विधायक गौरीशंकर बिसेन झूठा श्रेय लेना बंद करें . प्रदीप जैसवाल

विधायक गौरीशंकर बिसेन झूठा श्रेय लेना बंद करें . प्रदीप जैसवाल

12 साल तक मंत्री रहें गौरी भाऊ ने जिले के लिए क्या किया, 3 साल के मंत्री रहते वारासिवनी का विकास देखिए 



बालाघाट। स्थानीय सर्किट हाउस में मध्यप्रदेश खनिज विकास निगम के अध्यक्ष एवं वारासिवनी के निर्दलीय विधायक प्रदीप जैसवाल ने एक प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुए मध्यप्रदेश आयोग अध्यक्ष गौरीशंकर बिसेन व बालाघाट विधायक की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जाहिर करते हुए आरोप लगाए, और एक के बाद एक लगातार  विकास कार्यों सहित अन्य गतिविधियों के बारे में जानकारी दी, वहीं उन्होंने पूर्व मंत्री गौरी भाऊ के 12 साल मंत्री पद के कार्यकाल की तुलना अपने तीन साल के मंत्री पद के कार्यकाल की तुलना की और दुसरो की महन्त को अपना श्रेय लेने वाला पागलपन कह दिए।

उन्होंने आगे कहा कि बालाघाट विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष गौरीशंकर बिसेन द्वारा दूसरो के क्षेत्र में हस्तक्षेप कर अपनी राजनीतिक दुकानदारी चलाने के लिये इनके द्वारा हर कार्य का श्रेय खुद लेने के कारण विरोधाभास की स्थितियां उत्पन्न हो रही है। जिसके कारण प्रशासनिक व्यवस्था भी चरमरा गई है। अधिकारी पर अपने पद का अनावश्यक दबाव डाल कर ये उन्हें दूसरे विधायकों के क्षेत्र में कार्य नहीं करने दे रहे है। हाल ही में मेरे प्रयासों से मेरे विधानसभा क्षेत्र जागपुर से बालाघाट के मध्य वैनगंगा नदी पर वर्षो पुरानी मांग को पुरी करते हुए पुल निर्माण की स्वीकृति दिलाई गई है, परन्तु इसका श्रेय बिसेन द्वारा वारासिवनी के पूर्व विधायक को देना पूर्ण रूप से गलत है। 

विकास से कोसों दूर हैं गौरी भाऊ

आयोग अध्यक्ष गौरीशंकर बिसेन के राजनिति कार्यकाल को लेकर विधायक प्रदीप जायसवाल ने कहा कि वे 7 बार विधायक, दो बार सांसद और 12 साल मंत्री रहे। इनके द्वारा अपने विधानसभा क्षेत्र में ऐसे कोई उल्लेखनी कार्य नहीं किये गये जो इनकी पहचान को अलग करते हो। क्षेत्रीय विकास कमजोर होने के कारण जनता को अनेक तरह की असुविधाओं का सामना करना पड़ता है। विधायक बिसेन द्वारा 10 वर्ष पहले शक्कर कारखाना खोले जाने की बात कही गई थी जो आज तक नहीं खोला गया। इसी तरह मेडिकल कॉलेज खोलने की भी बात का भी प्रपोगंडा किया गया था जिसका कोई अता पता नहीं है। बालाघाट नगर में करोड़ो रूपयों की लागत से निर्माण होने वाली नल जल योजना भी अधूरी पड़ी है। नगर में ओवरब्रिज निर्माण की बातें इनके द्वारा की जा रही है जबकि वास्तविक यह है कि सरेखा में ओवरब्रिज निर्माण हेतु मैं जब मंत्री था उस समय इसके प्रयास किये गये थे। इसी तरह एस्ट्रोटर्फ हाकी मैदान के प्रयास भी हमारे द्वारा किये गये और उसका श्रेय ये ले रहे है। ऐसे अनेक कार्य है जिसका झूठा श्रेय लेकर विधायक बिसेन जनता को भ्रमित कर रहे है। इतना ही नहीं विधायक बिसेन द्वारा अधिकारियों पर अनावश्यक दबाव डालकर दूसरे विधायकों के क्षेत्र के काम को प्रभावित किया जाता है।

