डबल मनी मामला ; एजेंट रामेश्वर का मिला अधजला शव, एक आरोपी गिरफ्तार

 डबल मनी मामला ; एजेंट रामेश्वर का मिला अधजला शव, एक आरोपी गिरफ्तार


बालाघाट. डबल मनी मामले में रुपए नहीं मिलने पर निवेशकों ने एजेंट रामेश्वर कर्राहे की हत्या कर दी। शव को पेट्रोल से जलाकर रिसेवाड़ा के गढ़माता मंदिर के जंगल में पहाड़ी के नीचे फेंक दिया। रविवार को कड़ी मशक्कत के बाद बहेला थाना पुलिस ने जंगल से अधजला शव बरामद किया। देर शाम शव का पीएम कराकर परिजनों को सौंप दिया। मर्ग कायम कर मामले को जांच में लिया। इस मामले में शिकायत के आधार पर पुलिस ने रविवार की सुबह ग्राम गोर्रे निवासी नरेन्द्र लिल्हारे के पुत्र विनय को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार आरोपी की निशानदेही पर ही पुलिस ने यह शव बरामद किया है। आरोपी से पुलिस पूछताछ कर रही है। प्रारंभिक पूछताछ में करीब 50 लाख रुपए के लेन-देन का मामला सामने आया है।

बहेला थाना प्रभारी दिनेश भंवर ने बताया कि 19 नवम्बर को ग्राम बोलेगांव निवासी दौलत पिता नीलचंद बागड़े ने अपने व रामेश्वर कर्राहे के अपहरण कर मारपीट करने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में दौलत ने थाना क्षेत्र के ग्राम गोर्रे निवासी नरेंद्र लिल्हारे, उसका पुत्र विनय लिल्हारे, चंदू भटेरे, विनोद भटेरे, सरोज भटेरे, सुजीत चंद्रिकापुरे सभी बोलेगांव निवासी और भानेगांव निवासी ऋषभ दोनाडकर ने अपहरण कर मारपीट किए जाने का उल्लेख किया था। शिकायत के आधार पर आरोपियों की खोजबीन शुरू की गई। इस दौरान नरेंद्र लिल्हारे के पुत्र विनय लिल्हारे को रविवार की सुबह गिरफ्तार किया गया। उससे पूछताछ की गई। जिसने रामेश्वर कर्राहे की हत्या कर उसका शव गढ़माता मंदिर से लगे जंगल की पहाडिय़ों में फेंके जाने की बात स्वीकार की।

1 घंटे की मशक्कत के बाद मिला शव

गिरफ्तार आरोपी के बयान के आधार पर एसडीओपी दुर्गेश आर्मो के मार्गदर्शन में बहेला पुलिस थाना प्रभारी दिनेश भंवर, लांजी थाना प्रभारी दिनेश सोलंकी अपने दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। शव की खोजबीन शुरू की। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस को गढ़माता मंदिर से पीछे 1 किमी दूर पहाड़ी के नीचे अधजली अवस्था में रामेश्वर कर्राहे का शव मिला। शव पहाड़ी से करीब 15 फीट नीचे फेंका गया था। जिसके चलते शरीर में चोट के निशान थे। सिर और गले में किसी धारदार हथियार से वार के निशान भी पाए गए है। शव 4 से 5 दिन पुराना होने की संभावना जताई जा रही है।

रायपुर जाने निकला था रामेश्वर, नहीं लौटा घर

मृतक रामेश्वर कर्राहे की धर्मपत्नी सुनीता कर्राहे ने बताया की 7 नवम्बर को उसका पति और उनका वाहन चालक दौलत बागड़े एक साथ रायपुर जाने की बात कहकर घर से निकले थे। जिनसे 13 नवंबर की शाम और 14 नवंबर की सुबह मोबाइल पर बातचीत हुई। जिसमें रामेश्वर ने रायपुर से लौटकर आमगांव गोर्रे में होने की बात कही थी। इसके बाद उनसे संपर्क नहीं हो पाया। 5 दिन बीत जाने के बाद भी रामेश्वर कर्राहे का फोन बंद आया। पति के साथ गए दौलत बागड़े घर लौट आया था।

सात दिनों तक रखा कैद में, मारपीट भी की

पीडि़त दौलत पिता नीलचंद बागड़े ने बताया कि बहेला थाना क्षेत्र के ग्राम गोर्रे के लोगों ने उनका अपहरण कर सात दिनों तक साथ में रखा। बहेला के जंगलों में ले जाकर उसे और रामेश्वर के साथ मारपीट किए, यातनाएं दी। घर लौटकर उसने इस मामले की शिकायत बहेला थाने में दर्ज कराई। दौलत बागड़े के अनुसार 7 नवम्बर को रामेश्वर को रायपुर से सुधीर चंद्रीकापुरे, नरेन्द्र लिल्हारे का कॉल आया था। जिसके आधार पर वे रायपुर गए थे। जहां पर सरोज भटेरे, चंदू भटेरे और ऋषभ दोनाडकर मिले। जिनके साथ रायपुर में डबल मनी मामले के ब्रोकर फारुख मेमन से भी मुलाकात हुई। जिसने एजेंट श्रवण मातरे को राशि देने की बात कही। इसके बाद पांचों लोग एक वाहन से ग्राम गोर्रे पहुंचे। जहां से सरोज भटेरे, चंदू भटेरे और ऋषभ दोनाड़कर अपने घर लौट आए। जबकि उसे और रामेश्वर को वहीं रोक लिया गया।

इनका कहना है

डबल मनी मामले से जुड़े एजेंट रामेश्वर कर्राहे और उसके वाहन चालक दौलत बागड़े का कुछेक लोगों ने पहले अपहरण किया। उनके साथ मारपीट की। रामेश्वर की मौत होने के बाद उसे शव को जलाकर जंगल में फेंक दिया। रविवार को पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर शव को बरामद किया है। प्रारंभिक पूछताछ में करीब 50 लाख रुपए के लेन-देन का मामला सामने आया है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।

-दिनेश भंवर, थाना प्रभारी बहेला

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