहने के लिए मकान का जीर्णोद्धार करा दें


बालाघाट। वारासिवनी जनपद की ग्राम पंचायत भांडी के गांव केरा में 85 साल की बेसहारा वृद्धा पड़ोसियों के भरोसे अपना जीवन यापन किसी तरह कर रही है। उसका मकान क्षतिग्रस्त होने से वह पड़ोसियों के यहां एक कोना पकड़कर सो जाती है। उम्र के इस पड़ाव में एक वृद्ध पड़ोसी के साथ उक्त वृद्धा किसी तरह लाठी के सहारे कलेक्ट्रेट पहुंची तो आसपास में मौजूद लोग वृद्धा को जिज्ञासावश देखकर उसके आने का कारण भी पूछते नजर आए। यहां वृद्धा ने उसके क्षतिग्रस्त मकान का जीर्णोद्धार किए जाने की मांग कलेक्टर से की है।

परिवार में नहीं कोई वृद्धा का सहारा

85 वर्षीय वृद्धा को कलेक्ट्रेट लेकर पहुंचे पड़ोसी चुन्नीलाल चौरे 69 वर्षीय ने बताया कि वृद्धा केशर बाई वाहने के परिवार में अब कोई नहीं बचा है और वह करीब 25 से 30 वर्ष पुराने मकान में अकेले ही रहती थी, लेकिन पिछली बारिश में उसका मकान क्षतिग्रस्त हो चुका है, जिसके बाद से ही वह पड़ोसियों के भरोसे अपना जीवन गुजार रही है और पड़ोसियों के घर पर ही किसी स्थान पर सो जाती है। इसके चलते ही वे कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे हैं और उसके मकान का जीर्णोद्धार किए जाने की मांग की है, जिससे की वृद्धा गुजार कर सके। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में ठंडक अधिक पडऩे लगी है। ऐसे में वृद्धा को सुरक्षत व उचित स्थान की आवश्यकता है जिससे की वह स्वस्थ्य रह सके। उन्होंने बताया कि वृद्धा के मकान निर्माण के लिए पंचायत भी गए थे लेकिन पंचायत से ये कहकर उनकी मदद नहीं की गई कि उनके पास ऐसा कोई फंड ही नहीं है, जिसके चलते वृद्धा को अधिक परेशान होने के कारण कलेक्ट्रेट कार्यालय आना पड़ा है।

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