सोनेवानी को अभयारण्य बनाया तो बढ़ जाएंगे बाघ के हमले, बेरोजगार हो जाएंगे ग्रामीण

 सोनेवानी को अभयारण्य बनाया तो बढ़ जाएंगे बाघ के हमले, बेरोजगार हो जाएंगे ग्रामीण


बालाघाट. लालबर्रा वन परिक्षेत्र के अंतर्गत सोनेवानी अभयारण्य के प्रस्ताव का विरोध ग्रामीणों ने किया है। गुरुवार को जल, जंगल, जमीन, संरक्षण, मूलनिवासी संघर्ष संघ बालाघाट के तत्वावधान ग्रामीणों ने लालबर्रा से रैली निकाली। रैली विभिन्न गांवों का भ्रमण करते हुए जिला मुख्यालय पहुंची। जहां पर राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन कलेक्टर, वन विभाग के अधिकारी और जिला पंचायत अध्यक्ष को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने सोनेवानी अभयारण्य के प्रस्ताव को निरस्त करने की मांग की है। उनका कहना है कि सोनेवानी अभयारण्य बन जाता है तो ग्रामीण बेरोजगार हो जाएंगे। मूलभूत सुविधाओं से ग्रामीणों को वंचित होना पड़ेगा। इस प्रदर्शन में लालबर्रा क्षेत्र की एक दर्जन से अधिक पंचायतों के ग्रामीण शामिल हुए। ग्रामीणों ने जल, जंगल, जमीन, मानव बचाने की अपील की है।

संघ पदाधिकारियों ने बताया कि जिले के वारासिवनी, लालबर्रा, कटंगी ब्लॉक सहित सिवनी के बरघाट ब्लॉक के कुछ हिस्से को मिलाकर सोनेवानी को अभयारण्य प्रस्तावित किया गया है। जबकि सोनेवानी वन क्षेत्र छोटा है। जैव विविधता की कमी है। इस इलाके में बाघों के लिए शिकार की कमी है। बाघ आस-पास के गांव में पालतु मवेशियों का शिकार कर रहा है। बाघ ने पिछले कुछ दिनों में वारासिवनी, लालबर्रा, सिवनी के बरघाट में तीन लोगों पर हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया है। ऐसे में अभयारण्य बनाए जाने से बाघ के हमले और तेज हो जाएंगे। जिसके कारण ग्रामीण काफी चिंतित हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि सोनेवानी को अभयारण्य बनाए जाने से जिले के लालबर्रा क्षेत्र अंतर्गत कंजई, भांडामुर्री, धारावासी, मानुटोला, मौसमी, रानुकुठार, देवगांव, पंडरापानी, रानीटोला, गणेशटोला, बीजाटोला, गनखेड़ा, बघोली, सोनेवानी, टेकाड़ी, नवेगांव, चिखलाबड्डी, चिचगांव, साल्हे, खैरगोंदी, बोरी, मोहगांव बोरी, बहियाटिकुर, बल्हारपुर, खोटुटोला, चितालटोला, गारापुरी, खुरसोड़ी, कौड़ीटोला, नैतरा, पिपरिया, कटंगझरी, पटेलटोला, रमरमा, नगझर, सिर्रा, टेकाड़ी, नांदगांव, भजियापार, चिरचिरा सहित अन्य ग्राम प्रभावित होंगे। इसी तरह सिवनी जिले के ग्राम पंचायत आष्टा, अंतरा, अंखीवाड़ा, जाम, पांडरवानी, गोंडेगांव, सैला, मऊ, बेहरई सहित अन्य गांव भी प्रभावित होंगे।

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