मंत्री रामकीशोर का भी हो रहा अपमान

उन्होंने आगे कहा कि आयोग अध्यक्ष गौरीशंकर बिसेन के द्वारा शासकीय कार्यक्रमों में भी इनके द्वारा राज्य मंत्री रामकिशोर कावरे को भी अनेक मौकों पर उचित सम्मान न देकर उन्हें अपमानिक किया जाता है। मंत्री रहते हुए भी कार्यक्रमों में विषेश अतिथि बनाया जाता है लेकीन वह कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होना चाहिए, और  कार्यक्रमों के मुख्य अतिथि गौरी भाऊ होते हैं, यह प्रोटोकॉल का उलंघन हो रहा है। झूूठी वाहीवाही लेने और शब्दों का जमा खर्च से ज्यादा विधायक बिसेन के पास कुछ नहीं है। 

गौरी भाऊ की सीएम को करूंगा शिकायत

विधायक जैसवाल ने कहा कि बिसेन द्वारा अन्य विधायकों के क्षेत्र में जिस प्रकार से हस्तक्षेप कर कार्यो को प्रभावित करने का कार्य किया जा रहा है इससे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पूरी तरह से अवगत करा दिया गया है और उन्होने आश्वस्त किया है कि वह इस पर शीघ्र ही रिपोर्ट तलब करेगें क्योंकि इनके हस्तक्षेप से प्रशासनिक व्यवस्था लडखड़ा रही है और जिले में जनहित से जुड़े विकास के कार्य प्रभावित हो रहे है। अपने आप को सुप्रीम बताने के चक्कर में ये अधिकारियों पर सार्वजनिक रूप से अभद्र भाषा का उपयोग भी करते है। इसी तरह की अनेक विषमतायें है जिसके कारण अनावश्यक रूप से विवादास्पद स्थितियां उत्पन्न हो रही है। धैर्य संयम की सीमा जब पार होती है तो विपरीत परिस्थितियों का निर्माण होता हैं। आपका विधानसभा क्षेत्र बालाघाट है आप उसकी बात छोड दूसरे के विधानसभा क्षेत्र में जाकर जिस प्रकार का कार्य अवरोध कर रहे है, झूठा श्रेय ले रहे है। अधिकारियों पर अनावश्यक दबाव डालकर कार्य को प्रभावित कर रहे है इन सबकी हम घोर निंदा करते है और अपेक्षा करते है कि सीनियर विधायक की तरह बिसेन अपना व्यवहार करेगें जिससे की विवादास्पद परिस्थितियों का निर्माण न हो। 

योजनाओं को अमलीजामा पहनने में देरी हो गई

बालाघाट नगर में अनेक महत्वपूर्ण कार्य की पहल मेरे द्वारा की गई थी,चूंकि कमलनाथ सरकार 15 माह में ही सत्ता से बाहर हो गई इस कारण उस समय के जो प्रस्ताव थे उसको अमलीजामा पहनने में देरी हो गई। मैं निर्दलीय विधायक के रूप में प्रदेश की भाजपा सरकार को अपना समर्थन दे रहा हॅूए इस कारण मेरी प्राथमिकता वारासिवनी विधानसभा क्षेत्र का सर्वांगीण विकास है और उसी को मैं आधार बनाकर कर कार्य कर रहा हॅॅू। मैं किस पार्टी से चुनाव लडूगा यह समय आने पर सब को पता चल जायेगा। फिलहाल मेरी प्राथमिकता जो समय बचा है उसमें अधिक से अधिक जनहित से जुडे विकास कार्य वारासिवनी विधानसभा क्षेत्र में सम्पन्न कराने की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा वारासिवनी विधानसभा क्षेत्र के अनेकों जनहित के कार्यो के लिये जो आबंटन प्रदान किया गया है उससे निश्चित रूप से इस क्षेत्र में विकास की नई बहार जनता को देखने मिलेगी और वर्षो पुरानी लंबित समस्याओं का स्थायी समाधान हो जायेगा।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.