बाघ की खाल के साथ आठ आरोपित गिरफ्तार

 बाघ की खाल के साथ आठ आरोपित गिरफ्तार



बालाघाट,वारासिवनी। वारासिवनी व लालबर्रा के वन अमले ने बाघ की खाल तस्करी मामले में आठ आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इसमें से पांच आरोपितों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। तीन आरोपितों को रिमांड पर लिया है।

जानकारी के अनुसार शनिवार की दरमियानी रात तीन आरोपित लालबर्रा से सिवनी राज्य मार्ग 26 पर पडऩे वाले ग्राम सिहोरा में बाघ नर उम्र करीब चार वर्ष की खाल लेकर घूम रहे थे। मुख्य वन संरक्षक उडऩदस्ता प्रभारी परिक्षेत्र अधिकारी धर्मेंद्र बिसेन को मुखबिर से सूचना मिलने पर टीम के साथ मौके पर पहुंचकर घेराबंदी कर हिरासत में लिया गया।

पकड़े गए आरोपितों में पंडा बुधराम पुसाम पिता नोहर पुसाम 40 वर्ष ग्राम तेलई तहसील नैनपुर जिला मंडला, संजीत पिता चमर सिंह कुशराम 28 वर्ष ग्राम गुनेगांव थाना क्षेत्र बम्हनी व दलपत पिता धीर सिंह उइके 28 वर्ष ग्राम माली थाना क्षेत्र महाराजपुर निवासी है।इनके कब्जे एक बाइक भी जब्त की है। वहीं एक अन्य आरोपित मौके से बाइक लेकर फरार हो गया।

पूछताछ में पांच आरोपित को भी किया गिरफ्तार

पकड़े गए तीनों आरोपितों से वारासिवनी वन परिक्षेत्र कार्यालय लाकर पूछताछ की गई।आरोपितों द्वारा मामले में शामिल अन्य आरोपितों को रविवार उसी स्थान में पहुंचने की बात बताई गई।रविवार दोपहर वन अमले द्वारा ग्राम सिहोरा के पास पुन: दबिश देकर धनेश पिता राखी पंद्रे 50 वर्ष ग्राम जैदपुर थाना क्षेत्र बम्हनी जिला मंडला, चमर सिंह पिता जीनाराम कुशवाह 45 वर्ष ग्राम ककइया थाना क्षेत्र बम्हनी जिला मंडला, हेमराज पिता अमर सिंह टेकाम 27 ग्राम सुरखी थाना क्षेत्र खटिया जिला मंडला, चरण पिता गिरान मरावी 30 ग्राम मानिकपुर थाना अंजनिया जिला मंडला, नैनसिंह पिता जिनाराम कुशराम 45 वर्ष ग्राम गुनेगांव थाना बम्हनी जिला मंडला को गिरफ्तार किया गया।जिनके पास से एक बाइक जब्त की है।आरोपितों के विरूद्ध वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

इनकी ली रिमांड

वन विभाग ने आरोपित बुधराम पुसाम, धनेश पंद्रे व चमर सिंह कुशवाह को पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया है।आरोपितों से पूछताछ में अन्य आरोपितों के शामिल होने की आशंका है।आरोपितों को पकडऩे में मुख्य वन संरक्षक उडऩदस्ता प्रभारी परिक्षेत्र अधिकारी धर्मेंद्र बिसेन, उपवन क्षेत्रपाल शिशुपाल गनवीर, वन परिक्षेत्र सहायक राजेंद्र बिसेन, अशोक भालाधरे, वनरक्षक सौरभ यादव, वनरक्षक नरेंद्र कुमार शेंडे, रूपेंद्र सिंह परमार, रविंद्र लड़कर, कुंवरलाल नगपुरे, भूपेंद्र वासनिक के अलावा वारासिवनी व लालबर्रा वन अमले का योगदान रहा।

इनका कहना

मुखबिर की सूचना पर पहले तीन आरोपितों को बाघ की खाल के साथ पकड़ा गया।इसके बाद दोपहर में पांच और आरोपित उसी जगह से पकड़े गए।जिसमें से पांच को जेल भेज दिया गया है।तीन आरोपितों को पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया गया है।

धर्मेंद्र बिसेन, मुख्य वन संरक्षक उडऩदस्ता प्रभारी परिक्षेत्र अधिकारी।

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