आधा दर्जन से ज्यादा गांवों में दहशत, दिन में किया जा रहा धान मिसाई का काम

 आधा दर्जन से ज्यादा गांवों में दहशत, दिन में किया जा रहा धान मिसाई का काम



बालाघाट। वन परिक्षेत्र वारासिवनी अंतर्गत नांदगांव में दो दिसंबर को दोपहर ढाई बजे एक महिला पर खेत में बाघ ने हमला कर दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई। उसके बाद से नांदगांव सहित आधा दर्जन से अधिक गांवों में बाघ की दहशत बनी हुई है। किसानों ने धान मिसाई का कार्य दिन में शुरू कर दिया है। इधर वन विभाग ने किसानों को शाम के पहले खेतों से घर लौट जाने के निर्देश दिए है। ऐसे हालत में धान मिसाई का कार्य प्रभावित हो रहा है और वन कर्मियों द्वारा लगातार गश्ती की जा रही है।

वन परिक्षेत्र वारासिवनी के रमरमा, सिलेझरी, नगझर, शेरपार, नांदगांव, कटंगझरी, बोटेझरी सहित अन्य गांवों के जंगल वन परिक्षेत्र दक्षिण सामान्य लालबर्रा के सोनेवानी, चिखलाबड़ी, नवेगांव से जड़े है और ये पूरे सिवनी पेंच, कान्हा राष्ट्रीय उद्यान के कारीडोर से लगे होने से यहां पर बाघ, तेंदुए, बायसन, भालू, नीलगाय, चीतल, सांभर समेत अन्य वन्यप्राणी बहुतायत में है,जो विचरण करते हुए वन परिक्षेत्र वारासिवनी से लगे जंगलों में आ जाते है।इस क्षेत्र में भी घने जंगल होने से अधिकांश वन्यप्राणी इसी क्षेत्र में है।ये वन्यप्राणी गांवों व खेतों में आने से किसानों का जीना मुश्किल हो गया है।नांदगांव में दो दिसंबर को खेत में कृषि कार्य करने गई एक महिला पर बाघ ने हमला कर दिए जाने से मौत हो गई।उसके बाद से नांदगांव सहित आसपास गांवों के लोग डरे हुए है।

धान मिसाई का कार्य रात में बंद:

नांदगांव सरपंच विजय सहारे ने बताया कि पहले किसान रात में धान की मिसाई का कार्य करते थे लेकिन अब वन्य प्राणियों की संख्या बडऩे की वजह से खेतों व गांवों तक बाघ विचरण करते हुए आ जाते है।इससे किसानों ने रात में धान मिसाई कार्य करना बंद कर दिन में शुरू कर दिया है।क्योंकि धान मिसाई कार्य में बैलगाड़ी में उपयोग लिए जाने वाली बैलजोड़ी को भी रात में खेतो रखना पड़ता है।ऐसे में यदि बाघ द्वारा शिकार कर लिया जाता है तो किसानों की आफत बढ़ जाएगी।इसी वजह से किसान दिन में धान मिसाई कर शाम पांच बजे के पहले खेत से मवेशियों को लेकर अपने घर पहुंच रहे है।

बाघ ने अब तक इतनों को बनाया शिकार

- 30 नवंबर को ग्राम बोटेझरी में दो पालतू मवेशियों का किया शिकार।

- दो दिसंबर को ग्राम नांदगांव में एक महिला पर हमला करने से मौत हो गई।

- चार दिसंबर को ग्राम झालीवाड़ा में दो मवेशियों का शिकार।

इन गांवों में दहशत

नांदगांव में हुई घटना के बाद से सिरपुर, नगझर, रमरमा, शेरपार, पांढरटोला, कटंगझरी, नैतरा, पिपरटोला, कन्हारटोला, झालीवाड़ा, सिर्रा, बोटेझरी, बोदलकसा सहित अन्य गांवों में दहशत का माहौल होने से धान कटाई से लेकर मिसाई कार्य प्रभावित हो गया है।

नांदगांव में दो दिसंबर को बाघ ने एक महिला पर हमला कर दिया था,जिसके बाद से नांदगांव सहित आसपास के गांवों में दहशत की जा रही है।बाघ का मूवमेंट जानने के लिए जगह बदलकर सेंसर कैमरे लगाए जा रहे है।गांवों में मुनादी कराकर लोगों को खेतों या फिर सूनसान जगह में समूह नहीं जाने की सलाह दे जा रहे है।यदि आवश्यक कार्य से जाना होता है तो समूह में जाने कहा गया है।हालांकि बाघ का मूवमेंट चार दिनों से इस क्षेत्र में नहीं है।फिर भी वन कर्मियों द्वारा टास्क फोर्स रोस्टर के अनुसार गश्ती की जा रही है।किसानों को शाम के पहले खेत छोडऩे कहा गया है।-हर्षित सक्सेना, प्रभारी वन परिक्षेत्र अधिकारी वारासिवनी।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.